ग्वालियर : पिता के बाद अब पुत्र पं. सतीश व्यास को तानसेन सम्मान
पिता के बाद अब पुत्र पं. सतीश व्यास को तानसेन सम्मानSocial Media

ग्वालियर : पिता के बाद अब पुत्र पं. सतीश व्यास को तानसेन सम्मान

ग्वालियर, मध्य प्रदेश : पद्मश्री संतूर वादक सीआर व्यास के बाद उनके पुत्र सतीश व्यास तानसेन सम्मान से अलंकृत होने जा रहे हैं। उन्हें 26 दिसम्बर को वर्ष 2020 का तानसेन सम्मान प्रदान किया जाएगा।

हाइलाइट्स :

  • कल तानसेन समारोह के शुभारंभ अवसर होंगे सम्मानित।

  • तानसेन में प्रस्तुति था सपना, सम्मान से दोहरी खुशी- पं. व्यास

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। पद्मश्री संतूर वादक सीआर व्यास के बाद उनके पुत्र सतीश व्यास तानसेन सम्मान से अलंकृत होने जा रहे हैं। उन्हें 26 दिसम्बर को तानसेन समारोह के शुभारंभ अवसर पर वर्ष 2020 का तानसेन सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनके पिता सीआर व्यास को सन 1999 में यह सम्मान प्रदान किया गया। राजा मानसिंह तोमर कला सम्मान अभिवन कला परिषद भोपाल के सचिव पं. सुरेश तांतेड़ को दिया जाएगा।

तानसेन सम्मान की घोषणा होने के बाद पं. सतीश व्यास ने राज एक्सप्रेस से खुशी साझा करते हुए बताया कि तानसेन समारोह में प्रस्तुति देना मेरा हमेशा से सपना था, लेकिन जब संस्कृति विभाग के अधिकृत ईमेल से मुझे यह जानकारी मिली कि इस वर्ष का तानसेन सम्मान मुझे दिया जा रहा है, तो उस खुशी को शब्दों में व्यक्त करना मेरे लिए मुश्किल है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मैंने अपने गुरु और विश्वविख्यात संतूर वादक पं. शिवकुमार को फोन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। गौरतलब है कि पं. शिवकुमार भी तानसेन सम्मान से अंलकृत हो चुके हैं।

मेरे पिता पं. सीआर व्यास को 1999 में देश का यह सर्वाधिक प्रतिष्ठित तानसेन सम्मान मिला था। मेरा सदा से सपना था कि एक बार मुझे तानसेन समारोह के प्रतिष्ठित मंच पर सिर्फ प्रस्तुति देने का मौका मिल जाए, लेकिन कोरोना के माहौल में तानसेन समारोह का आयोजन भी मुश्किल में नजर आ रहा था और तानसेन सम्मान भी खटाई में नजर आ रहा था, ऐसे समय में मेरे नाम की घोषणा बहुत ही सुखद है। उन्होंने बताया कि 2003 में मुझे पद्मश्री मिली थी। 2010 मेें कुमार गंधर्व सम्मान हासिल किया और अब देश का सबसे प्रतिष्ठित तानसेन सम्मान मेरे माता पिता और गुरु के आशीर्वाद से मुझे प्राप्त होगा।

यहां बता दें कि तानसेन सम्मान के लिए गठित ज्यूरी ने सर्वसम्मति से पं व्यास के नाम का फैसला किया। ज्यूरी में शोभा चौधरी, कल्पना झोकरकर, पं बलवंत पौराणिक थे। राजा मानसिंह सम्मान समारोह की ज्यूरी में राजीव वर्मा, अभिषेक निगम, रासबिहारी शरण शामिल थे। इस बार कोरोना की वजह से सिर्फ एंट्री कार्ड से सिर्फ 350 लोगों को एंट्री मिलेगी। जिन लोगों को एंट्री नहीं मिलेगी वे संस्कृति विभाग द्वारा जारी बारकोड के माध्यम से ऑनलाइन समारोह का आनंद उठा सकेंगे।

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