'इंडिया वाली मां' शो की किरदार सुचिता को याद आए अपने कॉरपोरेट वाले दिन

'इंडिया वाली मां' में चीनू के ऑफिस में काकू की नई इंटर्नशिप के साथ सुचिता त्रिवेदी को याद आ गए अपने कॉरपोरेट वाले दिन।
'इंडिया वाली मां' शो की किरदार सुचिता को याद आए अपने कॉरपोरेट वाले दिन
सुचिता को याद आए अपने कॉरपोरेट वाले दिनshahid kamil

युवा सोच दुनिया को नया आकार देती है, लेकिन सोनी टीवी के इंडिया वाली मां की काकू (सुचिता त्रिवेदी) एक ही इंसान में एक युवा और परिपक्व दिमाग की मिसाल हैं! एक ओर तो वो प्यार दुलार करने वाली निस्वार्थ मां हैं, जो अपने बेटे रोहन की दोबारा परवरिश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर अब वो चीनू के करीब जाने और अपने बेटे के रिश्ते सुधारने के लिए जल्द ही एक इंटर्न बनी नजर आएंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि भुज की एक साधारण औरत, जिसने कभी कॉरपोरेट माहौल में काम नहीं किया है, यह सब कैसे कर पाएगी।

अपने परिवार को चलाए रखने वाली काकू का सहयोग अक्सर घर तक ही सीमित रहा है, लेकिन अब काकू यह साबित करेगी कि वो अपने बेटे के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। काकू का रोल निभा रहीं सुचिता त्रिवेदी को भी अब अपने कॉरपोरेट वाले दिन याद आ जाएंगे क्योंकि अब काकू चीनू की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में एक उत्साही इंटर्न बनी नजर आएंगी। सुचिता को इससे पहले कॉरपोरेट जगत में काम करने का थोड़ा अनुभव है, जब उन्होंने सोनी टीवी के शो 'एक महल हो सपनों का' में काम किया था। अब इस शो में अपनी इंटर्नशिप के दौरान उनके कॉरपोरेट लाइफ वाले दिन ताजा हो रहे हैं। इस बार दर्शक उन्हें अधेड़ उम्र की एक ऐसी महिला के रूप में देखेंगे, जो असाधारण परिस्थितियों में अपनी जिंदगी की कमान अपने हाथ में लेती है और आगे चलकर इसमें कुशलता हासिल करती है।

एक इंटर्न के रूप में शूटिंग करने का अपना अनुभव बताते हुए सुचिता ने कहा, "ऑफिस के माहौल की कॉरपोरेट जिंदगी को साकार करना काफी रोमांचक है। मैंने इससे पहले सोनी टीवी के शो 'एक महल हो सपनों का' में इस तरह का रोल किया था और वो बहुत बढ़िया अनुभव था। अब मुझे इंडिया वाली मां में चीनू की कंपनी में एक बार फिर इंटर्न का रोल निभाने का मौका मिला है, तो मैं इस मौके का भरपूर इस्तेमाल कर रही हूं। हालांकि हम युवा पीढ़ी को अक्सर काम को जरूरत से ज्यादा महत्व देने और अंधी दौड़ का हिस्सा बनने के लिए टोकते रहते हैं, लेकिन एक आरामदायक जीवनशैली के लिए एक उद्देश्य रखना बुरी बात नहीं है। आज रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत जरूरतें इतनी महंगी हो गई हैं कि कॉरपोरेट माहौल में बेहद कड़ी प्रतियोगिता की जरूरत भी काफी बढ़ गई है। चूंकि यह एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है, इसलिए हर सीन की शूटिंग करना बड़ा दिलचस्प है और मुझे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। एक इवेंट मैनेजर की जॉब बहुत मुश्किल है। यह एक एक्टर होने की खूबी है कि जो कुछ भी मैं नहीं बन पाती हूं वो मैं एक्टिंग करके पूरा कर सकती हूं। मैं और शीन तो कभी-कभी असली कर्मचारियों तरह व्यवहार करते हैं।"

इंडिया वाली मां इस बात पर केंद्रित है कि आप एक नई शुरुआत करने और एक नए क्षेत्र में कदम रखने के लिए कभी बूढ़े नहीं होते। यदि आप में कुछ पाने की इच्छाशक्ति है, तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। इस शो में काकू की प्यारी कहानी है, जो एक ऐसे सफर पर निकलती हैं, जिसमें वो खुद की खोज करती हैं और साथ ही अपने बेटे और उसकी गर्लफ्रेंड के रिश्तों को बचाने की कोशिश करती हैं। इंडिया वाली मां में सुचिता त्रिवेदी को देखिए काकू के रोल में, सोमवार से शुक्रवार रात 10 बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर।

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