आयुष्मान योजना में शामिल होंगे 4.7 करोड़ लोग
आयुष्मान योजना में शामिल होंगे 4.7 करोड़ लोगSocial Media

आयुष्मान योजना में शामिल होंगे 4.7 करोड़ लोग

भोपाल, मध्यप्रदेश : प्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम् योजना में प्रदेश के 4.7 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आयुष्मान 2.0 अभियान चलाया जा रहा है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम् योजना में प्रदेश के 4.7 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आयुष्मान 2.0 अभियान चलाया जा रहा है।

यह जानकारी गुरुवार को आयुष्मान भारत निरामयम को मप्र में लागू हुए तीन वर्ष पूरा होने के मौके पर पत्रकार वार्ता के दौरान लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि योजना प्रदेश में 23 सितंबर 2018 को लागू की गई थी, तब से लेकर अब तक आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने का काम जारी है। अब तक प्रदेश में 2.54 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद वरदान साबित हुआ है। बीमारी के मुश्किल समय में यह कार्ड बड़ा सहारा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योजना के तहत 9.54 लाख उपचार प्रक्रियाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को दिया गया है। इस पर अब तक 1373 करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई है। योजना में पांच लाख रुपए तक की नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है। योजना के तहत प्रदेश में 895 अस्पतालों को चिन्हित किया गया है, इनमें 440 निजी और 455 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। योजना में अधिक से अधिक अस्पतालों को जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति में कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, ह्दय रोग डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, नि:संतानता, मोतियाबिंद सहित अन्य गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार करने की सुविधा इस योजना के तहत दी गई है।

अब तक एक लाख 35 हजार अपात्रों के कार्ड निरस्त :

पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रदेश में अपात्र व्यक्ति द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने की शिकायत होने के बाद मामले की जांच कराई गई है, इसमें अब तक एक लाख 35 हजार अपात्रों के कार्ड निरस्त किए गए हैं। हालांकि ऐसे अपात्रों द्वारा कार्ड बनाने पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने संबंधी सवाल का वे जवाब नहीं दे सके। अनुबंधित अस्पतालों द्वारा मनमाना बिल बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल ज्यादा बिल बनाते हैं, तो मामले की शिकायत टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है। कोविड काल में अस्पतालों द्वारा मनमाने वसूली पर उन्होंने कहा कि कोविड काल में 350 अस्पतालों को संबद्ध किया गया था। सभी जिलों से एक या दो अस्पतालों के बारे में इस तरह की शिकायत मिली।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.