Raj Express
www.rajexpress.co
मॉब लिंचिंग मामला
मॉब लिंचिंग मामला |Social Media
मनोरंजन

मॉब लिंचिंग मामले पर खुला पत्र लिखने वाले 49 हस्तियों के खिलाफ FIR दर्ज

देश में बढ़ रहे मॉब लिंचिंग मामले पर मणिरत्नम, अनुराग कश्यप, सौमित्र चटर्जी और शुभा मुद्गल समेत 49 हस्तियों ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की थी।

Sudha Choubey

Sudha Choubey

हाइलाइट्स :

  • मॉब लिंचिंग मामले पर 49 हस्तियों के खिलाफ FIR दर्ज

  • फिल्मी हस्तियों ने पीएम मोदी को लिखी थी चिट्ठी

  • 2 महीने पहले दायर की गई थी याचिका

  • वकील का कहना है कि, इन हस्तियों ने देश की छवि को धूमिल किया।

राज एक्सप्रेस। देश में बढ़ रहे मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) मामले पर पर चिंता जताते हुए, बीते दिन कई बड़ी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखा था, जिसके बदले में उनके ऊपर मामला दर्ज की गई है। इन कलाकारों को ऐसा करने के लिए इनपर मुजफ्फरपुर जिले के सादर थाना में FIR दर्ज की गई है।

क्या है मामला :

आपको बता दें कि, मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखने वाले 49 जानी-मानी हस्तियों के खिलाफ बीते दिन गुरुवार को मुजफ्फरपुर में केस दर्ज किया गया है। इन सभी हस्तियों ने देश में असहिष्णुता और उन्मादी हिंसा का माहौल बता कर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।

इन हस्तियों के नाम शामिल :

खुला पत्र लिखने वाले 49 जानी-मानी हस्तियों में अनुराग कश्यप, केतन मेहता, श्याम बेनेगल, रामचंद्र गुहा, शुभा मुद्गल, अपर्णा सेन और कोंकणा सेन शर्मा जैसी हस्तियों के नाम शामिल हैं और इन सभी कलाकारों के लिखे गए पत्र में हस्ताक्षर हैं। चिट्ठी लिखने का इन सभी का मकसद है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान देश में बढ़ती असहिष्णुता की तरफ आकर्षित करना।

क्या लिखा है चिट्ठी में :

49 जानी-मानी हस्तियों द्वारा लिखे गए चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया गया है कि, मुस्लिमों, दलितों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ़ हिंसा बढ़ रही है और असहिष्णुता गैंग की वापसी हो गई है। नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए, चिट्ठी में यह भी लिखा है, कि संसद में प्रधानमंत्री ने Mob Lynching जैसे मामलों का ज़िक्र ज़रुर किया, लेकिन ऐसे गंभीर विषयों को सिर्फ संसद में उठाना काफ़ी नहीं है।

देश की छवि को धूमिल करने का आरोप :

स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की तरफ से 2 महीने पहले दायर याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद मामला दर्ज किया गया। अधिवक्ता सुधीर ओझा ने फिल्म कलाकारों के खिलाफ बीते 27/07/2019 को कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद इस मामले में 3 अक्टूबर को सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मोदी को लिखे खुले पत्र में हस्ताक्षर करने वाले 49 हस्तियों को याचिका में आरोपी बनाया गया है। उन पर आरोप है कि, इन लोगों ने देश की छवि को धूमिल किया।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले के 90% मामले दर्ज :

मालूम हो कि, पत्र में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए चिट्ठी में कहा गया, ‘‘मई 2014 के बाद से जबसे सरकार सत्ता में आई है, तब से अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ हमले के 90% मामले दर्ज हुए है। आपने संसद में मॉब लिंचिंग की घटनाओं की निंदा की तो है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। सवाल यह है कि, ऐसे अपराधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?