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मध्य प्रदेश

विदिशा: वर्ष 2009 के बाद, एक और जमीनी घोटाला निकलकर आया सामने

लटेरी, विदिशा: लटेरी में एक और जमीन का बिक्री नामांतरण, केसीसी लोन तथा बंधक का घोटाला खुलकर सामने आ गया। इस घोटाले की परत दर परत जांच होगी, तो वर्ष 2009 की तरह एक और जमीनी घोटाला सबके सामने होगा।

Amit Lala

हाइलाइट्स :

  • लटेरी में जमीन का बिक्री नामांतरण, केसीसी लोन तथा बंधक का घोटाला आया सामने।

  • वर्ष 2009 की तरह एक और जमीनी घोटाला सबके सामने।

  • सरकारी महकमे के साथ सिरोंज की बैंक शाखा भी सन्देह के घेरे में।

  • फर्जी दस्तावेजों पर ICICI बैंक ने दिया लाखों का लोन।

राज एक्सप्रेस। जमीन घोटाले को लेकर दिल्ली के खुफिया विभाग आॢथक अपराध ब्यूरो द्वारा विगत कुछ माह पहले राजस्व कार्यालय से खनन तथा राजस्व से संबधित मामले में लटेरी आई थी और कार्यवाही करके टीम वापस लौट गई, इस बात की किसी को कोई खबर नहीं है। उक्त मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि, विदिशा के लटेरी मे एक और जमीन का बिक्री नामांतरण, केसीसी लोन तथा बंधक का घोटाला खुलकर सामने आ गया। इस घोटाले की परत दर परत जांच होगी, तो वर्ष 2009 की तरह एक और जमीनी घोटाला सबके सामने होगा। लिहाजा एक बार फिर इस जमीनी घोटाले को दबाने का भरपूर प्रयास भी किया जा रहा है। इस मामले में सरकारी महकमे के साथ-साथ सिरोंज की एक बैंक शाखा भी सन्देह के घेरे में है। कारण कुछ सरकारी तथा निजि भूमि पर उक्त बैंक शाखा द्वारा लाखों रूपये का केसीसी ऋण भी प्रदाय कर दिया है।

फर्जी दस्तावेजों पर ICICI बैंक ने दे दिया लाखों का लोन:

लटेरी के ग्राम पंचायत मुण्डेला में उक्त जमीनी मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लटेरी पुलिस थाने में 27 जुलाई को उक्त फर्जीवाड़े का एक आवेदन दिया था। तथा उक्त प्रकरण के सम्बंध में जिला कलेक्टर विदिशा सहित राजस्व विभाग लटेरी को शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया है कि, खसरा क्र. 257/2, 268/2, 269/2 रकबा 0.164, 0. & 54, 0. & 06 हेक्टर को ग्राम के सुरेन्द्र राजपूत, पुत्र शिवनाथ सिंह राजपूत द्वारा लटेरी तहसील मे पदस्थ कर्मचारीयों से सांठ गांठ कर अपने नाम करा ली।

पहले ICICI मे बंधक, फिर शिकायत, फिर बंधक मुक्त :

उक्त सुरेन्द्र राजपूत पुत्र विश्वनाथ सिंह द्वारा फर्जी तरीके से जमीन का नामांतरण कराने के बाद आईसीआईसीआई बैंक की सिरोंज शाखा से लाखों रूपये का लोन भी निकाल लिया गया। लटेरी तहसील मे पदस्थ कर्मचारी तथा अधिकारियों की मिली भगत से इस कार्यवाही को अंजाम देकर मेरी जमीन तथा मेरे साथ धोकाधड़ी की गई है।

राजस्व की जांच पर रार:

अब एक बार फिर से लगभग दस वर्षों के बाद लटेरी क्षेत्र राजस्व घोटाले में सुर्खियों में आया है। यहां फर्जी तरीके से निजी तथा शासकीय भूमि पर ग्राम पंचायत के प्रतिवेदन पर नामांतरण कर लाखों रूपये का लोन भू-माफियाओ ने निजी बैंको से ले लिया है। इस प्रक्रिया के दौरान ग्राम मुण्डेला के निवासी फरयादी दौलत सिंह, मांगीलाल, इन्दर सिंह पुत्रगण हजारीलाल गुर्जर के नाम की जमीन कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण कराकर केसीसी ऋण निकाल लिया गया। जिसमें भू-राजस्व, रजिस्ट्री शाखा और आईटी शाखा की भूमिका सन्देह के घेरे में नजऱ आती दिखाई दे रही है।

घोटाले की बिसात पर किसकी शह से दी जा रही थी मात:

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिरोंज की बैंक शाखा ICICI में उक्त जमीनों को बंधक बना कर लाखों रूपये हड़पने का मामला सामने आया है। बैंकिग गतिविधियों से लाखों रूपये कि, राशी निकालने के बाद मामले की जानकारी लगते ही जमीन मालिक द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद उक्त बंधक भूमि को बंधक मुक्त भी करा दिया गया। बंधक की प्रक्रिया के दौरान राजस्व शाखा में तहसीलदार का अहम किरदार रहता है।

इनका कहना:

लटेरी के एसडीएम शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि, 2009 के मामले में मुंबई से आॢथक अपराध ब्यूरो की टीम लटेरी कब आई थी। मुझे पता नहीं है, लेकिन मुण्डेला के मामले मे जांच की जा रही है, बैंक से भी जानकारी मांगी गई है।

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