'बालिका वधू' के डायरेक्टर सब्जी बेचने को हुए मजबूर, कोरोना ने बदली जिंदगी

टीवी का पॉपुलर सीरियल 'बालिका वधु' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे मशहूर टीवी सीरियल के डायरेक्टर रामवृक्ष गौड़ परिवार का पेट पालने के लिए सब्जी बेचकर गुजारा कर रहे हैं।
'बालिका वधू' के डायरेक्टर सब्जी बेचने को हुए मजबूर, कोरोना ने बदली जिंदगी
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इस वक्त पूरा देश कोरोना वायरस के प्रकोप को झेल रहा है, लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस महामारी के चलते करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है। फिल्म और टीवी इंड्रस्ट्री को भी कोरोना पैनडेमिक ने काफी ज्यादा प्रभावित किया है। फिल्मों और टीवी सीरियल्स की शूटिंग बंद है। मायनगरी मुंबई में फिल्म और टीवी उद्योग से जुड़े कर्मियों के सामने भी आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इन दिनों 'बालिका वधु' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे मशहूर टीवी सीरियल के डायरेक्टर रामवृक्ष गौड़ परिवार का पेट पालने के लिए सब्जी बेचकर गुजारा कर रहे हैं।

डायरेक्टर का कहना:

खबरों के अनुसार, डायरेक्टर रामवृक्ष गौड़ का कहना है कि, रियल लाइफ और रील लाइफ दोनों अलग-अलग होती हैं। वह अपने बच्चे को परीक्षा दिलाने गृह जनपद आजमगढ़ आए थे। तब तक कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। फ्लाइट और ट्रेन सर्विस बंद हो गई। रामवृक्ष अब मुंबई नहीं जा पा रहे हैं। रामवृक्ष ने यशपाल शर्मा, मिलिंद गुणाजी, राजपाल यादव, रणदीप हुड्डा, सुनील शेट्टी जैसे बड़े कलाकारों की फिल्म में बतौर सहायक निर्देशक का काम भी किया है।

परिवार का पालन पोषण के लिए बेचना पड़ रही सब्जी:

रामवृक्ष वैसे तो मुंबई में रहते हैं। लेकिन यहां उनका पुस्तौनी घर आज भी आजमगढ़ में है। वह अपने बच्चे के साथ होली पर गांव में आए थे। रामवृक्ष वापस जाते इसके पहले लॉकडाउन लग गया। एक दो महीने इंतजार के बाद भी स्थिति सामन्य नहीं हुई, तो मजबूरन रोजी-रोटी के लिए वह ग्यारहवीं में पढ़ने वाले अपने बेटे के साथ सब्जी की दुकान लगाकर परिवार का पालन पोषण करने लगे।

आजमगढ़ जिले के निजामाबाद कस्बे के फरहाबाद निवासी रामवृक्ष 2002 में अपने मित्र साहित्यकार शाहनवाज खान की मदद से मुंबई पहुंचे थे। इन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने के लिए काफी मेहनत की। पहले लाइट विभाग में काम किया, इसके बाद टीवी प्रोडक्शन में भाग्य आजमाया। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ा तो निर्देशन में अवसर मिल गया। निर्देशन का काम रामवृक्ष को पसंद आ गया और उन्होंने इसी क्षेत्र में ही अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया।

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