मंत्रिमंडल ने कृषि और किसान हित में दूरदर्शी निर्णय लिये : अमित शाह
मंत्रिमंडल ने कृषि और किसान हित में दूरदर्शी निर्णय लिये : अमित शाहSocial Media

मंत्रिमंडल ने कृषि और किसान हित में दूरदर्शी निर्णय लिये : अमित शाह

इस फैसले में मंडियों और उनसे संबंधित संघों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य सहकारी समितियों के संघों को कृषि अवसरंचना निधि में शामिल किया गया है।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद इसकी पहली बैठक में कृषि क्षेत्र तथा किसानों के हित में लिये गये निर्णयों को दूरदर्शी करार देते हुए कहा है कि इससे कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

गृह मंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कृषि ढांचागत निधि के तहत केंद्रीय सेक्टर की योजनाओं के वित्तपोषण में संशोधन के लिए प्रधानमंत्री का स्वागत किया और कहा कि इस फैसले में मंडियों और उनसे संबंधित संघों तथा राष्ट्रीय एवं राज्य सहकारी समितियों के संघों को कृषि अवसरंचना निधि में शामिल किया गया है। इसके अलावा इसका दायरा बढ़ाकर 25 परियोजनाओं तक प्रत्येक के लिए 2 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए ब्याज में छूट व गारंटी भी दी गयी है। ए.पी.एम.सी. के लिए उसी मंडी परिसर में अलग-अलग अवसंरचना वाली विभिन्न परियोजना को मंजूरी के साथ उसी शीतागार, छंटाई, ग्रेडिंग और मूल्यांकन इकाईयों, साईलोस आदि के लिए 2 करोड़ तक के ऋण पर ब्याज छूट प्रदान की जाएगी। गृह मंत्री ने कहा, "कृषि व किसान हितेषी इस दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) जी का हृदयपूर्वक अभिनन्दन करता हूँ।"

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार कृषि और किसानों की समृद्धि के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय ए.पी.एम.सी. की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के प्रति मोदी सरकार के संकल्प का परिचायक है। इस निर्णय से न सिर्फ यह व्यवस्था और सशक्त होंगी बल्कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

इस फैसले के तहत मंडियों और उससे संबंधित संघों, राष्ट्रीय तथा राज्य सहकारी समितियों के संघों को शामिल करने से कृषि अवसरंचना क्षेत्र में अधिक निवेश आएगा जिससे रोजगार सृजन भी होगा, यह निर्णय कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मोदी सरकार का एक सकारात्मक कदम है।

इस निधि के तहत अब तक एक ही स्थान पर 2 करोड़ रुपये तक के ऋण ब्याज छूट के लिए पात्र होते हैं। अब यदि एक पात्र इकाई विभिन्न स्थानों में परियोजनाएं लगाती है तो ऐसी सभी परियोजनाएं 2 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए ब्याज छूट के लिए पात्र होंगी। हालांकि, इसके लिए अधिकतम 25 परियोजनाओं की सीमा होगी।

उन्होंने कहा, "सरकार के इस निर्णय से सहकारी मंडियों को अपना आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए बहुत बड़ी सहायता मिलेगी, इसके लिए मैं कृषि व सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी का हृदयपूर्वक अभिनन्दन करता हूँ।"

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