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युवक ने एक ही मंडप में 2 युवतियों के साथ लिए फेरे
युवक ने एक ही मंडप में 2 युवतियों के साथ लिए फेरे|Social Media
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: युवक ने रचाया ऐसा विवाह कि, हो रही हर तरफ चर्चा

कोंडागांव, छत्तीसगढ़ : 'एक विवाह ऐसा भी' एक मंडप-एक दूल्हा और दो दुल्हन! खास बात यह कि, इस शादी के लिए दोनों युवतियों की मर्जी थी।

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से अनोखा विवाह सामने आया है। आपको बता दे कि, कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी थाना क्षेत्र के कोसमी गांव में एक युवक ने दो युवतियों से एक साथ विवाह किया है। खास बात यह कि, इस शादी के लिए दोनों युवतियों की मर्जी थी।

जानिए क्या है पूरा मामला :

मामला छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले का है। कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी थाना क्षेत्र के कोसमी गांव में सामाजिक सहमति से युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों से एक साथ विवाह के फेरे लिए। खास बात यह कि इस शादी के लिए दोनों युवतियों की रजामंदी थी। दोनों से युवक के संबंध थे, इनमें से एक दुल्हन सप्ताह भर पहले ही युवक किशोर के बेटे की मां बनी है।

दोनों युवतियों के साथ संबंध में था युवक :

मिली जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय युवक (किशोर कुमार) ने पूनम और कविता नाम की दो युवतियों से एक साथ फेरे लिए। दरअसल, ये पूरा मामला दोनों युवतियों से युवक के प्रेम-प्रसंग का है। दोनों युवतियाँ शादी के लिए राजी थी इसलिए युवक ने दोनों युवतियों से शादी करने का फैसला लिया तथा घर परिवार रिश्तेदार को परिस्थिति से अवगत कराया। स्थिति को देखते हुए युवक के मां-बाप ने भी इस फैसले पर सहमति जताई। इस मामले में युवक के परिवार वालों में रिश्तेदारों को बुलाकर शादी के बारे में चर्चा की तो वे भी इससे सहमत हुए। इसके बाद रीति-रिवाज के साथ गांव में शादी संपन्न हुई।

शादी से कुछ ही दिन पहले कविता ने शिशु को जन्म दिया है :

आपको बताते चलें कि, किशोर की दोनों पत्नियों में से एक पत्नी कविता ने शादी से कुछ ही दिन पहले एक शिशु को जन्म दिया है जो सप्ताह भर का है। इस बच्चे का अभी नामकरण संस्कार तक नहीं हो पाया है। अब इसका नामकरण किया जाएगा।

सन 1935 के आदिवासी लॉ में बहुपत्नी स्वीकार्य है। पर इसके लिए दोनों पक्षों व समाज की स्वीकृति होना अनिवार्य है। हिन्दू लॉ में दो पत्नी रखना अस्वीकार्य है। इसमें शिकायत पर ही कार्रवाई का प्रावधान है। आदिवासियों पर हिन्दू लॉ लागू नहीं होता है।

देवदास कश्यप, बस्तर संभाग अध्यक्ष

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