निकिता तोमर को मिला इंसाफ, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद का अंतिम फैसला
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निकिता तोमर को मिला इंसाफ, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद का अंतिम फैसला

हरियाणा से फरीदाबाद के बल्लभगढ़ की छात्रा निकिता तोमर हत्‍याकांड के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निकिता की हत्या करने वाले आरोपियों के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है।

हरियाणा। लव जिहाद की बलि देशभर की कई हिंदू लड़कियां पहले भी चढ़ चुकी हैं। हालांकि, अब कई राज्यों में लव जिहाद को लेकर सख्त नियम भी बना दिए गए हैं, लेकिन पिछले साल में कोरोना महामारी के दौरान ही हरियाणा के फरीदाबाद से सटे बल्लभगढ़ की एक निकिता तोमर नाम की बेटी भी इसी लव जिहाद का शिकार हो गई थी। इतना ही नहीं इसी के चलते उसकी दिनदहाड़े सरेहाम बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, लेकिन अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुना दिया है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला :

दरअसल, हरियाणा से फरीदाबाद के बल्लभगढ़ की छात्रा निकिता तोमर हत्‍याकांड के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निकिता की हत्या करने वाले आरोपियों के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है। इस ममले में गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मात्र 12 मिनट में फैसला सुनाते हुए तौसीफ के खिलाफ धारा 302, 366, 511,34, 120 बी व आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया था और उसके साथी रेहान को आर्म्स एक्ट के अलावा सभी मामलों में दोषी करार दिया है। इस मामले में अंतिम फैसला आज होना था। आज कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनते हुए दोषी पाए गए तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना देने के आदेश भी दिए गए हैं।

क्या था मामला :

सोमवार 26 अक्टूबर 2020 के दिन जब निकिता तोमर बल्लभगढ़ में अपने कॉलेज से निकल रही थी, तब एकतरफा प्यार करने वाले तौसीफ नाम के लड़के ने उसे दिन दहाड़े गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में तौसीफ ने निकिता से अपना धर्म परिवर्तन करके उसे शादी करने को कहा था, लेकिन निकिता के इनकार करने पर तौसीफ ने गुस्से में ऐसा कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में आरोपी पाए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। निकिता का परिवार आरोपियों के लिए फांसी की मांग कर रहे थे, लेकिन रसूखदार परिवार के होने के चलते उनको सजा मिलने पर लोगों को संशय था। जिसके चलते देशभर में कई जगह प्रदर्शन हुए और लोगों ने आरोपियों को फांसी की मांग की।

गौरतलब है कि, भारत में लडकियों के साथ हुई नाइंसाफी चाहे वो रेप हो या मर्डर जैसे मामलों में आरोपियों को जल्दी सजा मिलना बहुत मुश्किल होता है। इसका सबसे अच्छा उदहारण निर्भया कांड के आरोपियों को मिली सजा है, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए इस घटना के 151 दिनों में ही दोषियों के खिलाफ फैस सुना दिया। हालांकि, इस मामले में आरोपियों को फांसी की सजा तो नहीं हुई लेकिन कोर्ट में उम्रकेद की सजा दी है।

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