पीएमटी घोटाला : दो चिकित्साधिकारी सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज
पीएमटी घोटाला : दो चिकित्साधिकारी सहित चार आरोपियों की जमानत खारिजसांकेतिक चित्र

पीएमटी घोटाला : दो चिकित्साधिकारी सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : विशेष सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने पीएमटी घोटाले के चार आरोपियों के अग्रिम जमानत आवेदन को शुक्रवार को निरस्त कर दिया है।

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। विशेष सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने पीएमटी घोटाले के चार आरोपियों के अग्रिम जमानत आवेदन को शुक्रवार को निरस्त कर दिया है। चार में से दो आरोपित शासकीय अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। चारों आरोपितों पर चिरायु मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम देने का आरोप है। इन्होंने सीट खरीदकर एमबीबीएस की थी।

चिरायु मेडीकल कॉलेज में शासन कोटे की 63 सीटे थीं। वर्ष 2011 में 47 सीटों को गलत तरीके से खाली रखा गया। चिरायु के प्रबंधन ने मोटी रकम लेकर इन सीटों को बेच दिया। ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया, जिन्होंने काउंसलिंग में भाग ही नहीं लिया था। व्यापम कांड के खुलासे के वक्त झांसी रोड थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद एसआईटी तीन लोगों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी। वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने पांच साल इस मामले की जांच की। इस दौरान जांच में 57 नए आरोपित बनाए गए। सरकारी कोटे की सीट छोडऩे वाले, सीट खरीदने वाले, चिरायु मेडीकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी तथा बिचौलियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए। गत दिवस 60 लोगों के खिलाफ चालान पेश कर दिया। आरोपितों को अब न्यायालय में उपस्थित होना है। वहीं दूसरी और शुक्रवार को उच्च न्यायालय में सात जमानत याचिकाओं की सुनवाई थी। इन याचिकाओं की सुनवाई अब 11 जनवरी को होगी।

इन आरोपितों की जमानत याचिका हुई खारिज :

  1. डॉ. धर्मेन्द्र कुमावत निवासी दादू (राजस्थान) वर्तमान में राजस्थान के शासकीय कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के प्रभारी हैं। राजस्थान से एमबीबीएस की थी। एमबीबीएस की डिग्री के दौरान मप्र में भी पीएमटी दी थी। काउंसलिंग में चिरायु मेडीकल कालेज में सीट एलोट कराई थी। आखिरी समय पर इसे छोड़ दिया। सीट छोड़ने के बदले चिरायु प्रबंधन से मोटी रकम ली थी।

  2. डॉ. सलमान हसन वर्तमान में इटारसी के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकीय पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने चिरायु कालेज से सरकारी कोटे की सीट खरीदकर एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। ये काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए थे। इनके खलाफ चालाना पेश हो चुका है।

  3. डीडी नगर ग्वालियर निवासी विजय सिंह भदौरिया व सोलंकी कॉलोनी, खरगोन निवासी दीक्षा चाचरिया ने चिरायु मेडीकल कालेज में सीट खरीद कर एमबीबीएस की थी। सीट खरीदने के बदले में चिरायु को मोटी रकम दी थी।

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