Anuppur : मुंहमांगे पैसे नहीं दिए तो सारी धारा लगाते हैं थाना प्रभारी
मुंहमांगेपैसे नहीं दिए तो सारी धारा लगाते हैं थाना प्रभारीRaj Express

Anuppur : मुंहमांगे पैसे नहीं दिए तो सारी धारा लगाते हैं थाना प्रभारी

एसपी और एएसपी पर भारी बबलू और प्रभारी। व्यापारियों को लूटने के इरादे से कार्य योजना तैयार करते हैं नरेन्द्र पॉल। वर्षो से जमें है राजेन्द्रग्राम थाने में, बबलू जायसवाल है प्रभारी का वसूलीकर्ता।
Summary

पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल की टीम ने जिलेभर में अवैध गतिविधियों को कम करने में सराहनीय कार्य किया है, लेकिन एक ऐसा थाना और प्रभारी है जहां खुद के नियम और कानून वर्षो सेे चलते आ रहे हैं, सैकड़ों गाड़ियां दिन-रात सड़कों पर ओव्हर लोड व बिना ईटीपी के दौड़ती हैं, लेकिन टारगेट सिर्फ वही होता है जो उनकी बातों को नहीं माना या फिर मुंहमांगी कीमत अदा नहीं की। भले ही कोई कमियां न हों, लेकिन जुगाड़ से संविधान की पुस्तक पढ़कर सारी धाराएं उस पर लगा दी जाती हैं।

अनूपपुर, मध्यप्रदेश। थाना राजेन्द्रग्राम में वर्षो से पदस्थ विवादित थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल की कहानी डिंडौरी जिले से शुरू होकर अनूपपुर कोतवाली पहुंची और अब थाना राजेन्द्रग्राम में लिखी जा रही है। पूर्व एसपी के चहेते रहे थाना प्रभारी के कई कारनामें संभाग तक पहुंचे, लेकिन शिकायतों को बेअसर करने वाली दवाईयों के जानकार नरेन्द्र पॉल हर जगह से बच कर निकल जाते हैं। रूपयों और प्रापर्टी की चाहत रखने वाले नरेन्द्र पॉल की कई प्रापर्टी अनूपपुर व अन्य जगहों पर पड़ी हुई हैं, वहीं हर मामले में मन मुताबिक नगद प्राप्त नहीं हुआ तो बिना जांच के ही किसी को भी आरोपी बनाकर कानून की सारी धाराएं उसके ऊपर लिख दी जाती हैं, इनका यह धंधा सुचारू रूप से आज भी संचालित है।

थाना प्रभारी के कारनामे :

पूर्व पुलिस अधीक्षक मांगीराम सोलंकी के पीछे-पीछे डिंडौरी जिले से अनूपपुर कोतवाली पहुंचे थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल के कार्यकाल में हुए दंगों पर कई युवकों को बिना जांच के ही आरोपी बना दिया गया था, जिसकी शिकायत संभाग तक पहुंची थी, जिसके बाद इन्हें थाना राजेन्द्रग्राम भेज दिया गया था। वहां भी शराब के कारोबार में दुर्गा जायसवाल को खुली छूट दे दी गई थी, जिसके बाद आबकारी विभाग के द्वारा कार्यवाही कर दुर्गा जायसवाल को जेल भेज दिया गया था, लेकिन प्रभारी का कारोबार तब भी नहीं रूका। अब थाना क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यापारियों से महीने के साथ-साथ अतिरिक्त राशि की मांग भी की जा रही है, नहीं देने पर कई मामले थाने में दर्ज मिल जायेंगे और आप जमानत ही कराते रह जाएंगे।

बबलू जायसवाल है वसूलीकर्ता :

