महाप्रबंधक राघवेन्द्र की पहल से खुला रास्ता
महाप्रबंधक राघवेन्द्र की पहल से खुला रास्ता|Afsar Khan
मध्य प्रदेश

शहडोल : बटुरा-रामपुर ओपन कॉस्ट कोयला खदान जल्द होगी शुरू

शहडोल, मध्य प्रदेश : महाप्रबंधक राघवेन्द्र की पहल से खुला रास्ता मिलेगा 50 वर्षाे के लिए कोयले का प्रचुर भण्डार।

Afsar Khan

शहडोल, मध्य प्रदेश। कोल इंडिया की मिनी रत्न कंपनी साउथ ईस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले एसईसीएल क्षेत्र अंतर्गत बीते 9 वर्षाे से लंबित बटुरा-रामपुर ओपन कॉस्ट कोल माईंस का प्रोजेक्ट लंबित था, क्षेत्र के ऊर्जावान महाप्रबंधक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद से परियोजना में कोयला उत्पादन जल्द ही शुरू होगा, इसके साथ ही क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात भी मिलेगी। शहडोल और अनूपपुर जिले में ओपन कॉस्ट माईंस के माध्यम से कोयले का उत्पादन होगा। खनन की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरणों पर चल रही है।

9 सालों से अटका था प्रोजेक्ट :

बटुरा-रामपुर ओपन कॉस्ट माईंस के लिए कार्यवाहियां बीते 9 सालों से चल रही थी। जिसमें 606 कास्तकारों को 88 करोड़ रूपये के मुआवजे का वितरण भी एसईसीएल प्रबंधन के द्वारा किया जा चुका है, परियोजना के लिए 453 हेक्टेयर भूमि शासन के नियमों के तहत एसईसीएल के द्वारा अधिग्रहित की गई है, खदान की शुरूआत होते ही पात्र कास्तकारों के आश्रितों को एसईसीएल के नियमानुसार नौकरी भी प्रदान की जायेगी।

50 साल के लिए कोयले का भण्डारण :

पहले एसईसीएल ने 2017 में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन अधिकारियों के ध्यान न देने पर प्रोजेक्ट में तीन सालों की देरी हो गई, सोहागपुर क्षेत्र की अमलाई, धनपुरी अण्डर ग्राउण्ड माईंस पहले ही बंद हो चुकी है, वहीं बैगा ओपन कॉस्ट माईंस भी बंद हो चुकी है। पीसीबी के द्वारा लोक सुनवाई की कार्यवाही पूर्ण करने के बाद अब पर्यावरण स्वीकृति सहित अन्य कार्यवाहियां अंतिम दौरान में चल रही हैं, बटुरा-रामपुर प्रोजेक्ट में 50 सालों के लिए 30 मिलियन टन से अधिक कोयले का प्रचुर भण्डार मौजूद है।

6 महाप्रबंधक बदले :

इससे पहले 6 महाप्रबंधकों का कार्यकाल पूरा हो चुका था, लेकिन बटुरा रामपुर ओपन कॉस्ट माईंस शुरू नहीं हो सकी। बीते कुछ माह पहले ही ऊर्जावान महाप्रबंधक राघवेन्द्र प्रताप सिंह की पदस्थापना एसईसीएल मुख्यालय के द्वारा सोहागपुर के लिए की गई, उनके पदस्थापना के बाद से ही इस प्रोजेक्ट में गति आना शुरू हुआ, नतीजा यह निकला कि जल्द ही अब इस खनन परियोजना पर काम शुरू होगा। घाटे में चल रहे सोहागपुर क्षेत्र को नई खनन परियोजना की सौगात मिलने से लाभ मिलेगा, इससे पहले के अधिकारियों का कार्यकाल ऐसा रहा कि जिन खदानों में कोयले का भण्डार मौजूद होने के बावजूद लगन की कमी होने के चलते उन्हें बंद भी करना पड़ा।

सभी क्षेत्रों में होगा विकास :

महाप्रबंधक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बटुरा-रामपुर परियोजना जल्द ही शुरू होगी, जिससे रोजगार के अवसर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मुहैया हो सकेंगे। शहडोल और अनूपपुर जिले का विकास भी होगा, परियोजना की शुरूआत होने में जो दिक्कतें आ रही थीं, लगभग को दूर किया जा चुका है, कुछ शेष बची हैं, वह भी जल्द दूर हो जायेंगी। लोगों को सामाजिक, आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का मौका मिलेगा, इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण, विशाल पौध रोपण कार्यक्रम के साथ ही सीएसआर गतिविधियों के तहत अन्य योजनाएं भी संचालित की जायेंगी, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल उन्नयन सहित अन्य योजनाएं शामिल रहेंगी।

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