Dharamveer Review : मस्ट वॉच फिल्म है धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे
मस्ट वॉच फिल्म है धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणेRaj Express

Dharamveer Review : मस्ट वॉच फिल्म है धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे

मराठी फिल्म धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म शिवसेना के दिवंगत वरिष्ठ नेता आनंद दिघे के जीवन पर आधारित है। कैसी है फिल्म चलिए आपको बताते हैं।

फिल्म- धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे

स्टार कास्ट - प्रसाद ओक, क्षीतिश दाते

डायरेक्टर - प्रवीण तरडे

प्रोड्यूसर - मंगेश देसाई, जी स्टूडियो

रेटिंग- 3.5 स्टार

स्टोरी :

फिल्म धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे धर्मवीर के नाम से मशहूर दिवंगत नेता आनंद दिघे के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह आनंद दिघे ने शिवसेना पार्टी में एक कार्यकर्ता के तौर पर काम करना शुरू किया और फिर पूरे ठाणे शहर के कर्ता-धर्ता बन गए। फिर उसके बाद किस तरह उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद की। इसके अलावा फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि आनंद दिघे बाला साहेब ठाकरे को अपना गुरु मानते थे और बाला साहेब आनंद दिघे को प्यार से दाढ़ी वाला बोलते थे। फिल्म में आनंद दिघे और उन्हें गुरु मानने वाले एकनाथ शिंदे के बीच के प्यार को भी बखूबी दर्शाया गया है।

डायरेक्शन :

फिल्म को डायरेक्ट प्रवीण तरडे ने किया है। फिल्म देखने के बाद यह आसानी से कहा जा सकता है कि प्रवीण एक अच्छे कलाकार के साथ ही एक अच्छे डायरेक्टर भी हैं। फिल्म का स्क्रीनप्ले लाजवाब है और सिनेमेटोग्राफी भी बढ़िया है। फिल्म की लंबाई भले ही ज्यादा है लेकिन यह फिल्म को आपको बांधे रखने में सफल होती है। फिल्म का म्यूज़िक बढ़िया है और बैक ग्राउंड म्यूजिक आपके रोंगटे खड़े कर देगा। फिल्म के डायलॉग आपको सीटियां बजाने और तालियां मारने पर मजबूर कर देंगे।

परफॉर्मेंस :

परफॉर्मेंस के तौर पर प्रसाद ओक ने फिल्म में जबरदस्त काम किया है। फिल्म में उन्हें देखकर आपको आनंद दिघे की जरूर याद आएगी। प्रसाद ओक ने आनंद दिघे के किरदार में जान भर दी है। क्षीतिश दाते का भी काम सराहनीय है। फिल्म में उन्होंने एकनाथ शिंदे का रोल निभाया है। फिल्म के बाकी कलाकारों ने भी लाजवाब काम किया है।

https://youtu.be/jSOWLmB2Zqwक्यों देखें :

धर्मवीर मुक्काम पोस्ट ठाणे निडर, साहसी और मसीहा माने जाने वाले आनंद दिघे की लाइफ पर बनी बेहतरीन फिल्म है। यह फिल्म हर उस इंसान को अच्छी लगेगी जो भी आनंद दिघे को जानता था या फिर वो ठाणे शहर में रहता हो। आनंद दिघे को उनके चाहने वाले भगवान का भी दर्जा देते थे और उनके लिए अपनी जान भी देने को तैयार थे। जिस हॉस्पिटल में उनकी मृत्यु हुई थी, उस हॉस्पिटल को शिवसैनिकों ने जलाकर राख कर दिया था। अगर आप भी आनंद दिघे जैसी महान शख्सियत के बारे में जानना चाहते हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।

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