असम: JEE परीक्षा 2020 में हेराफेरी कर टॉप करने वाला छात्र अरेस्‍ट

असम में JEE परीक्षा में 99.8% हासिल करने वाले टॉपर का परीक्षा में धांधली का खुलासा, गुवाहाटी पुलिस ने प्रॉक्सी मामले में मेन्स टॉपर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया। जानें पूरा मामला...
असम: JEE परीक्षा 2020 में हेराफेरी कर टॉप करने वाला छात्र अरेस्‍ट
असम: JEE परीक्षा 2020 में हेराफेरी कर टॉप करने वाला छात्र अरेस्‍टSocial Media

असम: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बीच सितंबर माह में हुई ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) की परीक्षा होने के बाद 5 अक्‍टूबर को रिजल्ट भी आ चुके हैं, जिसमें असम से एक छात्र नक्षत्र ने JEE में टॉपर बना था, लेकिन अब उसके टॉपर बनने की सच्‍चाई उजागर हुई है। दरअसल, असम में जेईई मेन्स परीक्षा में धांधली का खुलासा हुआ है।

JEE मेन्स टॉपर समेत 5 आरोपी गिरफ्तार :

जानकारी के अनुसार, JEE परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र ने हेराफेरी कर संयुक्त प्रवेश परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति से पेपर लिखवाने यानी प्रॉक्सी का इस्तेमाल कर टॉपर बना, सच्‍चाई सामने आने के बाद गुरुवार को पुलिस ने असम में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन्स) के टॉपर, उसके पिता और 3 अन्य लोगों यानी कुल 5 आरोपियों को अरेस्‍ट किया है। बता दें, आरोपी छात्र ने परीक्षा में 99.8 प्रतिशत हासिल कर टॉप किया था, जो भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आधार है, जिसमें प्रतिष्ठित एसआईटी भी शामिल हैं।

गुवाहाटी पुलिस द्वारा बताया कि, उन्होंने उम्मीदवार नील नक्षत्र दास, उनके पिता, डॉ ज्योतिर्मय दास और एक परीक्षण केंद्र के तीन कर्मचारियों – हमेंद्र नाथ सरमा, प्रांजल कलिता और हीरालाल पाठक को ग़िरफ़्तार किया है और उन्हें एक स्थानीय अदालत में भी पेश किया गया है।

कैसे सामने आया ये मामला :

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त एम पी गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, “असम में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन्स के टॉपर के खिलाफ़ कथित तौर पर उसकी ओर से परीक्षा में बैठने के लिए प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। हमने मामले की जांच की और पाया है कि, उम्मीदवार द्वारा एक बिचौलिए के रूप में काम करने वाली दूसरी एजेंसी की मदद से एक प्रॉक्सी का इस्तेमाल किया गया था। ”

एक बड़ा रैकेट होने की संभावना :

पुलिस का ये कहना भी है कि, ''यह एक बड़ा रैकेट हो सकता है और कई अन्य लोगों द्वारा भी इस तरह की प्रथा का सहारा लेने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हम सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं। गुवाहाटी में परीक्षण केंद्र के कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। हम ऐसे और लोगों की तलाश कर रहे हैं जिन पर इस अपराध का हिस्सा होने का संदेह है। यह एक मामला नहीं हो सकता है, लेकिन एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकता है।''

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