पश्चिम बंगाल के हरिदासपुर में अमित शाह ने मैत्री संग्रहालय का किया उद्घाटन
हरिदासपुर में अमित शाह ने मैत्री संग्रहालय का किया उद्घाटनSocial Media

पश्चिम बंगाल के हरिदासपुर में अमित शाह ने मैत्री संग्रहालय का किया उद्घाटन

पश्चिम बंगाल के हरिदासपुर, बीरभूम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मैत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया और अपने संबोधन में कहीं ये बातें...

पश्चिम बंगाल, भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर है, इस दौरान उन्‍होंने हरिदासपुर, बीरभूम में मैत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक भी मौजूद रहे।

अमित शाह का संबोधन :

मैत्री संग्रहालय का उद्घाटन के बाद अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा- देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, इसका मुख्य कारण हमारी सीमाएं सुरक्षित होना है। देश के गृह मंत्री के कारण मैं चैन से इसलिए सो पाता हूं, क्योंकि हमारे जवान सीमा पर तैनात होकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। बीएसएफ की वीरता और समर्पण के कारण इसे आजतक एक महावीर चक्र, चार कीर्ति चक्र, 13 वीर चक्र और 13 शौर्य चक्र मिले हैं। बीएसएफ के अनेक जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देश की सीमाओं से खिलवाड़ करने वालों से मुकाबला करने में दिया है।

मोदी सरकार का मुख्य लक्ष्य देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाना है। दुनिया की आधुनिक तकनीक को बीएसएफ को उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। आज सतलुज, कावेरी और नर्मदा ये तीन फ्लोटिंग बीओपी को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। ये बीओपी सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

  • 70 के दशक में जब हमारे पड़ोसी देश में मानव अधिकारों का हनन हुआ, अत्याचार के समय वहां से एक बयार हमारे यहां शरणार्थियों की आई, उस समय BSF और भारतीय सेना दोनों ने मिलकर बड़ी वीरता से उन क्षेत्र में मानव अधिकरों की रक्षा भी की और बांग्लादेश को जन्म देने का काम भी किया।

  • जिस प्रकार की आधुनिक व्यवस्था की गई हैं, वो यहां घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए पर्याप्त है। 80 किमी का ये क्षेत्र बहुत कठिन है, लेकिन मुझे आप लोगों के शौर्य पर पूरा भरोसा है। आज यहां पर एक मैत्री संग्रहालय का भी शिलान्यास किया गया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यही प्रयास रहता है कि बॉर्डर पर तैनात जवान को कम से कम कठिनाई हो।इसलिए आप अपने परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बीता पाएं, ऐसी कार्य प्रणाली की रचना और जहां आपकी पोस्टिंग है, वहां की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के लक्ष्य को लेकर हम चले हैं।

  • BSF में अब महिलाओं की भी तैनाती होने लगी है। महिलाएं गर्व से पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मां भारती की सेवा कर रही हैं। महिलाओं के लिए अलग बैरक और सभी सुविधाओं का ख्याल रखना, इस पर एक पांच वर्ष का प्रोग्राम भारत सरकार ने बनाया है।

  • तस्करी और घुसपैठ से इस क्षेत्र को अभेद्य बनाना बीएसएफ का काम है। हालांकि ये स्थानीय प्रशासन की मदद के बिना कठिन है, लेकिन आप विश्वास रखिए कि वो मदद भी जल्द मिले, ऐसी राजनीतिक स्थिति का निर्माण भी यहां जल्द होने वाला है। जनता का ऐसा दबाव बनेगा की मदद करने को सब मजबूर होंगे।

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