Mirzapur 2 के मेकर्स को हिंदी लेखक ने दी चेतावनी, लगाया यह आरोप

हाल ही में हिंदी अपराध उपन्यास लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने 'मिर्जापुर 2' के मेकर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। उन्होंने एक नोटिस जारी किया है।
Mirzapur 2 के मेकर्स को हिंदी लेखक ने दी चेतावनी, लगाया यह आरोप
Mirzapur 2 के मेकर्स को हिंदी लेखक ने दी चेतावनीSocial Media

अमेजन प्राइम का पॉपुलर वेब सीरीज 'मिर्जापुर 2' रिलीज हो चुका है और दर्शक इसे पसंद भी कर रहे हैं। इसी बीच 'मिर्जापुर 2' को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। हिंदी अपराध उपन्यास लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने 'मिर्जापुर 2' के निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। रितेश सिधवानी को 'मिर्जापुर 2' में उनके उपन्यास 'धब्बा' के बारे में गलत दृश्य फिल्माये जाने को लेकर नोटिस भेजा है। लेखक एसएम पाठक का कहना है कि, वेब सीरीज के तीसरे एपीसोड में एक सीन में उनके उपन्यास धब्बा का कॉन्टेक्सट देते हुए गलत फिल्मांकन किया गया है।

सुरेंद्र मोहन पाठक ने जारी किया नोटिस:

बता दें कि, हिंदी के मशहूर उपन्यासकार सुरेंद्र मोहन पाठक ने सीरीज के कंटेंट पर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि, सीरीज ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। 'मिर्जापुर 2' के एक सीन में उनके लिखे उपन्यास 'धब्बा' के कंटेंट को गलत तरीके से पेश किया गया है।

उनके द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है, "मिर्जापुर 2 के एक सीन में किरदार सत्यानंद त्रिपाठी हिंदी का जो उपन्यास पढ़ रहे हैं 'धब्बा' वह उनका है, जो 2010 में प्रकाशित हुआ था, लेकिन इस पात्र ने जो कुछ भी कहा है वह उनके लिखे उपन्यास 'धब्बा' में है ही नहीं। संवाद के तौर पर जो कुछ भी उस पात्र ने बोला है वह सिवाय पॉर्न के और कुछ नहीं हो सकता।"

उन्होंने आगे लिखा है, "सीरीज में सत्यानंद त्रिपाठी उपन्यास पढ़कर बलदेव राज नाम का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन बलदेव राज नाम का ऐसा कोई पात्र मेरे उपन्यास में नहीं है।" उन्होंने कहा है कि, उस सीन को सीरीज से तत्काल हटाया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन सीरीज के लेखकों, निर्माताओं और अभिनेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करनी पड़ेगी।

इस सीन को लेकर भेजा गया नोटिस:

दरअसल, 'मिर्जापुर 2' के तीसरे एपिसोड में एक सीन है, जिसमें अभि‍नेता कुलभूषण खरबंदा जिन्होंने सत्यानंद त्रि‍पाठी का किरदार निभाया है वो 'धब्बा' नाम की एक उपन्यास पढ़ रहे हैं। उपन्यास पढ़ने वाले सीन के दौरान कुछ लाइन्स सुनाई दे रही हैं, जिससे ये लग रहा है कि, इन लाइन्स का उपन्यास से कोई लेना देना है। जबकि लेखक का आरोप है कि, उपन्यास को दिखाते हुए जो वॉयसओवर चल रहा है वो अश्लील है, उसका इस नॉवेल से कोई लेना देना नहीं है। लेखक का आरोप है कि, इससे उनकी और उनके उपन्यास की छवि‍ खराब हुई है।"

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