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फिल्म 'मैदान' का फर्स्ट लुक
फिल्म 'मैदान' का फर्स्ट लुक|Sudha Choubey - RE
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फिल्म 'मैदान' का फर्स्ट लुक, कोच सैयद रहीम के किरदार में अजय देवगन

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'मैदान' ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं, जिसके बाद मेकर्स ने झलक दिखानी शुरू कर दी है।

Sudha Choubey

Sudha Choubey

राज एक्सप्रेस। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'मैदान' ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं, जिसके बाद मेकर्स ने झलक दिखानी शुरू कर दी है। आज इस फिल्म का नया पोस्टर जारी किया है। फिल्म का पोस्टर बहुत ही शानदार है। अजय देवगन ने फिल्म 'मैदान' से अपना लुक शेयर किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म के दो पोस्टर शेयर किये हैं।

अजय देवगन ने शेयर किया पोस्टर :

पहले पोस्टर के साथ अजय ने लिखा, "ये कहानी है भारतीय फ़ुटबॉल की गोल्डन फेज़ की और हम सबके साथ सफल कोच की। #Maidan." वहीं दूसरे पोस्टर को शेयर करते हुए अजय ने लिखा, “बदलाव लाने के लिए एक अकेला भी काफी होता है।” सामने आए इस पोस्टर में अजय देवगन फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम की तरह दिखाई दे रहे हैं।

कैसा है पोस्टर :

फिल्म के पहले पोस्टर में आप अजय देवगन को कोच सैय्यद के लुक में देख सकते हैं। छोटे बाल और मूंछो के साथ वे काफी अच्छे लग रहे हैं। पोस्टर में अजय के साथ फुटबॉल टीम के खिलाड़ी खड़े हैं। खिलाड़ी जिस मैदान में हैं, वहां बारिश हो रही है और सभी मिट्ठी से लथपथ हैं।

अजय बने फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम :

बता दें कि, 27 नंवबर 2020 को रिलीज हो रही फिल्म 'मैदान' फुटबॉल कोच सैयद अब्‍दुल रहीम की बायोपिक है। इसका निर्देशन अमित रविंद्रनाथ शर्मा कर रहे हैं और बोनी कपूर इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह फिल्म जी स्टूडियोज के बैनर तले बन रही है। वहीं फिल्म में अजय देवगन के अलावा प्रियामणि, गजराव राव और बोमन ईरानी हैं। फिल्म में अजय के किरदार की बात करें, तो वह फुटबॉल कोच सैयद अब्दुल रहीम का किरदार प्ले करेंगे।

कौन थे सैयद रहीम :

सैयद रहीम का जन्म 17 अगस्त, 1909 को हैदराबाद में हुआ था। सैयद रहीम पेशे से एक टीचर थे। कहा जाता है कि, उनमें लोगों को मोटिवेट करने की गज़ब की क्षमता थी। साल 1943 में वह हैदराबाद सिटी पुलिस की फुटबाल टीम के साथ बतौर कोच जुड़े। उनके जुड़ते ही टीम में काफी बदलाव आ गया। उनके काम पर करीब 6-7 साल बाद इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की नज़र पड़ी। इसके बाद वह 1950 में वह टीम इंडिया के कोच और मैनेजर बने।

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