कई राज्यों के बाद दिल्ली में भी 'ब्लैक फंगस' को घोषित किया गया 'महामारी'
कई राज्यों के बाद दिल्ली में भी 'ब्लैक फंगस' को घोषित किया गया 'महामारी'Social Media

कई राज्यों के बाद दिल्ली में भी 'ब्लैक फंगस' को घोषित किया गया 'महामारी'

अब तक पूरे देश से ब्लैक फंगस के 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।

दिल्ली, भारत। आज देशभर में कोरोना का आंकड़ा बेकाबू होता जा रहा है। देश में हर दिन हजारों लोगों की जान जा रही हैं। ऐसे में देश में अब एक और नई ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) नाम की गंभीर बीमारी ने जन्म ले लिया है। अब तक कई राज्यों से इसके कुछ एक मामलें सामने आचुके हैं। इस प्रकार पूरे देश से अब तक ब्लैक फंगस के 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आचुके हैं। इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।

दिल्ली में ब्लैक फंगस महामारी घोषित :

बताते चलें, स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार की शाम एपिडेमिक डिजीज एक्ट-1897 के तहत ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। यह बीमारी ज्यादातर कोरोना से संक्रमित मरीजों में ही पाई जाती है। इसके अलावा अब तक बिहार, उत्तराखंड और हरियाणा की सरकार भी इसे महामारी या गंभीर बीमारी का नाम दे चुकी है। वहीं, अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि,

सभी अस्पताल ब्लैंक फंगस संक्रमण का पता लगाने, जांच और इलाज करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का अनुपालन करेंगे। अस्पताल ब्लैक फंगस के प्रत्येक संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगे।

दिल्ली में ब्लैक फंगस के कुल मामले :

बताते चलें, दिल्ली में भले कोरोना के मामलों में कुछ कमी दर्ज की गई हो, लेकिन यहां सिर्फ गुरुवार (27 मई) को ब्लैक फंगस कुल 153 नए मामले सामने आए और इन मामलों के बाद दिल्ली में ब्लैक फंगस के कुल मामलों की संख्या 773 हो गई है।

ऐसे लोगों को है ज्यादा खतरा :

बताते चलें, ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस फैलने का ज्यादा खतरा है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कोविड, डाइबिटिज, किडनी की बीमारी, हृदय रोग, उम्र संबंधी समस्याओं के चलते कम हो चुकी है। इसके अलावा आर्थराइटिस (गठिया) जैसी बीमारी से पीड़ित हैं और उसके इलाज के लिए दवाएं ले रहे हैं। इस मामले में डॉक्टर्स का कहना है कि, 'अगर ऐसे मरीजों को स्टेरॉयड दी जाती है तो उनकी प्रतिरोधक क्षमता और कम हो जाएगी जिससे फंगस को प्रभावी होने का मौका मिलेगा। ऐसे में डॉक्टर स्टेरॉयड का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।'

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