Raj Express
www.rajexpress.co
संसद में पेश एवं पारित हुए विधेयक
संसद में पेश एवं पारित हुए विधेयक|Syed Dabeer Hussain - RE
भारत

नज़र डालते हैं संसद में पेश एवं पारित हुए विधेयकों पर

सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र बिते मंगलवार यानि की 6 जुलाई 2019 को संपन्न हुआ, जिसमें कुल 37 बैठकें हुईं और कुल 36 विधेयक पारित किए गए। कौन-कौन सी है, वो पारित हुए विधेयक आइए जानते हैं।

Sudha Choubey

राज एक्सप्रेस। सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र 6 जुलाई 2019 को संपन्न हुआ, जिसमें कुल 37 बैठकें हुईं और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने एवं राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के संकल्प और विधेयक, तीन तलाक विरोधी विधेयक सहित कुल 36 विधेयक पारित किए गए। इस सत्र में 37 बैठकें हुई, जो 277 घंटे 280 मिनट तक चली और समग्र उत्पादकता 125 फीसदी रही।

इस दिन से हुआ था शुरू :

17वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार, 17 जून, 2019 को शुरू हुआ था वहीं राज्यसभा का 249वां सत्र गुरुवार, 20 जून, 2019 से शुरू हुआ था। लोकसभा को मंगलवार 6 अगस्त, 2019 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया। राज्यसभा बुधवार, 7 अगस्त, 2019 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 37 बैठकें और राज्य सभा की 35 बैठकें हुईं। स्पीकर ने सत्र के समापन से पहले सदन को संबोधित किया और कहा कि, यह सत्र बेहद सफल रहा।

1952 के बाद सबसे सफल सत्र:

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि, यह 1952 से लेकर अब तक का सबसे स्वर्णिम सत्र रहा है। उन्होंने कहा कि, 1952 के बाद पहली बार है जब सदन का व्यवधान शून्य रहा और इसमें सदन के सदस्यों की अहम भूमिका है। इस दौरान 125 फीसदी कामकाज हुआ। सत्र में 37 बैठकें हुईं और 280 घंटे कार्यवाही चली।

265 नए सदस्यों को मिला बोलने का मौका:

इस दौरान नए सदस्यों को बोलने या प्रश्न पूछने का मौका दिया गया। इस सत्र में शून्यकाल में 265 नए सदस्यों में से 229 को अपनी बात कहने का मौका मिला। 46 नई महिला सांसदों में से 42 को शून्यकाल के दौरान बोलने और प्रश्न पूछने का मौका मिला।

जानते हैं पारित हुए कुछ प्रमुख विधेयक और संशोधन के बारे में:

विशेष आर्थिक क्षेत्र विधेयक (2019):

विशेष आर्थिक जोन संशोधन विधेयक 2019 को लोकसभा ने मंजूरी दे दी, जिसमें न्यासों को विशेष आर्थिक क्षेत्र में इकाई स्थापित करने की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है। सत्रहवीं लोकसभा द्वारा पारित किया गया यह पहला विधेयक है। इस विधेयक के माध्यम से विशेष आर्थिक जोन अधिनियम 2005 का संशोधन करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक का मकसद निवेश बढ़ाना, व्यापक आर्थिक गतिविधियों के जरिए रोजगार बढ़ाना ओर बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सुधार लाना है।

उपभोक्ता संरक्षण विधेयक (2019):

उपभोक्ताओं के हित की सुरक्षा करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी मिल गई है। इस विधेयक में उपभोक्ताओं के अधिकारों को और मजबूत बनाने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों का गठन किया जाएगा। जिला और राज्य आयोग के खिलाफ अपीलों की सुनवाई राष्ट्रीय आयोग में होगी और राष्ट्रीय आयोग के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की जाएगी।

ये नियम होंगे लागू :

  • सामान खरीदने से पहले, खरीद के दौरान व बाद में शिकायत दर्ज करने का इंतजाम किया गया है।

  • शिकायत दर्ज करने के लिए 21 दिन की सीमा तय की गई है। इसके बाद अपने आप शिकायत दर्ज हो जाएगी।

  • यदि जिला व राज्य स्तर पर ग्राहक के हित में फैसला हो गया तो राष्ट्रीय स्तर पर केस नहीं दर्ज होगा।

  • उपभोक्ता कहीं से भी शिकायत कर सकता है, इसमें वकील की आवश्यकता नहीं होगी।उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण सभी प्रकार के सामान व सेवाओं के अलावा भ्रामक विज्ञापन की भी जांच कर सकेगा।

तीन तलाक विधेयक (2019):

विपक्ष के भारी विरोध के बीच तीन तलाक बिल लोकसभा से पास हो गया। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 303 वोट, जबकि विरोध में 82 मत डाले गए थे। लोकसभा से पास होने के बाद ये बिल राज्यसभा में पेश किया गया, जिसे राज्यसभा से भी पास कर दिया गया। राज्यसभा में बिल के समर्थन में 99, जबकि विरोध में 84 वोट मिले।

मोटर वाहन संशोधन विधेयक (2019) :

राज्यसभा ने देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए बुधवार को सड़क सुरक्षा के लिए कठोर प्रावधानों वाले मोटर यान (संशोधन) विधेयक-2019' को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद 13 के मुकाबले 108 मतों से पारित किया गया।

जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक (2019) :

जम्मू एवं कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने वाला बिल पास हो गया है। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म करने के संकल्प को मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा और लोकसभा दोनों से ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर मंजूरी मिल गई है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर लोकसभा में वोटिंग के दौरान पक्ष में जहां 370 वोट मिले वहीं, विपक्ष में 70 वोट मिले।

आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक (2019) :

आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है। इस विधेयक में आधार अधिनियम, 2016 के कई प्रावधानों में परिवर्तन किया गया है। कानून के इस संशोधन के तहत एक नया प्रावधान शामिल किया जा रहा है, जिससे की आधार आंकड़ों का इस्तेमाल राज्य योजनाओं और सब्सिडी के लिए किया जा सकेगा।

मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक (2019) :

संसद ने मानवाधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक सरकार की ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोगों को और अधिक निपुण बनाने हेतु लाया गया है।

सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक (2019) :

लोकसभा ने सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया। इस विधेयक में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है। इस बिल को कांग्रेस और टीएमसी के वॉकआउट के चलते नौ के मुकाबले 224 मतों से पेश करने की अनुमति दी गई। इस विधेयक की खास बात ये है कि, सरकारी टालमटोली से बचाने के लिए इसमें जनता की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब निश्चित समयावधि में देने के लिए व्यक्ति बाध्य होगा।

विनियोग (संख्या2) विधेयक (2019) :

राज्यसभा में अनुमोदित कर लोकसभा को वापस किये जाने के साथ संसद ने मोदी सरकार के 2019-20 के बजट को मंजूरी दे दी।

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक (2019) :

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 को भी राज्यसभा द्वारा पास कर दिया गया। राज्यसभा में पेश हुए पोक्सो (संशोधन) विधेयक, 2019 का कई विपक्षी दलों ने समर्थन भी किया। इस विधेयक में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि, अब बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के लिए मौत की सज़ा का प्रावधान भी किया जाएगा।

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक (2019) :

लोकसभा ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए विधेयक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019 पारित किया। बता दें कि, इस विधेयक को 16वीं लोकसभा में ही पारित कर दिया गया था, लेकिन जब ये विधेयक राज्यसभा पंहुचा तब सरकार बदल गई थी।

वेतन संहिता विधेयक (2019) :

राज्यसभा ने इन महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले मजदूरी संहिता 2019 को आठ के मुकाबले 85 मतों से पारित किया, जिसमें मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना, कारोबार अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना सहित श्रमिक कल्याण को मजबूत बनाया गया है। इस विधेयक के अनुसार सरकार श्रम निरीक्षक की जगह श्रम मध्यस्थकार नियुक्त करेगी, जो संबंधित मामलों को सुलझाएंगे।

होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक (2019) :

लोकसभा ने होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक-2019 को मंजूरी दे दी है। इसमें होम्योपैथी केंद्रीय परिषद के पुनर्गठन की अवधि को एक साल से बढ़ाकर दो साल करने के प्रस्ताव किया गया है।

केंद्रीय शिक्षण संस्थान विधेयक (2019) :

लोकसभा में केंद्रीय शैक्षणिक संस्था (शिक्षणों के काडर में आरक्षण) विधेयक 2019 पारित हो कर दिया गया है। यह विधेयक संबंधित आध्यादेश की जगह लेगी।

कंपनी संशोधन विधेयक 2019 :

लोकसभा ने कंपनी (संशोधन) विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी है, जो कंपनी संशोधन दूसरा अध्यादेश 2019 का स्थान लेगा। इस विधेयक के कानून का रूप लेने पर कारपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी नियम सख्त हो जाएंगे और जो कंपनियां कंपनी कानून के तहत नियमों का पालन नहीं करेंगी उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। विधेयक में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि, यदि कोई कंपनी अपने द्वारा निर्धारित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व फंड की राशि एक निश्चित अवधि में खर्च नहीं करेगी तो वह राशि स्वयं ही एक विशेष खाते में जमा हो जाएगी।

लोकसभा द्वारा पारित किए गए विधेयक :

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2019

  • होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • केंद्रीय शिक्षण संस्थान (शिक्षकों के कैडर में आरक्षण) विधेयक, 2019

  • भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • दंत चिकित्सक (संशोधन) विधेयक, 2019

  • आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019

  • नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक, 2019

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • वित्त (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019

  • गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2019

  • अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2019

  • मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019

  • कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • निरसन एवं संशोधन विधेयक, 2019

  • उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019

  • वेतन संहिता, 2019

  • अंतरराज्यीय जल विवाद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली) संशोधन विधेयक, 2019

  • दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2019

  • यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक, 2019

  • जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक (संशोधन) विधेयक, 2019

  • बांध सुरक्षा विधेयक, 2019

  • भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019

  • सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019

राज्यसभा से पारित किए गए विधेयक :

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • केंद्रीय शिक्षण संस्थान (शिक्षकों के कैडर में आरक्षण) विधेयक, 2019

  • भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • दंत चिकित्सक (संशोधन) विधेयक, 2019

  • आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019

  • भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक, 2019

  • मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • वित्त (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019

  • अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2019

  • दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019

  • कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक, 2019

  • वेतन संहिता, 2019

  • गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2019

  • निरसन एवं संशोधन विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019

  • उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019

  • सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली) संशोधन विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 20

  • उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2019

राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों से पारित विधेयक :

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • केंद्रीय शिक्षण संस्थान (शिक्षकों के कैडर में आरक्षण) विधेयक, 2019

  • भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019

  • दंत चिकित्सक (संशोधन) विधेयक, 2019

  • आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र विधेयक, 2019

  • विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • वित्त (संख्या 2) विधेयक, 2019

  • मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019

  • अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2019

  • मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019

  • कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019

  • दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक, 2019

  • यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2019

  • वेतन संहिता, 2019

  • निरसन एवं संशोधन विधेयक, 2019

  • भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2019

  • मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019

  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक, 2019

  • उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019

  • सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली) संशोधन विधेयक, 2019

  • जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019

  • उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2019