IIT की नई पहल, किया B.Ed कोर्स कराने को लेकर विचार

अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने एक नई पहल करने पर विचार किया है। इस पहल के तहत अब IIT द्वारा B.Ed (बैचलर आफ एजुकेशन) कोर्स कराने को लेकर भी विचार किया है।
IIT की नई पहल, किया B.Ed कोर्स कराने को लेकर विचार
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राज एक्सप्रेस। किसी भी प्रशिक्षित संस्थान में शिक्षक बनने के लिए B.Ed (बैचलर आफ एजुकेशन) डिग्री होना जरूरी होता है। हालांकि, भारत में यह कई यूनिवर्सिटी करवाती हैं, लेकिन भारत में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को काफी अच्छा माना जाता है और जैसा कि, सभी जानते हैं अब तक देश में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) सिर्फ इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट जैसे प्रतिष्ठित कोर्स ही करवाती थी, लेकिन अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने एक नई पहल करने पर विचार किया है। इस पहल के तहत अब IIT द्वारा B.Ed (बैचलर आफ एजुकेशन) कोर्स कराने को लेकर भी विचार किया है।

IIT करेगी B.Ed के कोर्स की पहल :

जी हां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) द्वारा B.Ed (बैचलर आफ एजुकेशन) कोर्स की शुरुआत करने को लेकर विचार किया गया है। इसकी शुरुआत करने के बाद IIT कॉलजों से भी B.Ed की डिग्री मिल सकेगी और आप किसी भी प्रशिक्षित संस्थान में शिक्षक बनने के लिए B.Ed की डिग्री की योग्यता पा सकेंगे। यह खास इंटीग्रेटेड कोर्स चार साल का होगा। इसके तहत विद्यार्थियों को B.Sc-B.Ed, B.A.-B.Ed और B.Com-B.Ed जैसी डिग्रियां हासिल होगी। फिलहाल IIT की यातफ से इस इंटीग्रेटेड कोर्स की शुरूआत देश के चुनिंदा उच्च शिक्षण संस्थानों में ही की जाएगी और इसकी शुरुआत अगले शैक्षणिक सत्र 2023-24 से होगी।

IIT ने मांगी पहली बार अनुमति :

बताते चलें, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत खास तरह से डिजाइन किए गए कोर्सों के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने प्रमुख शिक्षण संस्थानों से आवेदन मांगे थे। इसे लेकर वैसे तो देशभर के सैकड़ों संस्थानों ने आवेदन किए हैं, लेकिन इनमें जो हैरान कर देने वाले संस्थान हैं, उनमें आइआइटी मद्रास, आइआइटी खड़गपुर, आइआइटी गुवाहाटी, आइआइटी भुवनेश्वर और आइआइटी मंडी के नाम शामिल हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब IIT ने B.Ed कोर्स शुरू करने की अनुमति मांगी है। हालांकि अब तक B.Ed कोर्सों की पढ़ाई शिक्षण से जुड़े संस्थानों की ओर से ही कराई जाती रही हैं। बता दें, वर्तमान समय में देश में B.Ed कालेजों की कुल संख्या करीब 68 सौ है। इनमें से करीब साढ़े तीन सौ कालेज सरकारी हैं। शेष सभी निजी बीएड कालेज हैं।

NCTE के अनुसार :

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मुताबिक, 'नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में शिक्षकों की शिक्षा को गुणवत्ता और मजबूती प्रदान करने की सिफारिश की गई है। इस अहम पहल के तहत उन छात्रों को प्लेटफार्म मुहैया कराना है जो बारहवीं की पढ़ाई के बाद ही शिक्षण के क्षेत्र में जाना चाहते हैं। ऐसे में उनकी स्ट्रीम (संकाय) के आधार पर उन्हें उस क्षेत्र में ही बीएड करने का मौका मिलेगा।'

नई शिक्षा नीति :

बताते चलें, देश में नई शिक्षा नीति में साल 2030 के बाद स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर सिर्फ इंटीग्रेटेड B.Ed करने वाले शिक्षकों की ही भर्ती करने की सिफारिश की गई है। हालांकि अभी इंटीग्रेटेड B.Ed कोर्स की शुरूआत सिर्फ देश के चुनिंदा व प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों से ही की जाएगी। इसके बाद इसे बाकी संस्थानों में भी शुरू करने की मंजूरी दी जाएगी। NCTE के अधिकारियों के मुताबिक, इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने के लिए इच्छुक शिक्षण संस्थानों के आवेदनों की पड़ताल की जा रही है। जरूरी औपचारिकताओं के बाद इन्हें कोर्सों को शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

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