अग्निपथ स्कीम पर तीनों सेना प्रमुख की PC- हिंसा करने वालों का चेताया और दिया यह बड़ा बयान
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अग्निपथ स्कीम पर तीनों सेना प्रमुख की PC- हिंसा करने वालों का चेताया और दिया यह बड़ा बयान

अग्निपथ स्कीम के खिलाफ विरोध के बीच आज इस स्‍कीम पर तीनों सेना के प्रमुख प्रमुख ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर साफ कर दिया कि, योजना को वापस नहीं लिया जायेगा एवं प्रदर्शनकारियों की सेना में एंट्री नहीं होगी।

दिल्‍ली, भारत। केंद्र सरकार की 'अग्निपथ स्कीम' के खिलाफ जोरदार विरोध के चलते देश का माहौल चिंताजनक बना हुआ है। आज रविवार काे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस स्‍कीम पर तीनों सेना के प्रमुख के साथ बैठक की। इसके बाद तीनों सेना के प्रमुख ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की। इस दौरान सेना ने अग्निपथ स्कीम को वापस लेने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए संयुक्त बयान में कहा है कि, अग्निपथ स्कीम वापस नहीं होगी। इसे वापस क्यों लिया जाए, यह एक प्रगतिशील कदम है

योजना के संबंध में दी पूरी जानकारी :

डीएमए के ए़डिश्नल सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने केंद्र की योजना के संबंध में पूरी जानकारी दी और कहा- हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे। देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।

'अग्निवर' को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। जिन लोगों ने विरोध-प्रदर्शनों में हिस्‍सा लिया, उन्‍हें अग्निपथ का हिस्‍सा बनने नहीं दिया जाएगा।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी

  • हमारे साथ जो ‘अग्निवीर’ में जुड़ना चाहता है वो किसी भी प्रदर्शन या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं रहा हो। फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता, इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि, अपना समय खराब न करें।

  • अगर उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते…उन्हें (आकांक्षी) नामांकन फॉर्म के हिस्से के रूप में यह लिखने के लिए कहा जाएगा कि, वे आगजनी का हिस्सा नहीं थे, उनका पुलिस सत्यापन किया जाएगा।

  • अनुशासन भारतीय सेना की नींव है। आगजनी, तोड़फोड़ के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। हर व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, पुलिस सत्यापन 100% है, उसके बिना कोई शामिल नहीं हो सकता।

  • अग्निवीर को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों में वही भत्ता मिलेगा जो वर्तमान में सेवारत नियमित सैनिकों पर लागू होता है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।

  • अग्निवीर भी हमारे जैसे कपड़े पहनेंगे, लंगर में साथ खाना खाएंगे। साथ ही देश की सेवा में बलिदान देने वाले ‘अग्निवीरों’ को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।

24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू :

तो वहीं, प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में एयर मार्शल एसके झा ने कहा- भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है। उसी के तहत उस पर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। एक महीने बाद 24 जुलाई से फैज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। दिसंबर के अंत तक अग्नवीर के पहले बैच को वायुसेना में शामिल कर लेंगे। 30 दिसंबर से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।

हमने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है :

इसके अलावा नौसेना के वाइस एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा- हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारा एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे। नौसेना में हम महिला अग्निवीर भी ले रहे हैं। उसके लिए हमारी ट्रेनिंग में जो संशोधन करना है उसके लिए काम शुरू हो चुका है। हमें 21 नवंबर का इंतजार है, मुझे आशा है कि महिला और पुरुष अग्निवीर आईएनएस चिल्का पर रिपोर्ट करेंगे।

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