PM मोदी के जनसेवा में 20 वर्ष पूर्ण, अमित शाह ने दिया खास इंटरव्यू
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PM मोदी के जनसेवा में 20 वर्ष पूर्ण, अमित शाह ने दिया खास इंटरव्यू

गृह मंत्री अमित शाह ने इंटरव्यू में कहा, PM मोदी का सत्ता में बने रहना लक्ष्य नहीं है। उनका एक लक्ष्य है इंडिया फर्स्ट, उन्होंने कई आर्थिक सुधार किए और बारिकियों को समझा...

दिल्‍ली, भारत। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र के राजनीति करियर को पूरे 20 साल हो गए हैं, इस खास अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज रविवार को सत्ता में प्रधानमंत्री मोदी के 20 साल पूरे होने के मौके पर एक सरकारी न्यूज चैनल को अपना खास इंटरव्यू दिया, इस दौरान उन्‍होंने PM मोदी के 20 साल के राजनीतिक सफर को लेकर अपने विचार साझा किए।

मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 3 हिस्से किये जा सकते हैं :

पीएम मोदी के 20 साल के राजनीतिक सफर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने बताया- मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 3 हिस्से किये जा सकते हैं-

1) भाजपा में आने के बाद संगठनात्मक के रूप में।

2) गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में।

3) राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री के रूप में।

मोदी जी ने बारीकियों को समझा :

अमित शाह ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के संगठन मंत्री के रूप में एक कुशल संगठक के रूप में उन्होंने संगठन के माध्यम से एक पक्ष की विश्वसनीयता जनमानस में कैसे बनाई जा सकती है उसका उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित किया। मोदी जी के संगठन मंत्री बनने के महज एक साल के अंदर गुजरात की यात्रा शुरु हुई । 1990 में हम हिस्सेदारी में सरकार में आये , 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी । 1995 में पूर्ण बहुमत में आये और वहां से भाजपा ने आजतक पीछे मुड़कर नहीं देखा है।

कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी कि, भारत एयर स्ट्राइक कर सकता है, लेकिन भारत ने वो कर दिखाया। अर्थव्यवस्था में भारत 11वें नंबर से अब 5वें, छठे नंबर पर आ गया है। मोदी जी ने संगठन में अच्छा काम किया है। उन्होंने बारिकियों को समझा। एक्सपर्ट्स को प्रशासन के साथ जोड़ा। योजनाओं को लोगों से जोड़ा, कठोर परिश्रम पीएम मोदी की पहचान है। मोदी जी संगठन में आए तो बीजेपी मजबूत हुई। उन्होंने गुजरात में पानी की दिक्कत को दूर किया।

गृह मंत्री अमित शाह

PM मोदी का लक्ष्य है इंडिया फर्स्ट :

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- मोदी जी सबको धैर्य से सुनते हैं तभी फैसले लेते हैं। छोटे से छोटे व्यक्ति के सुझाव पर वो गौर करते हैं। वो अपनी बात को थोपने वाले नेता नहीं है। उनका (PM मोदी) सत्ता में बने रहना लक्ष्य नहीं है। उनका एक लक्ष्य है इंडिया फर्स्ट, उन्होंने कई आर्थिक सुधार किए। उनका लक्ष्य देश के लिए सरकार चलाना है। कठोर परिश्रम पीएम मोदी की पहचान है। मोदी जी संगठन में आए तो बीजेपी मजबूत हुई। उन्होंने गुजरात में पानी की दिक्कत को दूर किया।

अमित शाह द्वारा इंटरव्यू में कही गई बातें-

  • मोदी जी ने कठोर परिश्रम, बारीक आयोजन , इंप्लीमेंटेशन के लिये एक दृढ़ता तीनों के कारण भाजपा को खड़ा किया। गुजरात में भाजपा का संगठन मॉडल स्टडी करने जैसा है जो मोदी जी ने उस वक्त बनाया था और समय समय पर उसमें समयानुकूल परिवर्तन भी होते गये।

  • जो भूकंप एक जमाने में भाजपा के लिये धब्बा बन जायेगा ऐसा लगता था वो भूकंप के विकास कार्य की पूरे विश्व ने सराहना की। आप भुज जाकर देख लीजिये, एक ओर लातूर का भी भूकंप है और भुज का भी है । पूरे भुज का नवनिर्माण हुआ, विकास दर उसके बाद 37% ज्यादा बढ़ी।

