Raj Express
www.rajexpress.co
मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से बच्चों की मौत
मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से बच्चों की मौत|Raj Express
मध्य प्रदेश

छतरपुर: खनन माफिया ने खोदी मौत की खाई - स्कूल पढ़ने गए 2 बच्चे लाश बनकर आए वापस

हरपालपुर, छतरपुर: छतरपुर के गलान गांव में स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में पढ़ने के लिए गए बच्चे लाश बनकर वापस आए, यहां स्कूल के पास मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से बच्चों की मौत हो गई।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। छतरपुर जिले में एक स्कूल के पास में ही खनन माफियाओं ने अवैध ढंग से मुरम का उत्खनन कर डाला, 200 मीटर लंबी और 40 फिट गहरी यह खाई मौत बांट रही है। गलान गांव में स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में पढ़ने के लिए गए बच्चे लाश बनकर वापस आए, यहां स्कूल के पास मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से बच्चों की मौत हो गई। घटना को देख वहां पर मंदिर में पुताई कर रहे एक युवक घनश्याम अहिरवार द्वारा एक छात्र को पानी से निकाल कर उसकी जान बचाई, लेकिन दो छात्र पानी में डूब गए। घटना की सूचना पर पहुंचे गांव के लोगों द्वारा करीब 2 घंटे खोज कर दोनों को निकाला और इलाज के लिए उन्हें स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां पर डॉक्‍टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

दो घरों के एकलौते चिराग बुझने से गांव में मातम :

गलान गांव में दो मासूमों की डूबने से मौत होने से पूरे गांव में मातम का माहौल है। मृतक जयहिंद परिहार अपनी पांच बहिनों का एकलौता भाई था, तो वहीं यश यादव दो बहिनों का अकेला भाई था। दोनों की मौत ने गांव को हिला दिया है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

स्कूल में पेपर देने गए थे बच्‍चे :

थाना क्षेत्र के गलान में करीब आधा किलोमीटर दूर पहाड़ी में शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला है, यहां गुरूवार 26 सितंबर को स्कूल में कक्षा 5वीं का पर्यावरण और 8वीं का गणित का पेपर था। गांव के लोगों ने बताया कि, बच्चे स्कूल में करीब 10 बजे पहुंच जाते हैं और स्कूल 10.30 बजे खोला जाता है। गुरूवार को बच्चे स्कूल गए, जहां से 3 बच्चे जयहिंद परिहार (12) पिता गोविंद परिहार कक्षा 8, यश (9) पिता चरण सिंह कक्षा 5 और गोलू यादव (13) पिता मिथलेश यादव कक्षा 7 स्कूल में साइकिल और बस्ता रखकर, स्कूल के पीछे स्थित मुरम खदान में भरे पानी में नहाने के लिए चले गए।

मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से 2 बच्चों की मौत
मुरम खदान में भरे पानी में डूबने से 2 बच्चों की मौत
Raj Express

नहाते समय डूबने लगे बच्चेे :

नहाते समय तीनों डूबने लगे, उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में स्थित मंदिर में पुताई कर रहा नाऊपहारिया निवासी घनश्याम अहिरवार दौड़कर आया और गोलू को बाल पकड़कर बाहर निकाला। इसके साथ ही उसने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। गोलू के साथ नहा रहे 2 अन्य बच्चों की कोई खबर नहीं मिली। ग्रामीणों ने काफी तलाश की, दो घंटे बाद उन्हें पानी से निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बारे में डायल 100 को सूचना दी गई।

प्रधानाध्यापक पंकज खरे ने बताया कि, विद्यालय का समय 10:30 बजे है। बच्चे पहले आ गए थे, जब वे स्कूल आए तो तीनों बच्चों के बस्ते और साईकिल रखी थींं, लेकिन बच्चे गायब थे, वे परिजनों को सूचना देते, उससे पहले ही दु:खद हादसे की जानकारी मिली। बच्चों को खोजने में तैराक रज्जू राजा, रामेश्वर, विनोद श्रीवास, रवि यादव, राममिलन तथा प्रदीप की मदद मिली।

स्कूल के पास में खोद दी गई मौत की खाई :

स्कूल के पास में ही खनन माफियाओं ने अवैध ढंग से स्कूल से 100 मीटर के एरिया में मुरम का उत्खनन कर डाला, जिससे करीब 5 खाईयां बन गई हैं। 200 मीटर लंबी और 40 फिट गहरी ये खाईयां मौत बांट रही हैं। तहसीलदार के सामने यह मुद्दा उठाया गया, हादसे की सूचना मिलने पर पहुंचे नौगांव तहसीलदार बीपी सिंह ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए पटवारी आशीष पाण्डेय से सभी के बयान दर्ज कराए और पंचनामा बनवाया। तहसीलदार ने कहा कि, स्कूल के पास खोदी गई अवैध मुरम खदानों की जांच कर कार्यवाही की जाएगी। उधर ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक स्कूल स्टाफ को कमरे में कैद कर दिया था। तहसीलदार ने खदानों के समतल करने और 100 मीटर दूर स्थित खदानों के चारों ओर तार फेसिंग करने के निर्देश सरपंच को दिए हैं। यदि स्कूल की बाउण्ड्री बनाने में ध्यान दिया गया होता, तो शायद यह हादसा न होता।

इन खदानों के बारे में खनिज विभाग को निर्देश देकर इन्हें समतल कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा फिर न हो और अवैध खदानों की जांच की जाएगी।
बीपी सिंह, तहसीलदार, नौगांव

जिले भर में खोदी गई हैं ऐसी खाईयां

सिर्फ गलान ही नहीं, बल्कि जिले भर में अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं ने ऐसी मौत की खाईयां खोद दी हैं। हाईवे का निर्माण कर रही पीएनसी कंपनी ने धामची, गौरगांय सहित सीमावर्ती गांव में जमकर अवैध उत्खनन किया है। यहां यदि प्रशासन द्वारा बारीकी से जांच की जाती है, तो ठेकेदारों के खिलाफ लाखों रूपए की रॉयल्टी चोरी का मामला बन सकता है। खनिज विभाग की मौन स्वीकृति से ठेकेदार अपनी मर्जी से उत्खनन करता है भले ही उसके शिकार कोई भी हो।