Raj Express
www.rajexpress.co
छत्तीसगढ़ बंद
छत्तीसगढ़ बंद|Syed Dabeer -RE
छत्तीसगढ़

ट्वीटर पर क्यों ट्रेंड कर रहा है #आरक्षण_बचाओ_संविधान_बचाओ

आरक्षण भारत में एक प्रथा की तरह वर्षो से चला आ रहा है, अब इसको लेकर हाई कोर्ट ने फैसला लिया, जिसके विरोध में आज पूरा छत्तीसगढ़ प्रदेश महासंघ के आह्वान पर बंद रहा।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। आज दुनिया भर में आरक्षण अपने आप में ही एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है, वहीं आज अर्थात 13/11/2019 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्वीटर (Twitter) पर आरक्षण को लेकर ही 2 लाइन्स #आरक्षण_बचाओ_संविधान_बचाओ और #आरक्षण_हटाओ_देश_बचाओ बहुत ज्यादा ट्रैंड कर रहा था, बहुत ही कम समय में इस मुद्दे पर दुनियाभर के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दे डाली। अगर हम एक बार आंकड़े पर नज़र डालें तो, 101 हजार के आसपास लोगों ने #आरक्षण_बचाओ_संविधान_बचाओ पर और 65 हजार 500 के आसपास लोगों ने #आरक्षण_हटाओ_देश_बचाओ पर ट्वीट किया।

क्या था मुख्य मुद्दा :

हाई कोर्ट द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों में 27% आरक्षण पर बैन लगाने का फैसला लिया है। वहीं आरक्षण पर कोर्ट के प्रतिबंध के विरोध में आज मतलब 13 नवंबर को पूरा छत्तीसगढ़ बंद रहा। छत्तीसगढ़ प्रदेश महासंघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) अनुसूचित जनजातियां (ST) और अल्पसंख्यक (M) वर्ग के लोगों ने मिलकर पूरा प्रदेश बंद रखा। ओबीसी के 27% आरक्षण पर कोर्ट के फैसले से इस वर्ग के लोग नाखुश हैं।

पेट्रोलपम्प तक रहे बंद :

इस बंद के चलते ही एक गुट अलग हो गया, क्योंकि उस गुट का कहना है है कि, वो इस बंद का समर्थन नहीं कर सकते है। इस बंद की तैयारी पहले से पूरी तरह की गई थी। यहाँ आज अस्पताल और मेडिकल स्टोर्स को छोड़ कर पूरे स्कूल-कॉलेज बंद रहे। यहाँ तक की पेट्रोलपम्प तक बंद रहे। लोगों से पहले से ही अपील की गई थी कि, वो अपने बच्चों को स्कूल-कॉलेज न जाने दें।

बड़े दलों ने भी दिया योगदान :

छत्तीसगढ़ में इस बंद को राजनीतिक दलों के साथ ही कई व्यपारिक संघटनों का भी काफी समर्थन मिला है। इसके अलावा रायपुर को पांच अलग-अलग हिस्सों में बाट कर उन्हें भी बंद कराया जाएगा। इन सब को देखते हुए मानव कुर्मी क्षत्रिय समाज वर्ग व अन्य संघठनो ने केंद्र सरकार के हाई अलर्ट को देखते हुए खुद को इन आंदोलन से दूर कर लिया है। पुलिस बल को भी तैनात किया गया।

क्या है आरक्षण :

आरक्षण देश में एक प्रथा की तरह चला आ रहा है, इसे किसी एक पक्ष (अच्छे या बुरे) के तराजू में नहीं तोला जा सकता। इसका कारण यह है कि, आरक्षण को सब अपने नजरिये से देखते हैं, जिनको मिलता है उनके लिए अच्छा है और जिसे नहीं मिलता उनके लिए बुरा है। पुराने समय से ही मानव जाती को 4 भागों में बांट दिया गया था, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र । आज भारत में इन्हें ही अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजातियां (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य (General) वर्ग में बात दिया गया है। भारत देश के हर क्षेत्र में मानव को उसकी जाती के हिसाब से स्थान प्राप्त होता है, चाहे वो सरकारी नौकरी हो या कोई बड़ी योजना।

एक झलक देखे ट्वीटर के कुछ ट्वीटस पर :

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।