  • गुजरात में मोदी जी कोस्टल क्षेत्र के लिये भी योजना लेकर आये जो नेगलेक्टेड पड़े थे जबकि सबसे ज्यादा खनिज संपदा वहीं थी। बंदरगाह के कारण सबसे ज्यादा इंडस्ट्री वहीं लगी थी। पूरे सागर छोर को रोड से जोड़ा और हर तहसील के लिये एक डिवलेपमेंट प्लानिंग बनाई गई।

  • उस वक्त सबसे बड़ा प्रॉबल्म प्राइमरी एजुकेशन में ड्रॉपआउट का था। गुजरात में भी ये बहुत बड़ी समस्या थी। मोदी जी ने खुद कड़ी धूप के अंदर, पटवारी से लेकर मंत्री तक सब लोगों को 5 दिन मे 25 स्कूलों तक जाना है और महोत्सव के रुप में बच्चों के एनरोलमेंट करवाना है।

  • एनरोलमेंट को 100% पहुँचाया और अभिभावकों की कमेटी बनवाई, विशेषरुप से माताओं की कमेटी बनाई। कोई भी बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसकी चिंता होती थी। शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर दी। प्राइमरी एजुकेशन में गुणवत्ता बढ़ाने के लिये गुणोत्सव कार्यक्रम शुरु किया।

  • Sauni योजना से गुजरात के अंदर टैंकर राज को लगभग समाप्त कर दिया। जहां टैंकरों की इंडस्ट्री चलती थी क्योंकि गांव में पानी नहीं होता था, आज फ्लो से पानी हर गांव में जाता है। पीने के पानी की कहीं किल्लत नहीं है। 100 -100 फुट भूगर्भ जल का लेवल ऊपर आया है।

  • PM मोदी जी के सफल मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान ना केवल गुजरात, देशभर में आशा की एक किरण जागृत हुई कि मल्टीपार्टी डेमोक्रेटिक सिस्टम में कोई दोष नहीं है। ये सफल हो सकती है, डिलिवर कर सकती है अंतिम व्यक्ति तक जा सकती है।

  • समस्याएं आती हैं, आयेगी भी, भविष्य में भी आयेगी। मगर आज मोदी की के प्रधानमंत्री बनने के बाद समस्या को एड्रेस किया जाता है, तत्काल एड्रेस किया जाता है, उसका समाधान निकालने का प्रयास किया और उसको संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाता है।

  • एक दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण देश की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद हुई है। कभी कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि भारत एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक करेगा वो अमेरिका के लिये रिजर्व चीज थी। आज इसके कारण भारत के युवा का हौसला बढ़ा है कि हम भी कर सकते हैं।

  • कभी ये नहीं हो सकता था कि कोई प्रधानमंत्री कहे कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का साहस भारत में है। आज हम 11 नम्बर से छठे नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं, जल्दी पाँचवें होंगे…मुझे विश्वास है कि भारत जल्दी ही 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा।

  • मोदी जी के जीवन में जो तीन बड़े-बड़े स्टेज थे, तीनों चुनौतीपूर्ण थे और उन्होंने बड़े धैर्य से और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ तीनों चैलेंजों को सफलतापूर्वक पार किया और मैं मानता हूं कि उनकी लीडरशिप की ये बहुत बड़ी क्वालिटी है।

  • यूपीए की सरकार में हर क्षेत्र में देश नीचे की ओर जा रहा था, दुनिया में देश का कोई सम्मान नहीं था, नीतिगत फैसले महीनों तक सरकार की आंतरिक कलह में उलझते रहते थे, एक मंत्री महोदय तो 5 साल तक कैबिनेट में नहीं आए। मोदी जी जोखिम लेकर फैसले करते हैं ये बात सही है। हमारा लक्ष्य देश में परिवर्तन लाना है। 130 करोड़ की आबादी वाले विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को दुनिया में एक सम्मानजनक स्थान पर पहुंचाना है।

  • तीन तलाक पर कानून, वन रैंक-वन पेंशन लागू करने की कोई हिम्मत नहीं करता था, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक पर सब चुप थे, धारा 370 को हटाने की कोई हिम्मत नहीं करता था, विभिन्न आर्थिक सुधार जैसे फैसले मजबूत इच्छा शक्ति वाला प्रधानमंत्री ही कर सकता है।

  • वामपंथी रास्ता गरीब का उत्थान करना है ही नहीं, बल्कि उसके अंदर के असंतोष को राजनीतिक पूंजी बनाकर सत्ता पर बैठना है। करीब 27 साल बंगाल में वामपंथी शासन के बाद बंगाल की स्थिति देखिए, त्रिपुरा की स्थिति देखिए और इनकी गुजरात से तुलना कीजिए।

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