ग्वालियर : मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने सड़क पर शव रख किया चक्काजाम

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : डॉक्टरों पर लगाए उपचार में लापरवाही के आरोप। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही मौत का कारण होगा साफ।
ग्वालियर : मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने सड़क पर शव रख किया चक्काजाम
मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने सड़क पर शव रख किया चक्काजामRaj Express

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। जयारोग्य अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के आईसीयू में शनिवार को लगी आग में झुलसे एक कोरोना मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए सांसद विवेक शेजवलकर के घर के बाहर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि मृतक की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी उनकी छुट्टी होने वाली थी। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से उनकी मौत हुई है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल के फोर्थ फ्लोर पर बने आईसीयू में शनिवार की दोपहर आग लग गई थी। आग लगते ही वहां अफरा तफरी मच गई थी। घटना के समय आईसीयू में नौ मरीज भर्ती थे, जिन्हें तत्काल थर्ड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया , लेकिन इनमें से दो मरीज आग की चपेट में आकर झुलस गए थे। जिन्हें तत्काल उपचार मुहैया कराया गया । लेकिन देर रात नई सड़क सूबे की गोठ निवासी प्रदीप गौड़ नामक मरीज की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने आरोप लगाया है कि आग मेंं झुलसने के बाद उनके मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया गया । इससे उसकी जान चली गई। गुस्साए परिजन प्रदीप के शव को लेकर सांसद विवेक शेजवलकर के घर के बाहर हो गए और नई सड़क पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम करने की जानकारी जैसे ही पुलिस प्रशासन के अमले को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के बेटे विक्की ने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर एसडीएम विनोद भार्गव ने चक्काजाम कर लोगों को समझाईश दी। उनका कहना था फिलहाल परिवार को दस हजार की तात्कालिक सहायता दी जा रही है । शेष मांगों का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। वहीं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के आरोप पर उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। जब कहीं जाकर मृतक के परिजन शव लेकर रवाना हुए।

मृतक के बेटे ने लगाया आरोप :

मृतक प्रदीप के बेटे ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब आग लगी तो वह अपने पिता से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। पिता ने बताया था कि वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। आग में जब भगदड़ शुरू हुई तो फोन कट गया। कुछ देर बाद जब फोन उठाया तो नर्स ने बताया कि प्रदीप की मौत हो चुकी है।

डॉक्टर के एक पैनल ने किया मृतक का पीएम :

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की इसलिए उनके मरीज की मौत हो गई। हालांकि परिजनों के आरोप के बाद डॉक्टर्स के एक पैनल ने मृतक का पीएम किया है जिसकी रिपोर्ट से मौत का कारण साफ हो जायेगा।

नौकरी देने की मांग :

आप पार्टी के नेता बांके बिहारी जोशी ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि 64 करोड़ की लागत से बने इस अस्पताल मेंं आग बुझाने के उपकरण नहीं है। उन्होंने झुलसने के बाद मृतक के इलाज मेंं लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। साथ ही कहा कि मृतक का परिवार गरीब है और प्रदीप गौड़ ही परिवार चलाते थे उन्होंने सहायता के साथ परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग की हैं।

इनका कहना है :

परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत धुंए के कारण दम घुटने से हुई है। इसलिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाकर मृतक का पीएम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर कारण स्पष्ट हो जाएगा।

डॉ. आरकेएस धाकड़, अधीक्षक, जेएएच

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

Raj Express
www.rajexpress.co