Raj Express
www.rajexpress.co
प्याज की महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने उठाये कदम
प्याज की महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने उठाये कदम|संपादित तस्वीर
भारत

अब दिल्ली वालों को नहीं रुलाएगा प्याज, केंद्र सरकार ने किया प्रबंध

प्याज की फसल खराब होने की वजह से इसके दाम में बढ़ोतरी हो गई है। केंद्र सरकार ने प्याज की किल्लत और महंगाई को देखते हुए प्याज को लेकर कई कदम उठा रही है।

Sushil Dev

राज एक्‍सप्रेस। जिस प्याज के आंसू से आप कभी रो पड़ते थे, वह आने वाले सीजन में आपको नहीं रूला पाएगा। केंद्र सरकार ने प्याज की किल्लत और महंगाई को देखते हुए सटीक योजना बनाई है और दावा किया है कि, उपभोक्ताओं को प्याज के लिए अब कोई परेशानी नहीं होगी। बुधवार को उपभोक्ता मामले के संबंधित विभाग ने कई हितधारकों में नैफेड के प्रबंध निदेशक, एनसीसीएफ और सफल के प्रबंध निदेशक समेत अन्‍य बाजार के विशेषज्ञों के साथ बैठक की एवं प्याज की कीमतों में हुए इजाफे की समीक्षा की। उपभोक्‍ता मामलों के विभाग में सचिव अविनाश के श्रीवास्‍तव ने बैठक की अध्‍यक्षता की। ज्ञात हो कि, सफल द्वारा खुदरा बिक्री के लिए प्‍याज को मौजूदा समय में सरकारी स्‍टॉक से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। यह सरकारी स्‍टॉक मूल्‍य स्थिरीकरण कोष के तहत बनाया गया है।

प्‍याज के खुदरा मूल्‍य को बढ़ने नहीं दिया जाएगा :

यह निर्णय लिया गया कि, सफल में प्‍याज के खुदरा मूल्‍य को 23.90 रुपये प्रति किलो (ग्रेड-ए की किस्‍म के लिए) से ज्‍यादा बढ़ने नहीं दिया जाएगा। यही कीमत 21 अगस्‍त, 2019 को सफल के विक्रय केंद्रो पर रही। इसके लिए सफल उसी दर पर सरकार के बफर स्‍टॉक से प्‍याज प्राप्‍त करती रहेगी, जिस पर उसे इसकी पेशकश 21 अगस्‍त, 2019 को की गई। सफल से प्‍याज से जुड़े अपने खुदरा परिचालन को दोगुना करने को कहा गया है। नैफेड और एनसीसीएफ को भी अपने विक्रय कें‍द्रों और मोबाइल वैन के जरिए इसी कीमत पर प्‍याज की खुदरा बिक्री करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सरकार के बफर स्‍टॉक से बड़े खुदरा विक्रेताओं को लागत मूल्‍य पर प्‍याज की पेशकश की जाएगी, ताकि आम जनता को उचित मूल्‍यों पर इसकी आपूर्ति की जा सके।

खास बात :

विभाग नियमित रूप से प्‍याज की कीमत से उत्‍पन्‍न हालात पर करीब से नजर रखेगा, ताकि आवश्‍यकता पड़ने पर कारगर कदम उठाया जा सके। इसके साथ ही सरकार जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी। जरूरत पड़ने पर प्‍याज पर न्‍यूनतम निर्यात मूल्‍य यानी एमईपी लगाने का फैसला भी कर सकती है।