इंदौर : आनंद ज्वेलर्स पर प्रशासन ने डाले ताले, 31 कर्मचारी निकले थे पॉजिटिव

इंदौर, मध्य प्रदेश : एमजी रोड स्थित आनंद ज्वेलर्स में कार्यरत 31 कर्मचारियों में बुधवार को कोरोना की पुष्टि हुई थी। बड़ी संख्या में पॉजिटिव कर्मचारी पॉजिटिव निकलने के बाद भी था संस्थान चालू।
इंदौर : आनंद ज्वेलर्स पर प्रशासन ने डाले ताले, 31 कर्मचारी निकले थे पॉजिटिव
आनंद ज्वेलर्स पर प्रशासन ने डाले तालेRavi Verma

हाइलाइट्स :

  • संचालक को लापरवाही बरतने पर जारी किया नोटिस, खरीदी करने वालों में मचा हड़कंप।

  • बड़ी संख्या में पॉजिटिव कर्मचारी पॉजिटिव निकलने के बाद भी था संस्थान चालू, 7 दिन तक बंद रहेगा।

  • जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई।

इंदौर, मध्य प्रदेश। एमजी रोड स्थित आनंद ज्वेलर्स में कार्यरत 31 कर्मचारियों में बुधवार को कोरोना की पुष्टि हुई थी। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी पॉजिटिव निकलने के बाद भी संस्था का संचालन गुरुवार को किया जा रहा था। जब इसकी जानकारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगी, तो कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर आनंद ज्वेलर्स को 7 दिन के लिए बंद कर दिया गया।

इतना ही नहीं संचालक को एक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि संस्थान में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं किया गया है और न ही थर्मल गन, मास्क, सैनिटाइजर आदि का इस्तेमाल किया गया है। यही कारण है कि इतनी बड़ी संख्या में संस्थान के कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए। इसी के चलते संस्थान को 7 दिन के लिए बंद किया जा रहा है। इस दौरान संस्थान में सैनिटाइजेशन होगा।

इंदौर का पहला मामला, जहां इस तरह हुई कार्रवाई :

आनंद ज्वेलर्स शहर का पहला ऐसा लापरवाह संस्थान निकला है, जहां इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कर्मचारी संक्रमित हुए हैं। इसके साथ ही यह पहला निजी संस्थान है, जहां पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 7 दिन के लिए बंद कराया है। एडीएम अजय देव शर्मा ने कहा कि कोविड संक्रमण में कोई भी प्रतिष्ठान यदि इस बात का ध्यान नहीं रखता है और वहां पर ज्यादा लोग संक्रमण के दौर में आते हैं तो उन पर कार्रवाई होती है। पहले भी कई संस्थानों में कार्रवाई की गई है। सीएमएचओ की रिपोर्ट के अनुसार इनके स्टाफ के 31 लोग संक्रमित हैं। ऐसे संस्थान क्लोज कैंपस वाले और सेंट्रल एसी वाले होते हैं। ऐसे में स्टाफ और ग्राहकों में संक्रमण की संभावना बन सकती है। कलेक्टर के आदेश पर ज्वेलरी शोरूम को 7 दिन सैनिटाइजेशन के लिए बंद रखने को कहा गया है।

ग्राहकों में भी मचा हड़कंप :

दीपावली और धनतेरस के मौके पर आनंद ज्वेलर्स में जिन लोगों ने विजिट की थी, अब वो परेशानी में आ गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सूची बनाकर उनकी जांच की जाएगी। वहीं जिन लोगों ने आनंद ज्वेलर्स से खरीदी की थी, उन्हें कम से कम 5 दिनों तक आइसोलेटेड होना पड़ेगा। इस दौरान उनमें कोरोना के लक्षण दिखते हैं, तो जांच कराना होगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी सूची बनाकर ऐसे ग्राहकों से संपर्क करेगा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को आनंद ज्वेलर्स के 31 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए। इनमें से 14 महिला कर्मचारी और 17 पुरुष हैं। जानकारी के अनुसार शुरुआत में दो कर्मचारी पॉजिटिव आए। इसके बाद 17 नवंबर को कुल 72 सदस्यीय स्टाफ के सैंपल जांच के लिए निजी लैब में भेजे गए। इनमें 20 कर्मचारियों की पुष्टि मंगलवार और 11 की पुष्टि बुधवार रात को हुई। सभी 31 कर्मचारियों को आइसोलेशन में भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि निजी लैब में ज्वेलर्स के कर्मचारियों की जांच करवाई थी। इसमें 20 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। हमारी टीम अन्य लोगों का पता लगा रही है कि यह संक्रमित कर्मचारी कितने लोगों के संपर्क में रहे। त्योहार के दौरान जितने ग्राहक गए होंगे, उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। यदि किसी में लक्षण पाए जाते हैं तो उनकी जांच की जाएगी।

सीएमएचओ ने भी जारी किया पत्र :

सीएमएचओ डॉ. प्रवीड़ जड़िया द्वारा भी आनंद ज्वेलर्स को एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि एमजी रोड स्थित आपके प्रतिष्ठान में कार्यरत 31 स्टाफ की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। उल्लेखनीय है कि शासन के दिशा निर्देशानुसार मप्र पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 के तहत संक्रामक रोग (कोविड-19) हेतु अधिसूचित किया गया है। इसी प्रकार एपेडेमिक डिसिज एक्ट 1987 में प्रदत्त शक्तियों के तहत मप्र शासन, लेक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अधिसूचनवा 23 मार्च को जारी की गई है। 18 नवंबर को चिकित्सकों के एक दल द्वारा आपकी संस्था का निरीक्षण किया गया एवं पाया गया है कि संस्थान संचालक होने के नाते आपको जो कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाना था, उसमें लापरवाही आनंद ज्वेलर्स में की गई। अगर संस्थान के कर्मचारियों का नियमित रूप से थर्मल गन के माध्यम से टेम्परेचर का निरीक्षण किया गया होता, स्टाफ के सेनिटाइजेसन को लेकर समुचित व्यवस्था की गई होती तथा मास्क का उपयोग सही ढंग सले किया गया होता, तब ऐसे परिस्थितियां में आपकी एक ही संस्थान में 30 से अधिक कर्मचारी कोविड संक्रमित नहीं होते। स्पष्टत: संस्थान में लापरवाही को न केवल आपने आपने संस्था के कर्मचारियों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला है, अपितु आपके संस्थान में विगत दिनों में आए कई ग्राहकों के स्वास्थ्य को भी इस लापराही से खतरा उत्पन्न हुआ है। अत: डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 एवं एपडेमिक डिसिज एक्ट 1987 के प्रावधानों के तहत एवं रा'य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप संस्थान को समुचित रूप से सेनिटाइजेशन करने 7 दिन के लिए बंद रखना जरूरी है, ताकि आमजन के स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव न पड़े।

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