इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयोग से की विधानसभा चुनाव टालने की अपील
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयोग से की विधानसभा चुनाव टालने की अपीलसांकेतिक चित्र

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयोग से की विधानसभा चुनाव टालने की अपील

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव सर पर हैं। देश में कोरोना से बने माहौल में चुनाव का आयोजन करना रिस्की साबित हो सकता है। इस बात को मद्दे नजर रख इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयोग से चुनाव टालने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, यह बढ़त पहले की तुलना में बहुत कम है और दूसरी तरफ देश में कोरोना के नए Omicron वेरिएंट के मामले बढ़ने से हाहाकार मचना शुरू हो गया है। ऐसे में सभी राज्यों की सरकारें अपने अपने स्तर पर सावधानियां बारात रही हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव सर पर हैं। ऐसे में चुनाव का आयोजन करना रिस्की साबित हो सकता है। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयोग से चुनाव टालने की अपील की है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की चुनाव टालने की अपील :

दरअसल, पिछले दो सालों में यानी भारत में कोरोना की एंट्री के बाद से बहुत से ऐसे कार्य रोके गए हैं जो उससे पहले तक कभी नहीं रोके गए थे और यह सब कोरोना के तेजी से बढ़ते प्रसार के चलते हुआ था। वहीं, फरवरी में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जबकि, देश में कोरोना के नए Omicron वेरिएंट के मामले अब तेजी से बढ़ रहे है। इन मामलों को मद्देनजर रखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को एक या दो महीने के लिए टालने की अपील की है। इसी के साथ कोर्ट ने आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुनावी रैलियों पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने इस बारे में कहा है कि, 'अगर रैलियों को नहीं रोका गया तो स्थिति दूसरी लहर से भी बदतर हो सकती है।'

इलाहाबाद हाई कोर्ट जस्टिस का कहना :

इलाहाबाद हाई कोर्ट में हो रही इस मामले की सुनवाई के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन की चिंता जताते हुए जस्टिस शेखर यादव ने कहा, "ग्राम पंचायत चुनावों और बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बहुत से लोग संक्रमित हुए थे और इसकी वजह से बहुत मौतें हुईं। राजनीतिक पार्टियां आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भी रैलियां और सभाएं आयोजित कर रही हैं और ऐसे कार्यक्रमों में कोवि़ड प्रोटोकॉल्स का पालन करना नामुमकिन होता है।"

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल 17,10,796 मामले सामने आए हैं। जबकि, सक्रीय मामलों की संख्या 236 हैं। राज्य में अब तक ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आए हैं, जबकि पूरे देश में 358 मामले सामने आ चुके हैं।

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