Anuppur : पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद में मनीराम
पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद में मनीरामSitaram Patel

Anuppur : पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद में मनीराम

अनूपपुर, मध्यप्रदेश : जालसाजी करने वाले प्रदीप सोनी पर क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कई बिना पढ़े लोग एवं गरीब लोगों को लोन दिलवाने के नाम पर दर्जनों लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।
Summary

पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल के सामने दलालो और सूदखोरो की लंबी फेहरिस्त नजर आ रही है, छोटे स्तर से लेकर बड़े-बड़े दलालो तक पहुंचने के लिए एसपी तो भरपूर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन थानो में जमे उनके ही मातहत दलालों और सूदखोरों की घटनाक्रम को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। यही कारण है कि दलाल प्रदीप सोनी जैसे लोग पैसा डकारने के बाद भी खुले आम घूम रहे हैं।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। जिले के पटना कला गांव में रहने वाले मनीराम बैगा जो कि एसईसीएल के राजनगर क्षेत्र में ड्यूटी करते हैं। उन्हें घर बनाने के लिए होम लोन की आवश्यकता थी, इस बात की खबर लगते ही समीपी गांव के दलाल प्रदीप सोनी सक्रिय होकर कम पढ़े लिखे मनीराम बैगा को अपने जाल में फंसा कर जिले के केनरा बैंक पर ले जाकर 14 लाख रुपए का होम लोन पास करवाने की बात कहते हुए पीड़ित मनीराम से उनके चेक बुक और पासबुक को अपने पास रख लिया और बैंक मैनेजर के साथ सांठगांठ करते हुए दलाल ने होम लोन के नाम पर 14 लाख रुपए पास तो करवा दिए, लेकिन इसके बाद पीड़ित के गैर हाजिरी में लगभग 5,80,000 रु बारी-बारी से निकालता गया।

कार्यवाही शून्य पर अटकी :

जब कुछ दिनों बाद मनीराम अपनी राशि के लिए बैंक गया तो कैशियर के द्वारा उसे पता चला कि उसका पैसा प्रदीप सोनी द्वारा लगातार निकाला जा रहा है खबर लगते ही तत्काल पीड़ित मनीराम प्रदीप सोनी के पास पहुंचा और अपने चेक बुक पासबुक की मांग करता रहा, परंतु आजकल देने की बात कहते हुए टालता रहा, इस बीच उसके खाते से 5,80,000 रु निकाले जा चुके थे, तत्काल मनीराम के द्वारा इस बात की शिकायत देवहरा चौकी के साथ पुलिस अधीक्षक से भी की गई थी, लेकिन आज तक मामले को लगभग 4 वर्ष बीत गए फिर भी पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाया है, एक बार फिर से पीड़ित ने 3 मार्च को पुलिस अधीक्षक के यहां पुन: शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कार्यवाही शुन्य पर अटकी हुई है।

आज तक नहीं बना पीड़ित का घर :

शिकायतकर्ता मनीराम का घर 14 लाख रुपया के होम लोन लेने के बाद भी आज तक नहीं बन पाया है इस मामले पर जब मनीराम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कम पढ़े लिखे होने के कारण अपने गांव के समीप में रहने वाले प्रदीप सोनी के जालसाजी में फस कर लोन से मिला राशि का आधा भाग प्रदीप सोनी के हड़प लेने के कारण आज उसे बैंक का लोन तो बताना पड़ रहा है जिससे कर्ज और बढ़ गया साथ ही आधा रकम के गबन हो जाने के कारण घर का कार्य भी प्रारंभ भी नहीं हो सका पीड़ित ने बताया कि प्रदीप सोनी ने चतुराई के साथ बैंक में चेक बुक और पासबुक लगने की बात कहकर अपने पास रख लिया था और बारी-बारी से रकम निकालकर गबन करता रहा इसलिए आज तक घर अधूरा है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा बैगा जाति के लोगों को विशेष रुप से आरक्षण और संरक्षित जाति के सूची में रखा जाता है लेकिन इनके साथ हुए अन्याय पर 4 साल बीत जाने के बाद भी आज तक न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाता भटक रहा है निश्चित रूप से आज एक बैगा परिवार का घर तो नहीं बना लेकिन वही गबन करने वाले आरोपी प्रदीप सोनी का घर पूरे ग्रामीण क्षेत्र में देखने के लायक है इस तरह से गबन करने वाले लोगों पर बड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद में मनीराम
Anuppur : 5 साल से न्याय के लिए भटक रहा मनीराम

नवागत कप्तान से जागीं उम्मीदें :

एक अर्से बाद जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक के आने से जिस तरह से सूदखोरी और माफिया गिरी पर ताबड़तोड़ कार्यवाहियां की जा रही हैं, निश्चित रूप से इस बीच लोगों में पुलिस के प्रति एक नया विश्वास दिख रहा है जिसके कारण पुराने मामले भी खुलकर सामने आने लगे हैं इसी विश्वास पर पीड़ित मनीराम बैगा ने एक बार फिर से न्याय का गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से प्रदीप सोनी के द्वारा किए गए धोखाधड़ी पर मामला दर्ज करते हुए उनके पैसे वापस दिलाए जाने की मांग भी किया है जिससे उसका घर बन सके।

सोनी की गिरफ्तारी से खुलेंगे राज :

जालसाजी करने वाले प्रदीप सोनी पर क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कई बिना पढ़े लोग एवं गरीब लोगों को लोन दिलवाने के नाम पर दर्जनों लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है, अगर इसकी गिरफ्तारी की जाती है एक बहुत बड़ा राज का खुलासा हो सकता है। पीड़ित मनीराम बैगा का कहना है कि उस के होम लोन पर खेल खेलने के लिए बैंक प्रबंधन पूरी तरह से जिम्मेदार रही है, क्योंकि जितने भी रकम प्रदीप सोनी द्वारा निकाले गए थे उनके गैर मौजूदगी में ही भुगतान कर दिए गए थे, इससे यह स्पष्ट होता है कि बैंक के मैनेजर के साथ प्रबंधक भी जुड़ा रहा है वहीं कई लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आज भी प्रदीप सोनी के घर पर सैकड़ों चेक बुक और पासबुक पढ़े हुए हैं अगर छापामार कार्यवाही की जाए तो सच अपने आप सामने आ जाएगा।

चार वर्ष से पड़ी है शिकायत :

जय महाकाल धोखाधड़ी के इस मामले पर 4 वर्ष पूर्व मैं पीड़ित मनीराम बैगा द्वारा नजदीकी चौकी देवरा पर शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्यवाही और जांच-पड़ताल नहीं किए जाने के बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से तिथि लेकिन आज इतने दिनों के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है इस बात से यह महसूस होता है कि क्या प्रदीप सोनी कानून के ऊपर है या फिर मैनेजमेंट का खेल खेलते हुए आज तक उक्त शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है लेकिन जिस तरह से आज पूरे जिले में सूदखोरों और जालसाजी करने वालों के ऊपर पुलिस अधीक्षक कार्यवाही कर रहे हैं इस मामले पर भी गिरफ्तारी से नए खुलासे एवं एक बैगा जाति के पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद दिख रही है फिलहाल बैंक के लोन पटाते-पटाते मनीराम अपने घर बनने के इंतजार में बैठा है।

इनका कहना है :

मामला संज्ञान में है, चूंकि बैंक कोतवाली अंतर्गत आता है, इसलिए कार्यवाही वहीं करेंगे, उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

संजय खलको, चौकी प्रभारी, देवहरा

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