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ओंकारेश्वर बांध के खोले गए 18 गेट, जनजीवन अस्त-व्यस्त
ओंकारेश्वर बांध के खोले गए 18 गेट, जनजीवन अस्त-व्यस्त|Social Media
मध्य प्रदेश

खण्डवा : ओंमकारेश्वर बांध के खोले गए 18 गेट, जनजीवन अस्त-व्यस्त

खण्डवा, मध्‍यप्रदेश : ओंमकारेश्वर डेम और इंदिरासागर डेम से पानी छोड़ने के बाद हालत बिगड़ गयी। इंदौर इच्छापुर हाईवे पर मोरटक्का पुल से आवागमन रोक दिया गया। जिससे वाहनों की कतारें लग गयी हैं।

Gaurav Jain

हाइलाइट्स:

  • ओंमकारेश्वर में नर्मदा किनारे बने मठ मंदिरों में पानी भर गया

  • ओंमकारेश्वर बांध के खोले गए 23 में से 18 गेट

  • नर्मदा में 192.92 मीटर जलस्तर एवं 18 गेट से 18, 675 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है

  • परियोजना से 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा

  • ज्योतिर्लिंग भगवान ओंमकारेश्वर मंदिर मुख्य मार्ग से 10 फीट नीचे बह रही नर्मदा

  • श्रद्धालुओं का नर्मदा नदी के तट पर जाने से लगाया प्रतिबंध

  • पेट पालने के लिये लोग दांव पर लगा रहे हैं अपनी जान

राज एक्सप्रेस। नर्मदा नदी पर बने ओंमकारेश्वर बांध के 23 में से 18 गेट खोले गए हैं, भारी बारिश के कारण बांध से पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति और विकराल हुई है। बरगी बांध एवं तवा बांध के बाद इंदिरा सागर बांध के गेट खोले जाने के बाद लगातार ओंमकारेश्वर बांध का वाटर लेवल बढ़ रहा है, जिसके चलते ओंमकारेश्वर बांध के 18 गेटो को सुबह तक 6.5 मीटर तक खोला गया, जिससे नर्मदा नदी अपने रौद रूप में नजर आ रही है, अतः निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।

कार्यालय के अनुसार:

ओंमकारेश्वर बांध के कार्यालय के अनुसार, नर्मदा में 192.92 मीटर जलस्तर एवं 18 गेट से 18,675 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है। निरंतर चल रही विद्युत इकाई और गेट से कुल 22000 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है। ओंमकारेश्वर बांध परियोजना में भी लगातार नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से नर्मदा रौद्र रूप ले रही है। परियोजना से 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण ज्योतिर्लिंग भगवान ओंमकारेश्वर मंदिर मुख्य मार्ग से मात्र 10 फीट नीचे नर्मदा बह रही है। ज्योतिर्लिंग, ममलेश्वर, प्रमुख केवलराम घाट, गोमुख घाट आवागमन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। तटीय क्षेत्र जलमग्न होने से नाविकों को अपनी नौकाएं सुरक्षित स्थानों पर बांधने के निर्देश दिए जा रहे हैं, साथ ही उद्घोषणा केंद्र से लगातार चेतावनी दी जा रही है। विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी के तट पर जाने से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

ओंकारेश्वर बांध के खोले गए 18 गेट
ओंकारेश्वर बांध के खोले गए 18 गेट
Gaurav Jain

ब्रिटिश शासन काल में बना पुल से आवागमन पर प्रतिबन्ध यथावत :

थाना मांधाता क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मोरटक्का में इंदौर इच्छापुर हाईवे को जोड़ने वाले लगभग 100 साल पुराने पुल पर, नर्मदा का खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण, लगभग 48 घंटे पूर्व से यातायात पूरी तरह बंद किया गया है जिससे इच्छापुर हाईवे पर पुल के दोनों तरफ भारी मालवाहक एवं अन्य वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाने से आवागमन बाधित हो रहा है। खण्डवा एवं खरगोन जिला प्रशासन, नर्मदा नदी में बढ़ रहे, जलस्तर को लेकर सामान्य होने की राह देख रहा है। पिछले एक माह से नर्मदा नदी में चल रही बाढ़ को लेकर दोनों जिलों के छोटे से बड़े अधिकारी कर्मचारी मुस्तैदी से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

पेट पालने के लिये अपनी जान लगा रहे दांव पर :

विगत 1 माह से नर्मदा के बढ़े हुए जलस्तर को लेकर नाविक व फूलपत्ती दुकानदारों पर खासा असर पड़ा है। नर्मदा घाटों पर दुकान लगाकर घर चला रही महिलाओं को अपने बच्चों की स्कूल फीस से लेकर रसोई तक की चिंता सता रही है, वही नाव संचालन करने वाले लोग भी 1 माह से बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। आर्थिक तंगी से परेशान होकर कुछ लोग अपनी जान पर खेलकर भयंकर बाढ़ में मछलियाँ पकड़कर अपना पेट पालने की जुगत लगा रहे हैं।

अनुविभागीय अधिकारी का कहना:

ओंमकारेश्वर बांध के ऊपरी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण मंगलवार रात्री में ढेड़ फिट तक नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। मोरटक्का पुल पर प्रतिबंध यथावत रहेगा। एक्वाडक्ट पुल से छोटे वाहनों का आवागमन चालू है। कुछ बड़े वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।