जबलपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई- MP के इन हॉस्पिटलों के लाइसेंस रद्द

मध्यप्रदेश। जबलपुर अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, जांच में खामियां मिलने के बाद कई हॉस्पिटलों के लाइसेंस रद्द कर दिए है।
Fire in Jabalpur Hospital
Fire in Jabalpur HospitalSocial Media

मध्यप्रदेश। बीते दिनों जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें कई मरीजों की मौत हो गई थी वहीं कई घायल हुए थे। जबलपुर अस्पताल हुए भीषण अग्निकांड के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई हॉस्पिटलों के लाइसेंस रद्द कर दिए है।

आगजनी की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बनाई थी जांच के लिए कमेटी :

जबलपुर के अस्पताल में हुई आगजनी की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी, जिसके बाद हर जिले में एक डॉक्टर के साथ नगर निगम के फायर ऑफिसर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑफिसर के साथ जॉइंट टीम बनाकर अस्पतालों व नर्सिंग होम्स का निरीक्षण कराया गया। इसमें खामियां मिलने पर एक्शन लिया गया है।

MP के 92 प्राइवेट हॉस्पिटलों का लाइसेंस कैंसिल:

बता दें, जांच में खामियां मिलने के बाद अस्पतालों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए। इसके बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर कई अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए। मिली जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के 92 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस रद्द हुए है। इसमें सबसे ज्यादा जबलपुर के 33, भोपाल के 21, ग्वालियर के 19 हॉस्पिटल शामिल हैं।

बीते दिनों ही जबलपुर में अस्पताल में 8 लोगों के जिंदा जलने के मामले की जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया थ । हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए ये सवाल पूछे है। वही इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा था कि, सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी अगली बार अनिवार्य रूप से रिपोर्ट पेश करें। ये आखिरी मौका है। रिपोर्ट पेश नहीं करने पर हम स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराएंगे।

Fire in Jabalpur Hospital
Jabalpur Hospital Fire Case: इस मामले की जांच रिपोर्ट पर HC नाराज, सरकार को फटकार लगाते हुए पूछे सवाल

अस्पताल में आग लगने से 8 लोगों की हो गई थी मौत :

जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर बात सामने आई है कि कहीं न कहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते इतना बड़ा अग्रि हादसा हुआ है, ऐसे में अस्पताल के डायरेक्टर सुरेश पटैल, निशिन गुप्ता सहित अन्य पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ, जिन्होने अस्पताल में आपातकालीन सुविधाएं पर्याप्त नहीं रखी, जिसके चलते इतना बड़ा अग्रिहादसा हो गया। इधर इस घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया था।

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