एसबीटीआई पर हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय बंदरगाह बना एपीएसईजेड
एसबीटीआई पर हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय बंदरगाह बना एपीएसईजेड|Syed Dabeer-RE
भारत

एसबीटीआई पर हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय बंदरगाह बना एपीएसईजेड

अहमदाबाद, गुजरात : 'पेरिस जलवायु समझौते' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, एपीएसईजेड ने एसबीटीआई के लिए हस्ताक्षर किया है।

Shahid Kamil

अहमदाबाद, गुजरात। 'पेरिस जलवायु समझौते' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, एपीएसईजेड ने साइंस बेस्डई टारगेट्स इनिशिएटिव (एसबीटीआई) के लिए हस्ताक्षर किया है। एसबीटीआई के जरिये, कंपनियां अपने संपूर्ण वैल्यू चेन में विज्ञान आधारित (साइंस बेस्डर) उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य निर्धारित करने के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर कर रही है। ये लक्ष्य पूर्व-औद्योगिक स्तरों से ऊपर 1.5 डिग्री सेल्सियस ग्लोबल वार्मिंग को बनाए रखने के अनुरूप है। प्रतिबद्ध कंपनियों के पास एसबीटीआई द्वारा अनुमोदित और प्रकाशित अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 24 महीने का समय है।

एपीएसईजेड ने प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर जलवायु संबंधित फाइनेंशियल डिसक्लोैजर (टीसीएफडी) पर काम करने वाले टास्कफोर्स के एक समर्थक के रूप में किया है। टीसीडीएफ निवेशकों, कर्जदाताओं, बीमाकर्ताओं और अन्य हितधारकों को जानकारी प्रदान करने में कंपनियों द्वारा उपयोग करने के लिए स्वैच्छिक, सिलसिलेवार जलवायु संबंधी वित्तीय जोखिम के डिसक्लोटजरको विकसित करता है। कुल 16 भारतीय कंपनियां टीसीएफडी का समर्थन कर रही है, जिनमें से दो अदाणी ग्रुप की सहायक कंपनियां हैं।

एपीएसईजेडके सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक, श्री करण अदाणी ने बताया कि ‘‘एक ग्रुप के रूप में, हम अपनी प्रक्रियाओं और संचालन में स्थायी भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो निरंतर हस्तक्षेप द्वारा संचालित हो। एपीएसईजेडएसबीटीआई और टीसीडीएफ के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों के साथ उत्सर्जन में कमी हासिल करना सुनिश्चि त किया जा सके। यह भारत के सीओपी21 लक्ष्यों और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में योगदान करने की घोषित प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला अदाणी ग्रुप का एक और महत्वपूर्ण कदम है।”

एसबीटीआई के साझेदारों में से एक,यूएन ग्लोबल कॉम्पेक्ट के सीईओ और कार्यकारी निदेशक, लिसेकिंगो ने कहाकि ‘‘हमारी अर्थव्यवस्थाओं को मौलिक रूप से बदलने के लिए हमारे पास 10 साल से भी कम समय है, अन्य‘था हमें भयावह नतीजे भुगतने होंगे। पहली बार, हम बिजनेस और जलवायु के अग्रणी लीडरों को एक समान कॉल-टू-एक्शन के लिए एक साथ देख रहे हैं, जो एक मजबूत संकेत है कि विज्ञान-आधारित लक्ष्य-निर्धारण व्यवसायों हेतु जलवायु परिवर्तन से निपटनेऔर ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए कदम उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर पेश कर रहा है।’’

एसबीटीआई भागीदारों में से एक, सीडीपी के सीईओ पॉल सिम्पसन ने कहा कि "बात बिल्कुाल स्पष्ट है: जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों को सीमित करने के लिए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वार्मिंग 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न हो। यह महत्वाकांक्षा अधिक तो है, लेकिन यह प्राप्त की जा सकती है और इसे प्राप्तस करने के लिए विज्ञान-आधारित लक्ष्य कंपनियों को एक रोडमैप देते हैं। दुनिया भर में कॉरपोरेशनों के पास नेट-जीरो अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ट्रांजिशन में आगे रहने का एक अभूतपूर्व अवसर है और अब गंवाने के लिए समय नहीं है।’’

एपीएसईजेड उन 43 भारतीय कंपनियों में से एक है, जिन्होंने एसबीटीआई के लिए प्रतिबद्धता पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं। कुल 909 कंपनियां विज्ञान आधारित जलवायु कार्रवाई कर रही हैं और 392 कंपनियों ने एसबीटीआई के जरिये विज्ञान आधारित लक्ष्यों को मंजूरी दी है। अदाणी ग्रुप ने 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा कंपनी और 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय बिजली कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 2025 तक 25 गीगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित उत्पादन क्षमता प्राप्त करनी होगी और जिसके लिए अगले 5 वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कुल निवेश 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का होगा।

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