Anuppur : भ्रष्टाचार में शामिल सचिव, उपसरपंच और रोजगार सहायक

अपने ही फर्म का बिल लगाकर लिया लाखों का भुगतान। मनरेगा के नाम पर मशीनों का उपयोग, ग्रामीण रोजगार से वंचित। निर्माण कार्यो में कमीशन के फेर में घटिया निर्माण को दिया अंजाम।
Anuppur : भ्रष्टाचार में शामिल सचिव, उपसरपंच और रोजगार सहायक
पंचायत में नियम विरूद्ध सचिव और उपसरपंच का कार्यSitaram Patel
Summary

शासन ग्रामीणों के उत्थान और गांवों की विकास के लिए करोड़ों रूपए पंचायत को मुहैया कराती है, लेकिन पंचायत में जनता के भरोसे से बैठे जिम्मेदारों ने इस तरह भ्रष्टाचार किया कि आज न तो विकास दिख रहा है और न ही ग्रामीणों का उत्थान हो रहा है। पूर्व में पदस्थ उच्चाधिकारी कमीशन के फेर में ग्राम पंचायत बर्री में हो रही भर्रेशाही की जांच तक नहीं की, ग्रामीणों ने नये जिपं सीईओ श्री पंचोली से उम्मीद लगाई है कि भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करते हुए न्याय दिलायेंगे।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बर्री में नियमों को ताक पर रख कर बिल का भुगतान किया गया है, हर निर्माण कार्य में कमीशन के लिए घोर अनियमितताएं की गई। ग्रामीणों को इस कोरोना काल के संकट में कार्य देना चाहिए तो सचिव और उपसरंपच के द्वारा जेसीबी मशीन से कार्य कराया जा रहा है, ऐसे अनेक क्रियाकलाप पंचायत के जिम्मेदारों ने किया गया जो शासन की मंशा के विपरीत है, उसके बावजूद भी आज तक ऐसे लोगों पर न तो कार्यवाही की गई और न ही भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास किया गया, शायद यही कारण है कि सचिव, उपसरपंच और रोजगार सहायक मिलकर चहेतों को उपकृत करने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं।

रोजगार सहायक और उपसरपंच का खेल :

ग्राम पंचायत बर्री के रोजगार सहायक हेतराम राठौर और उपसरपंच रंजन कुमार राठौर दोनों भाई है। उपसरपंच पंचायत में होने वाले शौचालय निर्माण व कार्यक्रमों में टेंट व अन्य सामग्रियों के बिल लगाते हैं और बाकायदा बिना जीएसटी के व्यापारी बने हुए है। जबकि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते पंचायत में किसी प्रकार का फर्म नही बनाना चाहिए और न ही पंचायत से किसी भी प्रकार का लाभ लेना चाहिए। ग्रामीणों को धोखे में रख दोनो भाईयों मिलकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है।

चहेतों को उपकृत करता है सचिव :

सचिव सीताराम राठौर के द्वारा पंचायत में होने वाले निर्माण कार्यो को चहेतों को दे दिया जाता है और बाकायदा मोटी कमीशन बांध कर खुली भ्रष्टाचार के ऑफरिकार्ड आदेश दे दिये जाते हैं। यही कारण है कि समय से पहले निर्माण कार्य खस्ताहाल दिखाई देने लगता है। न तो सीसी सकड़ ठीक से बनाई और न ही एक दीवार, बस कमीशन के फेर में पंचायत के विकास कार्यो में सचिव की कार्यप्रणाली महज दिखावे की रही है।

आवास योजना में भी गड़बड़झाला :

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत बर्री में पंचायत के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की मिलीभगत से ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है। पंचायत के रोजगार सहायक एवं पंचायत के उपसरपंच सगे भाई है, जिसके कारण प्रशासनिक नियमो का उल्लंघन करना इनके लिए बिल्कुल आसान है। पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान इनके आगे नतमस्तक है। पंचायत में नियम बनाना एवं उसका उल्लंघन करना सिर्फ इन दोनो भाईयों का काम रहता है। लोगो में इनका रौब कुछ इस कदर का है कि पंचायत का ऐसा कोई भी कार्य नही है, जिनमें इनका भारी भरकम कमीशन नहीं रहता। चाहे फिर मनरेगा का कार्य हो या पीसीसी रोड का निर्माण या फिर प्रधान मंत्री आवास योजना।

जेसीबी से लिया कार्य :

मनरेगा योजना का उद्देश्य लोगो को रोजगार प्रदान करने की गारंटी देता है ताकि गरीब मजदूर वर्ग के लोगों का जीवन यापन आसानी से हो सके, इन भ्रष्ट लोगों के द्वारा उनके अधिकारों का हनन करते हुए मनरेगा के कार्य को जेसीबी मशीन से करा कर कुछ चुनिंदा लोगों के खातों मे राशि का भुगतान कर के बहुत ही शातिर तरीके से राशियों का हेरफेर कर लिया जाता है, इनके बिल भुगतान भी बहुत ही सरल तरीके से हो जाता है। ग्राम पंचायत में पीसीसी रोड का निर्माण में भी इन लोगों के द्वारा अपने नाम का फर्म बना कर राशि का आहरण कर लिया जाता है, ऐसे काम के लिए इनके हौसले इतने बुलंद है कि प्रशासन का इनको जरा भी डर नहीं है।

अंकेक्षण के लिए आयी महिलाओं से अभद्रता :

बीते दिनों सामाजिक अंकेक्षण के लिए आयी महिलाओं के द्वारा कार्यो की जानकारी मांगे जाने पर उनके द्वारा अभद्रता पूर्वक व्यवहार कर उनके कार्यो में सहयोग न कर इन महिलाओं को धमकी तक दे डाली। कहा कि हम आपको जानकारी नहीं देंगें आपको जो करना है कर सकते हो, हमे किसी का कोई डर नहीं, आपको जहां जाना है जाओ। इनके व्यवहार एवं रवैया को देखते हुए जाहिर होता है कि कहीं न कहीं प्रशासन का भी इनको सहयोग मिलता है। ग्राम के प्रबुद्वजनों ने जिला पंचायत के नवागत सीईओ हर्षल पंचोली से अनुरोध किया है कि उक्त पंचायत के कार्या का निरीक्षण करा कर इन दोषी कर्मचारियो व जनप्रतिनधियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करे। ताकि गरीब, मजदूर को अपना हक प्राप्त हो सके एवं मनरेगा के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।

इनका कहना है :

जेसीबी मशीन से कार्य नहीं हो रहा है, उपसरपंच मेरे भाई है और उनका ही बिल लगता है, भुगतान के विषय में सचिव जानते हैं, मैं नहीं करता हूं।

हेतराम राठौर, रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत, बर्री

छोटे-मोटे कार्य करते हैं और बिल लगाते हैं, इसलिए जीएसटी नहीं है, हमारी भावना सदैव सहयोग की रहती है, आपका सम्मान के साथ सहयोग किया जायेगा, जल्द ही मुलाकात करते हैं।

रंजन राठौर, उपसरपंच, ग्राम पंचायत, बर्री

मुझे इसकी जानकारी उपलब्ध करा दीजिए, अगर किसी तरह से अभ्रदता और अनियमितताएं की गई होगी तो जांच कराकर कार्यवाही अवश्य की जायेगी।

हर्षल पंचोली, सीईओ, जिला पंचायत, अनूपपुर

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