शासकीय चिकित्सालय अरण्य स्कीम 78
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मध्य प्रदेश

इंदौर : सरकारी अस्पताल में जारी है ईनाम के नाम पर गरीबों से वसूली

इंदौर, मध्य प्रदेश : शासकीय अस्पतालों में प्रसूति होने पर ईनाम के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। ईनाम के रूप में वसूली जाने वाली इस राशि से गरीब परिवार परेशान हैं।

Mumtaz Khan

इंदौर, मध्य प्रदेश। शासकीय अस्पतालों में प्रसूति पूरी तरह से मुफ्त की जाती है। साथ ही जरूरत पड़ने पर महंगी दवा भी मुफ्त मे दी जाती है और विभिन्न सरकारी योजना के तहत राशि भी प्रसूति के बाद महिला के अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है। इसके ठीक उल्टा ज्यादातर शासकीय अस्पतालों में प्रसूति होने पर ईनाम के नाम पर जमकर वसूली भी हो रही है। ईनाम के रूप में वसूली जाने वाली इस राशि से गरीब परिवार परेशान हैं।

एक ऐसा ही मामला स्कीम नं. 78 में स्थित अरण्य अस्पताल में सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार की महिला को पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर, उसे परिजनों को जब तक गोद में नहीं सौंपा, जब तक परिजनों ने 2100 रुपए स्टाफ को नहीं सौंपे। परिवारों का कहना था कि ईनाम के रूप में 100-200 रुपए देने में दिक्कत नहीं, लेकिन इतनी बड़ी राशि जबरन वसूलना सही नहीं है।

हर प्रसूति के बाद मांगा जाता है ईनाम :

अरण्य हॉस्पिटल में प्रसूति की जा रही है। यहां गत दिनों को अकीला पति संतोष बाम निया निवासी 172 बापू गांधी नगर को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। अकीला की सास ने मीडिया के सामने बताया कि प्रसूति के लिए अस्पताल में उनकी बहू भर्ती हुई थी। बहु को लड़का हुआ था यहां पर कार्यरत स्टाफ द्वारा डिलीवरी कराने के पश्चात हमसे लड़का होने की खुशी में 2100 की मांग की गई। हमारे पास इतने रुपए नहीं थे, हमने उनसे निवेदन किया कि इतने रुपए हम नहीं दे सकते, मिठाई के लिए 100-200 रुपए ले लो, लेकिन वह नहीं माने। स्टाफ ने 2100 रुपर देने के बाद ही हमें बच्चा सौंपा। परिजनों का कहना था कि सरकारी अस्पताल में गरीब परिवारों से इस तरह की वसूली नहीं होना चाहिए, क्योंकि कोरोना काल में ऐसे ही हम लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं इस तरह से सरकारी अस्पतालों में लूट की जा रही है। अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी रहती है, फिर भी कोई रोकता नहीं और न शिकायत के बाद कार्रवाई की जाती है। इसके चलते स्टाफ के दिनोदिन हौंसले बढञ रहे हैं। इतना ही नहीं अस्पताल सूत्रों का कहना है कि शहर के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में प्रसूति के बाद परिजनों ने ईनाम के नाम पर वसूली की जाती है।

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