ग्वालियर : कोरोना व डेंगू के बाद अब चिकुनगुनिया ने दी दस्तक, मिला मरीज

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : कोरोना व डेंगू के बाद जिले में अब चिकुनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। मरीज को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कर किया जा रहा है उपचार।
ग्वालियर : कोरोना व डेंगू के बाद अब चिकुनगुनिया ने दी दस्तक, मिला मरीज
कोरोना व डेंगू के बाद अब चिकुनगुनिया ने दी दस्तक, मिला मरीजSocial Media

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। कोरोना व डेंगू के बाद जिले में अब चिकुनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। चिकुनगुनिया से पीड़ित मरीज को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

मोतीझील कृष्णा नगर स्थित 25 वर्षीय नीरज पुत्र आशीष की रिपोर्ट में चिकिनगुनिया वायरस का पता चला है। नीरज को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। तीन साल बाद चिकुनगुनिया का पहला मामला प्रकाश में आया है। तीन साल पहले चिकुनगुनिया के शहर में करीब 300 केस सामने आए थे। जिसके बाद से कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया। लेकिन अचानक से चिकिनगुनिया का मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के चहरे पर हवाईंयां उडऩे लगीं हैं। एक तरफ तो पिछले 8 महीने से कोरोना का दंश झेल रहे शहर में डेंगू ने भी दस्तक दे दी थी। अब चिकुनगुनिया का खतरा बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। मलेरिया विभाग का कहना है कि चिकिनगुनिया 2016-17 में पहला मामला आया था तब शहर में करीब 300 मरीज इसके शिकार पाए गए थे। इसके बाद से कोई मरीज सामने नहीं आया। लेकिन अब इस समय चिकुन गुनिया की दस्तक परेशानी का कारण बन सकता है। यह रोग मानव को एडिस मच्छर के काटने से होता है। इसमें मरीज को जोड़ों में 2 से 5 दिन तक तेज दर्द होता है। लेकिन सामान्य दर्द लंबे समय तक होता रहता है।

मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अभी तक करीब 13 हजार से अधिक घरों में मलेरिया विभाग की टीम डेंगू का लार्वा नष्ट कर चुकी है। इसके साथ ही गली मोहल्लों के साथ अस्पताल, हॉस्टल व सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी लगातार दवा व फोगिंग करवाई जा रही है। वहीं उन्होंने बताया कि अभी तक डेंगू के करीब 7 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। चार मामले पिछले डेढ़ महीने में ही सामने आए हैं जिसमें 3 केस पिछले 48 घंटे में प्रकाश में आए हैं। जबकि मलेरिया के 47 मरीज अब तक मिल चुके हैं।

डेंगू से बचाव के लिए यह रखें सावधानी :

  • फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।

  • घर व उसके आसपास पानी जमा न होने दें।

  • कूलर व जानवरों को पीने के लिए रखी जाने वालीं टंकियों में पानी जमा न होने दें।

  • मच्छर दानी का उपयोग करें।

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