क्राइम ब्रांच भोपाल की कार्यवाही, फर्जी ट्रांसफर कराने वालों को किया गिरफ्तार
फर्जी ट्रांसफर कराने वालों को किया गिरफ्तारराज एक्सप्रेस, संवाददाता

क्राइम ब्रांच भोपाल की कार्यवाही, फर्जी ट्रांसफर कराने वालों को किया गिरफ्तार

बालाघाट, मध्यप्रदेश : जिले में चल रहे थे फर्जी ट्रांसफर कराने मामले में क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा बालाघाट में कार्यवाही की गई है जहां पर जिले के लगभग 8 आरोपियों के गैंग को गिरफ्तार किया गया है।

हाइलाइट्स :

  • जिले के आरोपी फर्जी ट्रांसफर कराने मामले में गिरफ्तार

  • 8 आरोपियों ने 34 कर्मचारियों का कराया था फर्जी ट्रांसफर

बालाघाट, मध्यप्रदेश। जिले में चल रहे थे फर्जी ट्रांसफर कराने मामले में क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा बालाघाट में कार्यवाही की गई है जहां पर जिले के लगभग 8 आरोपियों के गैंग को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आरोपियों के द्वारा लगभग 34 कर्मचारियों का फर्जी ट्रांसफर किया गया है। जिसका भोपाल क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है।

लांजी तहसील का है आरोपी :

राज्य सरकार के अधीनस्थ आने वाले कर्मचारियों से मोटी रकम ऐठकर उनका फर्जी तरीके से स्थानांतरण करने वाले मामले का क्राइम ब्रांच भोपाल ने खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए 8 आरोपियों में से एक आरोपी लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम उमरी से गिरफ्तार किया गया है जिसका नाम ग्राम उमरी निवासी 40 वर्षीय राम प्रसाद पिता सटकुलाल जोशी बताया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी के पिता शिक्षक थे जबकि आरोपी राम प्रसाद जोशी और उनकी माताश्री श्रीमती अनुसैया जोशी पूर्व जनपद सदस्य हैं। राजनीति में पकड़ अच्छी होने और ठगी गैंग में खासी पैठ होने के बलबूते पर आरोपी राम प्रसाद जोशी गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कर्मचारियों के फर्जी तरीके से ट्रांसफर कराने का काम करता था। इस पूरी वारदात का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच भोपाल ने राम प्रसाद जोशी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के यहां चपरासी रह चुका है वहीं दूसरा रायसेन से बीजेपी विधायक रामपाल सिंह के घर पर कुक का काम करता था,वही एक आरोपी कथित तौर पर राजगड़ से बीजेपी संसाद नागर रोडमल का सांसद प्रतिनिधि, एक शिक्षा विभाग का भृत्य सहित अन्य का समावेश है मामले का खुलासा होते ही क्राइम ब्रांच टीम ने फर्जीवाड़ा से जुड़े सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर भा.द.वी धारा 419, 420, 665, 466, 468, 471 और 120 बी सहित अन्य संबधित धाराओं के तहत मामला कायम कर सभी आरोपियों को भोपाल न्यायालय में पेश किया जहां माननीय न्यायालय ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

फर्जी तरीके से 34 कर्मचारियों के करा चुके है ट्रांसफर :

फर्जी तरीके से कर्मचारियों के ट्रांसफर कराने वाले मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अब तक कुल 34 कर्मचारियों का ट्रांसफर कराया है जबकि 30 अन्य कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए प्रपोजल भेजे गए थे विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों ने अब तक शिक्षा विभाग के 30, दो नायाब तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग के 2 कर्मचारी सहित कुल 34 कर्मचारियों का फर्जी तरीके से स्थानांतरण कराया है जबकि कई लोगों के ट्रांसफर की अर्जी सीएम हाउस पहुंचाई थी।

सीएम हाउस में पकड़ी गई थी फर्जी नोटशीट :

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों से मोटी रकम वसूल कर उनका फर्जी तरीके से स्थानांतरण करने वाला यह गिरोह फर्जी नोटशीट, फर्जी स्टांप, विधायक और सांसद के फर्जी लेटरपेड पर फर्जी अनुशंसा के आधार पर सीएम हाउस में ट्रांसफर के लिए नोटशीट भेजते थे और फर्जी तरीके से कर्मचारियों का ट्रांसफर करा लेते थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को सीएम हाउस में ट्रांसफर के लिए पहुंची फर्जी नोटशीट पकड़ी गई जिसकी सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच भोपाल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी जहां 30 कर्मचारियों में से 9 कर्मचारियों से की गई पूछताछ में फर्जीवाड़ा गैंग के एक आरोपी का नाम सामने आया जिस को गिरफ्तार करने पर एक के बाद एक आरोपियों की परत खुलती गई। जिसमें लांजी के ग्राम उमरी निवासी आरोपी राम प्रसाद जोशी सहित मामले से जुड़े सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

यह हैं आरोपी :

फर्जी नोटशीट के आधार पर कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने वाले आरोपियों में लांजी तहसील के ग्राम उमरी निवासी राम प्रसाद जोशी, सुनहरी बाग निवासी रामप्रसाद राही उर्फ गुप्ता, नेहरू नगर भोपाल निवासी लखनलाल धाकड़, शिक्षा विभाग भोपाल माइल स्कूल भृत्य रामगोपाल पाराशर, नेहरू नगर निवासी रामकृष्ण राजपूत, न्यू मार्केट भोपाल फोटोकॉपी स्टेशनरी दुकान संचालक दशरथ सिंह राजपूत, भारतीय जनता पार्टी राजगढ़ सांसद नागर रोडमल के कथित सांसद प्रतिनिधि लालसिंह राजपूत और एमपी ऑनलाइन दुकान संचालक कमल कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास में क्राइम ब्रांच की टीम ने विधायकों के साथ-साथ दूसरे जनप्रतिनिधियों की खाली नोटशीट, लेटर हेड सील सहित अन्य सामग्री भी जप्त की है।

मंत्री विधायक बंगले के आसपास करते थे डील :

बताया जा रहा है कि कंप्यूटर ऑपरेशन की मदद से ये लोग ट्रांसफर लेटर टाइप करवाते थे। इसके बाद दूसरे आरोपियों की मदद से फर्जी डिस्पैच नंबर डालकर कर्मचारी से मोटी रकम ऐंठते थे, चिट्ठी और नोटशीट तैयार होने के बाद इसे वल्लभ भवन की इनवॉर्ड ब्रांच के बॉक्स में डालकर उसकी रसीद ले लेते थे। चालाक ठग कर्मचारियों को विश्वास दिलाने के लिए मंत्रियों और विधायकों के आवास के बाहर डील करते। बताया जा रहा है कि इन फर्जी नोटशीट के जरिए अब तक 30 कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए फर्जी प्रपोजल भेजे जा चुके है।पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना राम गोपाल पाराशर है। वह विधायक के बंगले में कुक का काम कर चुका है।

इनका कहना है :

फर्जी ट्रांसफर कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें से एक आरोपी बालाघाट लांजी का है सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल रवाना कर दिया गया है इस पूरे मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

करण सिंह, निरीक्षक इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच भोपाल

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