Anuppur : स्थानांतरण के बाद भी बाबू नहीं हुआ भारमुक्त

रद्दी की टोकरी में प्रभारी मंत्री के आदेश, कई वर्षो से जमें हैं दिव्य प्रकाश। जुगाड़ के दम पर तहसील का बाबू एसडीएम कार्यालय में कर रहा काम। बिना पदस्थापना के 4 वर्षो से एसडीएम कार्यालय में है कार्यरत।
Anuppur : स्थानांतरण के बाद भी बाबू नहीं हुआ भारमुक्त
स्थानांतरण के बाद भी बाबू नहीं हुआ भारमुक्तSitaram Patel
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एक बाबू की दिव्य शक्तियों आगे कलेक्टर से लेकर प्रभारी मंत्री तक के आदेश दफन हो जा रहे हैं, लगभग 4 वर्षो से तहसील कार्यालय का बाबू एसडीएम कार्यालय में अंगद की तरह जमा हुआ है, स्थानांतरण के आदेश भी होते हैं, लेेकिन इन्हें भारमुक्त करने की हिम्मत किसी में नहीं होती है, लोगों ने बाबू से राहत पाने के लिए प्रभारी से स्थानांतण कराया था, लेकिन दिव्य प्रकाश अभी भी कार्यालय में अपनी शक्तियों का उपयोग कर रहे हैं।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू दिव्य प्रकाश श्रीवास्तव एक ऐसा ब्रांड है जो तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर सहित प्रभारी मंत्री के आदेशों को धराशायी कर देता है। वर्षो से जुगाड़ के दम पर पदस्थ हुए बाबू को आज तक किसी ने उनकी जगह से हिला भी नहीं सका है। नियम कानून तो उनके लिए महज एक खिलौना प्रतीत होता है, सहायक वर्ग 03 के पद की हैसियत रखने वाला कर्मचारी उच्चाधिकारियों के आदेशों को रद्दी की टोकरी में डालकर एक छत्र राज चला रहा है, नौकरी को लाभ का धंधा बनाने वाले बाबू से न सिर्फ यहां पहुंचने वाले परेशान हैं बल्कि किसी भी कार्य के लिए चक्कर लगवाने और दक्षिणा के बिना कार्य न करने का कारोबार करने वाले बाबू का स्थानांतरण प्रभारी मंत्री ने पुष्पराजगढ़ तो कर दिया, लेकिन अभी तकर भारमुक्त न होकर एक बार फिर मुख्यालय में ही जमे रहने का प्रयास किया जा रहा है।

यह है बाबू की कहानी :

वर्ष 2017 में जैतहरी तहसील में पदस्थ रहे सहायक ग्रेड 03 का स्थानातंरण कलेक्टर के द्वारा तहसील कार्यालय अनूपपुर में किया गया था, जहां वे पदभार ग्रहण न करते हुये सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गये, लगभग 04 वर्ष से बाबू के रूप में एसडीएम कार्यालय में अपनी सेवायें दे रहे हैं जो सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के विपरीत है। बाबू के द्वारा नियम विरूद्ध कार्य करते हुए अपनी पदस्थपना एसडीएम कार्यालय में करवा ली, जबकि वेतन का आहरण आज भी अन्य कार्यालय से किया जा रहा है।

प्रभारी मंत्री के आदेश पर भी नहीं स्थानांतरण :

दिव्य प्रकाश श्रीवास्तव का स्थानांतरण प्रभारी मंत्री ने पुष्पराजगढ़ तहसील के लिए कर दिया है, फिर भी वह अनूपपुर के कार्यालय से अपना मोह भंग नहीं कर पा रहे हैं और वह एन केन प्रकारेण अपना स्थानांतरण रुकवाने में लगे हैं, जनहित में आवश्यक है कि इन्हे तुरंत अनूपपुर एसडीएम कार्यालय से हटा दिया जाए ताकि इनके सानिध्य में भ्रष्टाचार का अड्डा बना चुका कार्यालय में बाबू से क्षेत्र की जनता को निजात मिल सके।

कार्य विभाजन का उठाया फायदा :

वर्ष भर पहले कलेक्टर कार्यालय व लोकायुक्त में की गई शिकायत में दस्तावेजों के साथ यह भी उल्लेख किया गया था कि संबंधित कर्मचारी ने तहसील कार्यालय में पदभार ग्रहण किया ही नहीं और तत्कालीन एसडीएम द्वारा 13 दिसम्बर 2017 को जारी आदेश में कर्मचारियों के बीच कार्य विभाजन भी कर दिया, जिसमें उक्त कर्मचारी को एसडीएम का प्रवाचक तथा प्रीतम सिंह मरावी को तहसीलदार का प्रवाचक बना दिया गया था, जो नियमों के विपरीत था।

इनका कहना है :

पुष्पराजगढ़ से कोई भी रिलीवर नहीं आया है, इसलिए अभी हम इन्हें भी रिलीव नहीं किये हैं, जैसे ही रिलीवर आ जाता है तत्काल ही कर दिया जायेगा।

कमलेश पुरी, एसडीएम, अनूपपुर

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