Gwalior : भाजपा पार्षद दावेदारो से आवेदन के साथ लिए जा रहे 10 हजार रुपए
भाजपा पार्षद दावेदारो से आवेदन के साथ लिए जा रहे 10 हजार रुपएRaj Express

Gwalior : भाजपा पार्षद दावेदारो से आवेदन के साथ लिए जा रहे 10 हजार रुपए

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : भाजपा जिलाध्यक्ष बोले हम समर्पण निधि के तौर पर ले रहे राशि। कांग्रेस अध्यक्ष बोले यह भ्रष्टाचार है और इसकी शिकायत करेंगे।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश।जब भी कोई चुनाव आता है तो उस दौरान दावेदारो से वसूली का खेल शुरू हो जाता है और यह वसूली किस रूप में और किसके लिए की जाती है यह बात स्पष्ट नहीं हो पाती। निकाय चुनाव का ऐलान होने के साथ ही टिकट के दावेदार पार्टी दफ्तर पहुंंच अपने आवेदन देने में लगे हुए है, लेकिन जब उनसे कहा जाता है कि 10 हजार रुपए भी देना है तो कई आवेदन देने वाले तो वापिस लौट जाते है,क्योंकि उनको यह नहीं पता था आवेदन के साथ 10 हजार रुपए भी लिए जाएगे। भाजपा मुखर्जी भवन पर कुछ ऐसा ही खेल चल रहा है और टिकट के दावेदारी करने के लिए जो आवेदन जमा करने के लिए आ रहे है उनसे यह राशि ली जा रही है।

ग्वालियर नगर निगम पर कई दशको से भाजपा का कब्जा है और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है जिसके कारण पार्षद पद के लिए टिकट लेने के लिए कई दावेदार सक्रिय होकर अपनी टिकट पक्की कराने के प्रयास में लगे हुए है। शहर में 66 वार्ड है और प्रत्येक वार्ड में भाजपा की तरफ से कम से कम आधा दर्जन टिकट की दावेदारी कर रहे है। टिकट के दावेदारो की संख्या जिस तरह से बढ़ती जा रही है उसको देखते हुए भाजपा ने अपना कोष मजबूत करने का निर्णय लिया है और प्रत्येक दावेदार से बॉयोडाटा के साथ 10 हजार रुपए भी जमा कराएं जा रहे है। भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी अब मुखर्जी भवन पर प्रतिदिन 4 से 5 घंटे तक बैठकर दावेदारो से बॉयोडाटा लेने का काम कर रहे है। इन्ही बॉयोडाटा लेने वालो से भी अपनी पार्टी के कोष में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है अब सवाल यह है कि आखिर चुनाव का ऐलान होने के बाद दावेदारो से जिस तरह से 10 हजार रुपए लिए जा रहे है,क्या उस पर चुनाव आयोग कार्यवाही करेगा?

10 हजार लाओ तभी बॉयोडाटा जमा होगा :

भाजपा में पार्षद पद के दावेदार काफी संख्या में अपना बॉयोडाटा लेकर मुखर्जी भवन पहुंंच रहे है और जब उनसे बॉयोडाटा लिया जाता है तो उनसे कहा जाता है कि पहले 10 हजार रुपए जमा कराओ। जब आवेदक कहता है कि अभी तो उनके पास 10 हजार रुपए नहीं है तो उनसे कहा जाता है कि जब 10 हजार रुपए हो जाएं तभी आपका बॉयोडाटा लिया जाएगा। ऐसे में कई दावेदार जिनकी आर्थिक स्थति ठीक नहीं है वह किसी से कर्ज लेकर पैसे लेकर आते है उसके बाद उनका बॉयोडाटा जमा किया जाता है।

इससे पहले कभी भी चुनावी समय में नहीं हुई थी वसूली :

भाजपा में इससे पहले कभी भी चुनावी समय मेें वसूली का खेल नहीं हुआ था। शहर में कई भाजपा जिलाध्यक्ष रहे है, लेकिन उन्होंने कभी भी पार्षद पद के दावेदारो से एक भी पैसा बॉयोडाटा जमा करने के दौरान नहीं लिया था, लेकिन कमल माखीजानी ने बॉयोडाटा के साथ 10 हजार रुपए लेना का नया तरीका निकाला है जिसको लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध होने लगा है और प्रदेश भाजपा नेतृत्व तक भी शिकायत पहुंचाई गई है।

इनका कहना है :

भाजपा कार्यालय पर पिछले 5 दिन से करीब 6 घंटे के लिए बैठ रहे है और जो पार्षद पद के दावेदार आ रहे है उनसे बॉयोडाटा लेने का काम कर रहे है।सारे बॉयोडाटा को चयन समिति की बैठक में रखा जाएगा और जो जिताऊ दावेदार होगा उसे टिकट दिया जाएगा। पार्टी को ग्वालियर शहर से 4 करोड़ का फंड एकत्रित करना है तो इसी को लेकर वह प्रत्येक दावेदार से 10 हजार रुपए समर्पण निधि के रूप में ले रहे है। यह आचार संहिता के दायरे में नहीं आता।

कमल माखीजानी, जिलाध्यक्ष भाजपा, ग्वालियर

भाजपा हमेशा से ही वसूली करने वाली पार्टी रही है। अब भाजपा दावेदारो से जो पैसे वसूल कर रही है उसको लेकर अगर उनके पास कोई रसीद लेकर आता है तो शिकायत की जाएगी। वैसे इस मामले को भ्रष्टाचार से जुड़ा माना जाएगा और इसको लेकर जो ऐजेंसी है उनको कार्यवाही करना चाहिए, वैसे वह तो चुनाव आयोग को शिकायत करेंगे।

डॉ. देवेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष शहर कांग्रेस

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