पुष्पराजगढ़ अंचल में प्रभारी जब से पदस्थ हुए हैं तभी से बबलू जायसवाल नामक युवक इनका वसूलीकर्ता बन गया है। बाकायदा ठेकेदार, अवैध कारोबारियों, व्यापारियों और अन्य अवैध ठेका संचालकों को फोन लगाकर रूपयों की मांग करता है और सीधे प्रभारी के पास पहुंचाता है। बबलू अपने व्यापार के साथ-साथ प्रभारी का भी व्यापार पूर्ण ईमानदारी से करता है, चूंकि बबलू दलालों की भांति कार्य करने में कुशल और सक्षम है, यही कारण है कि प्रभारी नरेन्द्र ने अपने संरक्षण में पाल रखा है।

यह किया बबलू और प्रभारी ने :

खनिज का वैध व्यापारी थाना क्षेत्र से गाड़ियों को निकालने के लिए हर महीने नजराना देते हैं, चूंकि कुछ न कुछ खामियां रह ही जाती हैं और पुलिस अनावश्यक रूप से परेशान न करें इसलिए सभी की मजबूरी होती है। यही सिस्टम क्रेसर संचालक ध्रुव पटेल पर भी लागू होता था, लेकिन एक दिन अचानक बबलू जायसवाल का ध्रुव के फोन पर कॉल आता है और 60 हजार रूपए अतिरिक्त मांग की गई, जब देने में असमर्थ रहा तो वह राशि 20-30 हजार रूपए में जा पहुंची, उसके बाद भी अब राशि की व्यवस्था ध्रुव नहीं कर पाया तो थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल ने उसकी वैध गाड़ियों को अवैध बताकर उस पर कानून की सारी धाराएं लगा दीं।

सैकड़ों गाड़ियों में सिर्फ ध्रुव पर कार्यवाही :

पुष्पराजगढ़ अंचल में जिलेभर सहित पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ तक के कारोबारी अपना कारोबार करते हैं। जहां गिट्टी, बाक्साइड जैसे अनेक खनिज तत्व का कारोबार संचालित होता है। जिसके लिए सैकड़ों गाड़ियां प्रतिदिन आवागमन करती हैं, सभी गाड़ियां ओव्हर लोड या फिर बिना ईटीपी के भी प्रभारी के सहयोग से निकल जाती हैं। लेकिन प्रभारी की जरूरतों को अगर किसी ने पूरा नहीं किया तो उसकी गाड़ियां थाने में ही सड़ती नजर आएंगी। यही कारण है कि ध्रुव पटेल की दोनों गाड़ियों एमपी-18-जीए- 1907 व एमपी-18-जीए- 2467 में बोल्डर लोड कर ईटीपी के माध्यम से बधार से धिरौल आ रही थी, जहां योजना के अनुरूप लांघाटोला में सागर होटल के पास पुलिस ने पकड़ लिया गया और कई घंटे देरी करते हुए ईटीपी को अवैध बनाकर कार्यवाही कर दी गई।

इनका कहना है :

मैंने उनकी बातों को नहीं माना तो कार्यवाही की गई है, जबकि मेरी दोनों गाड़ियों पर समयानुरूप वैध ईटीपी मौजूद थी, पकड़ने के बाद कई घंटे देरी से थाने लाया गया और अवैध बताकर कार्यवाही कर दी गई।

ध्रुव पटेल, क्रेशर संचालक

बात-बात पर पुलिस जांच व गाड़ियों पर अनाश्यक रूप से कार्यवाही से बचने के लिए हर व्यापारी को यातायात, आरटीओ व पुलिस को महीना देना पड़ता है, लेकिन अब इतना ज्यादा मांग करने लगे है कि कोई दे ही नहीं पाएगा।

ज्ञानचंद जायसवाल, जिलाध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसाशियेसन, अनूपपुर

हम कार्य को नियमानुसार करते है, कोई कुछ भी आरोप लगाता रहता है, बबलू जायसवाल से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, अगर किसी से कुछ बात की हो तो इसकी जानकारी नहीं है।

नरेन्द्र पॉल, थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम

गाड़ियों पर कार्यवाही की जानकारी तो हैै, लेकिन इसके पीछे के कारण मैं पूछता हूं, अगर किसी से पैसों की मांग की गई है तो इसकी जांच करवाई जायेगी और कार्यवाही भी अवश्य होगी।

अभिषेक राजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.