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क्राइम ब्रांच के दो पुलिसकर्मियों की हरकत आई सामने।
क्राइम ब्रांच के दो पुलिसकर्मियों की हरकत आई सामने।|Social Media
मध्य भारत

क्राइम ब्रांच ने की फर्जी प्रकरण में फंसाकर रूपए ऐंठने की कोशिश

क्राइम ब्रांच एक बार फिर सवालों के कठघरे में आ खड़ी है। बेकसूर को फंसाकर रूपए ऐंठने के केस में फंसे क्राइम ब्रांच कर्मी।

रवीना शशि मिंज

राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की क्राइम ब्रांच एक बार फिर सवालों के कठघरे में आ खड़ी है। इस बार आरोप है कि क्राइंम ब्रांच के दो पुलिसकर्मियों ने फर्जी प्रकरण में फंसाने की धमकी देर कर 30 हज़ार रूपए ऐंठने की कोशिश की है।

जब पूरे मामले की शिकायत कानून मंत्री पीसी शर्मी से की गई तो उन्होंने मामले पर कार्रवाई करने के लिए भोपाल के डीआई इरशाद वाली को पत्र लिखा। जिसके बाद डीआईजी के आदेश पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ जाँच शुरू कर दी गई है।

घर से युवक को बेवजह उठा ले गई क्राइम ब्रांच

सूचना के अनुसार घटना 5 नवंबर की है। जहांगीराबाद निवासी नसीम अहमद (65 वर्षीय) ने बताया कि - ' उनके बेटे जिया उल इस्लाम (22 वर्षीय) को पुलिसकर्मी महेंद्र सिंह और अविनाश मेघ खत्री (क्राइम ब्रांच) घर के पास से उठा ले गए। पीड़ित युवक के खिलाफ पूर्व में कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। दोनों पुलिसकर्मियों ने क्राइम ब्रांच में ले जाकर एनडीपीएस एक्ट के फर्जी प्रकरण में फंसाने की धमकी दी और छोड़ने के बदले तीस हज़ार रूपए की मांग करने लगे।'

पीड़ित के पिता ने आगे बताया कि कई बार उनके बेटे को क्राइम ब्रांच के ऑफिस बुलाया लेकिन किस आधार पर उन्हें अपराधी करार किया जा रहा है, इसका जवाब उन अधिकारियों के पास नहीं था। वहीं पुलिस कस्टडी में रकम लाने के लिए परिवार वालों पर दबाव बनाया गया था।

पीड़ित के पिता नसीम की ओर से शिकायत के साथ दो कथित ऑडियो भी जारी हुए। जिसमें दोनों पुलिसकर्मचारी अविनाश और महेंद्र दूसरे काम कराने का दबाव पीड़ित युवक पर बनाते दिखाई दे रहे हैं। ऑडियों में लेनदेन की बातें भी सामने आई हैं।

पुलिस कर्मचारी अविनाश मेघा खत्री क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहने के दौरान ही पांच साल पहले बर्खास्त हो चुके हैं। तब उन पर चोरी का लोहा बेचकर लाखों रूपए कमाने का आरोप है। कोर्ट से प्रकरण निपटने के बाद अविनाश ने दोबारा क्राइम ब्रांच ज्वॉइन कर लिया था।

आरोपों की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। बर्खास्तगी के दौरान ही अविनाश खत्री पर मोहसिन उर्फ रेडियो की जेल में हुई संदिग्ध हालातों में मौत के मामले में गंभीर आरोप लगे थे। आरोप था कि मोहसिन को घर से उठाकर क्राइम ब्रांच लाने वाले अविनाश थे। क्राइम ब्रांच कार्यालय में उनके साथ जमकर मारपीट की गई। मामले में पांच पुलिसकर्मियों समेत टीआई और जेलरों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने के आदेश था। इस मामले में अभी भी कार्रवाई चल रही है।

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