अनूपपुर : भतीजे की भूमि को हड़पने की तैयारी में चाचा
भतीजे की भूमि को हड़पने की तैयारी में चाचा
Shrisitaram Patel

अनूपपुर : भतीजे की भूमि को हड़पने की तैयारी में चाचा

अनूपपुर, मध्यप्रदेश : भाई के मौत के बाद पट्टे की भूमि में अरूण ने किया एकाधिकार का प्रयास। मामला सामतपुर स्थित मनोज की भूमि में हुये आपसी बंटवारे का।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। जिस भाई ने अरूण की मदद करके उसे खुशनुमां जिंदगी दी, आज उसकी मौत के बाद अपने भतीजों की मदद करना छोड़ उनकी ही संपत्ति को हड़पने की तैयारी कर रहा है, इंजीनियर स्वर्गीय मनोज ने अपने छोटे भाई अरूण को घर, किराया और बेरोजगारी के दौर में सहायता किया था, उसे भूल कर अचल संपत्ति के लिए अपनी भाभी, दो छोटे-छोटे भतीजों को सड़क पर खड़ा कर दिया।

सामतपुर वार्ड नंबर 1 स्थित आराजी खसरा नंबर 42/1/क/1 के भूमि स्वामी मनोज की मौत के बाद उसके पुत्रों के हक में आने वाली जमीन पर उनके चाचा अरूण सिंह के द्वारा एकाधिकार जमाते हुये खुले तौर पर डांका डाला जा रहा है, जबकि मामले में मनोज सिंह के रहने के दौरान हुये बंटवारे में बकायदे राजस्व दस्तावेज में हिस्सों का उल्लेख हुआ है। उसके बाद भी अरूण सिंह के द्वारा दबंगतापूर्ण भतीजों के हक में आने वाली भूमि में कब्जा जमाया जा रहा है, बुधवार को मौके पर पहुंचकर राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने पुलिस अमले की उपस्थिति में निरीक्षण करते हुये पंचनामा तैयार किया।

यह है मामला :

जिला मुख्यालय से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर ग्राम पटनाकला के रहने वाले मनोज सिंह व उनके भाईयों में राजकुमार सिंह व अरूण सिंह ने मिलकर अनूपपुर नगरपालिका क्षेत्र के सामतपुर स्थित आराजी खसरा नंबर 42/1/क/1 की भूमि साल 2004 में मिलकर क्रय की। जिसके बाद बटनवारे में प्रत्येक भाईयों के हिस्सों में बटांक के रूप में राजस्व अभिलेखों में भूमि दर्ज की गई। इसके बाद मनोज सिंह अपने कार्य क्षेत्र नोयडा दिल्ली में रहने लगे, वहीं उनके भाई राजकुमार सिंह बिजुरी में कार्यरत हैं व संतोष सिंह अनूपपुर पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में सबसे छोटे भाई अरूण सिंह को भूमि के रखवाली की जिम्मेदारी सभी ने मिलकर दे दी। साल दर साल सिलसिला ठीक ठाक चलता रहा। अचानक कोरोना संकट काल में मनोज सिंह अपने कार्य क्षेत्र नोयडा दिल्ली में कोरोना संक्रमण का शिकार हो गये और 19 अप्रैल 2021 को कोरोना की महामारी से उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद अब उनकी पत्नि एवं दोनों बेटे पिता की संपत्ति पर अपना अधिकार मांगने के लिये पहुंचे तो रखवाली करने वाले चाचा ने उसके पहले ही उनके हिस्से पर कब्जा जमा लिया, जिसकी वजह से आज उन्हें पिता की खरीदी हुई संपत्ति को पाने के लिये जहां अपने चाचा से लडना पड रहा है वहीं शासकीय कार्यालयों का चक्कर भी काटना पड़ रहा है।

विश्वास पर आघात :

ग्राम पटनाकला के रहने वाले मनोज सिंह दिल्ली के नोयडा में पवन हंस हेलीकॉप्टर लिमिटेड में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे, ऐसे में उनके द्वारा अनूपपुर के सामतपुर में ली गई भूमि बेरोजगार रहे छोटे भाई अरूण सिंह को सुरक्षा की जिम्मेदारी देते हुये किरायेनामे से उनके आय का श्रोत बनाया था, लेकिन अरूण सिंह पर बडे भाई मनोज सिंह के द्वारा किया गया विश्वास अब उनके न रहने के बाद आघात में बदलता दिखाई दे रहा है, जिसकी बानगी अरूण सिंह ने पिता के भूमि पर अधिकार मांगने पहुंचे अपने दोनो भतीजों को बेघर कर जताया है।

बंटवारे में दी थी सहमति :

बीते वर्षो में मनोज सिंह के जीवित रहते सभी भाईयों के बीच आपसी सहमति से बंटवारा किया गया था। सभी अपने हिस्सों को लेकर राजी खुशी थे, लेकिन मनोज के मौत के बाद अरूण सिंह ने अपनी नजर उक्त हिस्से पर डाल दी, जबकि मनोज सिंह के द्वारा भूमि क्रय के समय भूमि की कीमत अदा की थी, इसके साथ ही जिस भूमि पर मकान निर्मित है उस मकान को बनवाने में भी नगद के रूप में मदद किया था, लेकिन अरूण सिंह के द्वारा यह सब भूलकर अपनी ही भाई की संपत्ति को हड़पने का इरादा बना लिया। जबकि मनोज के अन्य भाई हुये बटनवारे पर आज भी कायम है और अपने भतीजों को न्याय दिलाना चाह रहे हैं।

तीन पक्षों में हुआ था विभाजन :

आपसी राजीनामा विभाजन पत्र के अनुसार प्रथम पक्ष के रूप में राजकुमार सिंह के हिस्से में आराजी खसरा नंबर 42/1/क/1 रकवा 0.112 हेक्टेयर से पश्चिम दिशा में अंतिम छोर से 59 फीट पूर्व पश्चिम व 44 फीट उत्तर दक्षिण एवं उस पर बने मकान सहित भूमि इनके हिस्से में आयी थी। द्वितीय पक्ष के रूप में मनोज कुमार सिंह आराजी खसरा नंबर 42/1/क/1 रकवा 0.112 हेक्टेयर के पूर्व दिशा में कोतमा-अनूपपुर रोड से लगी 75 फीट पूर्व पश्चिम व 44 फीट उत्तर दक्षिण भूमि द्वितीय पक्ष की होगी। तृतीय पक्ष के रूप में अरूण कुमार सिंह पिता स्व0 प्रताप सिंह को आराजी खसरा नंबर 42/1/क/1 रकवा 0.112 हेक्टेयर के मध्य भाग में 84 फीट पूर्व पश्चिम व 44 फीट उत्तर दक्षिण की भूमि व उस पर बने दो मंजिला भवन सहित भूमि तृतीय पक्ष के हिस्से में रहेगी।

इनका कहना है :

आपसी राजीनामा विभाजन पत्र के अनुसार बटनबारा हो चुका है, अरूण अनावश्यक रूप से विवाद उत्पन्न कर रहा है, मनोज के पुत्रों को उनका हक मिलेगा, हमने मौका देखकर पंचनामा तैयार कर लिया है, आगे की कार्यवाही की जा रही है।

राम सिंह धुर्वे, राजस्व निरीक्षक, तहसील अनूपपुर

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