नौ महीने बाद खुले कॉलेज, जीरो से ढाई प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे कॉलेज
नौ महीने बाद खुले कॉलेज, जीरो से ढाई प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे कॉलेजसांकेतिक चित्र

नौ महीने बाद खुले कॉलेज, जीरो से ढाई प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे कॉलेज

भोपाल, मध्य प्रदेश : शहर के कॉलेजों में पहले दिन कहीं-कहीं एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा तो कहीं दो से तीन फीसदी विद्यार्थी ही पहुंचे।

भोपाल, मध्यप्रदेश। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार शुक्रवार को राजधानी के कॉलेजों को खुलना था, सभी दिशा-निर्देशों के साथ कॉलेज खुले भी, लेकिन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शून्य से ढाई प्रतिशत रही। विभाग के निर्देशानुसार कॉलेजों को इस संबंध में जानकारी भी देनी थी कि उनके संस्थान में छात्रों की उपस्थिति कितने प्रतिशत रही। सूत्रों के अनुसार शहर के कॉलेजों में पहले दिन कहीं-कहीं एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा तो कहीं दो से तीन फीसदी विद्यार्थी ही पहुंचे। कम उपस्थिति की वजह कोरोना का भय या नव वर्ष की शुरूआत माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार शहर के भेल, बेनजीर, बैरसिया, एमएलबी, गीतांजलि कॉलेज में एक भी विद्याार्थी उपस्थित नहीं हुआ। शासकीय हमीदिया कॉलेज में एक छात्रा और एमवीएम, हमीदिया, साधु वासवानी, सत्यसाईं कॉलेज में उपस्थिति प्रतिशत दो से तीन फीसदी रहा। इसी तरह की स्थिति शहर के अन्य संस्थानों में भी देखी गई।

क्या कहना है प्रबंधन और छात्रों का :

कॉलेज के प्रबंधन का कहना है कि हमने शासन और विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुरूप कॉलेज खोलने के पूरे प्रबंध कर लिए हैं। उनका मानना है कि शुक्रवार को पहला दिन था और नव वर्ष के कारण भी शायद उपस्थिति कम रही है। वहीं, अभी केवल प्रेक्टिकल कक्षाएं ही लग रही हैं, इसलिए भी उपस्थिति प्रतिशत कम है। उम्मीद है कि सोमवार से विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी। विद्यार्थियों को स्वेच्छा और अभिभावकों का सहमति पत्र लाने के लिए कह दिया गया है। छात्रों का कहना है कि आज पहला दिन था इसलिए नहीं गए, अब स्थिति अनुसार निणर्य करेंगे।

क्या हैं विभाग की गाइडलाइन :

दरअसल, कोरोना काल के दौरान पूरे नौ महीने से भी अधिक समय से बंद सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों को 1 जनवरी से खोलने के निर्देश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए थे। विभाग ने इसके लिए तैयारियां भी कर ली हैं। सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में 1 से 10 जनवरी तक केवल प्रेक्टिकल की कक्षा लगाई जाएंगी। वहीं यूजी फाइनल ईयर और पीजी तृतीय सेमेस्टर की नियमित कक्षा 10 जनवरी से शुरू की जाएगी। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में मेडिकल इंजीनियरिंग मैनेजमेंट, पॉलिटेक्निक सहित सभी शासकीय और गैर शासकीय कॉलेजों की खोलने पर सहमति बन गई है।

हालांकि इसके लिए गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके अनुसार कॉलेजों को कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल को फॉलो करना है। जिसके मुताबिक कॉलेज जाने से पहले छात्रों को अभिभावकों की लिखित अनुमति देनी होगी। वही प्रबंधन 50 प्रतिशत क्षमता के आधार पर ही छात्रों को कॉलेज बुलाएंगे। कॉलेजों में प्रवेश के साथ ही कोरोना संबंधित अन्य सभी सावधानियां बरती जाएंगी। हॉस्टल फिलहाल नहीं खोले जाएंगे। इसके अलावा किसी भी तरह की सार्वजनिक गतिविधि और खेल सहित अन्य कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहेगा।

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