शिकायतकर्ता वकील।
शिकायतकर्ता वकील।|Social Media
मध्य प्रदेश

दाढ़ी की वजह से वकील की पिटाई, पुलिसकर्मी निलंबित

"शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस वालों ने उसे धर्म विशेष का समझ कर उससे मारपीट की। जबकि पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता वकील ने पुलिस से पूछताछ के दौरान अभद्रता की थी।"

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स

  • दाढ़ी की स्टाइल बनी मुसीबत

  • सहायक उप-निरीक्षक निलंबित

  • लॉकडाउन में पिटाई का मामला

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश के बैतूल में पुलिस कर्मियों और वकील के बीच हुआ विवाद गहराता जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिसवालों ने उसे धर्म विशेष का समझ कर उससे मारपीट की। जबकि पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता वकील ने पूछताछ के दौरान पुलिस से अभद्रता की थी।

क्या हुआ था? –

पेशे से वकील डायबिटीज़ से पीड़ित दीपक बुंदेले का आरोप है कि 23 मार्च को जब वे अस्पताल जा रहे थे तब उनके साथ ये वाकया घटित हुआ। शिकायतकर्ता वकील का आरोप है कि पुलिस ने मुझे रोका और पूछताछ के दौरान मारपीट की। दीपक का कहना है पुलिस ने हवाला दिया था कि जिले में धारा 144 लागू है और इलाज के लिए अस्पताल जाने पर तक एतराज जताया।

बढ़ती गई बात -

वकील का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने (बुंदेले) पुलिस से धारा 188 के तहत केस दर्ज करने और जाने देने की तक बात कही लेकिन बकौल दीपक इस बात से पुलिसकर्मी नाराज हो गए और उन्होंने शिकायतकर्ता वकील की लाठियों से धुनाई कर दी।

कई जगह की शिकायत –

पुलिस की मारपीट से आहत दीपक का आरोप है कि उसने इस घटना की शिकायत हर मोर्चे पर करने की भरसक कोशिश की ताकि दोषी पुलिस वालों पर कारवाई हो। दीपक के मुताबिक पुलिस अधीक्षक बैतूल को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था। मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी इस घटना के बारे में संज्ञान में लाया गया लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई।

इसके बाद शिकायतकर्ता वकील ने मुख्यमंत्री, राज्य मानवाधिकार आयोग, हाईकोर्ट समेत अन्य जगह न्याय की आस में शिकायत पहुंचाई। मामले को बढ़ता देख लगभग दो माह बाद पुलिस ने घर आकर शिकायतकर्ता का बयान लिया।

साथियों का पक्ष -

बकौल शिकायतकर्ता दीपक बयान लेने आए पुलिस अधिकारी मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी अपने साथी, का पक्ष लेते रहे। साथ ही बयान लेने वाले पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता दीपक से यह भी कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी गलतफहमी का शिकार हो गया था और आरोपी पुलिसकर्मी को शिकायतकर्ता दीपक की दाढ़ी देखकर लगा कि वे किसी धर्म विशेष से ताल्लुक रखते हैं।

ऑडियो मौजूद -

दीपक के मुताबिक उसके पास बातचीत का ऑडियो है जिसमें पुलिस वाले केस को खत्म करने का आग्रह कर रहे हैं और आरोपी के पक्ष में सफाई दे रहे हैं। दीपक का आरोप है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज के लिए आरटीआई का आवेदन लगाया था लेकिन जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि दीपक का मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने संबंधित केस में पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

दीपक के मामले में बैतूल बार एसोसिएशन भी सक्रिय हो गया है। संगठन ने मामले में बयान के बाद एफआईआर दर्ज करने की राय दी है। शिकायतकर्ता दीपक ने घटना को समाज के लिए खतरनाक बताते हुए शंका जाहिर की है कि मामले में पुलिस उस पर झूठा केस तक दर्ज कर सकती है।

पुलिस का कहना -

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैतूल श्रद्धा जोशी का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर आरोपित पुलिसकर्मियों की पहचान प्रक्रिया में वक्त लगा क्योंकि जांच के दौरान पता चला था कि पुलिसकर्मी घटना के वक्त मास्क पहने हुए थे। शिकायतकर्ता दीपक की शिकायत के आधार पर जांच के दौरान सहायक उप-निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

डिस्क्लेमर – आर्टिकल एजेंसी फीड और प्रचलित खबरों पर आधारित है। शीर्षक-उप शीर्षक और संबंधित अतिरिक्त प्रचलित जानकारी जोड़ कर इसे बनाया गया है। इस आर्टिकल में प्रकाशित तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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