इंदौर : दशहरे पर भजिया हुआ महंगा

इंदौर, मध्य प्रदेश : त्योहारी सीजन और कोरोना काल में आम लोगों के लिए दाल, सब्जी, तेल से लेकर अन्य सामान खरीदना मुहाल हो गया है।
इंदौर : दशहरे पर भजिया हुआ महंगा
आलू, प्याज, हरि सब्जियां, तेल से लेकर अन्य सामान हुआ महंगाSyed Dabeer - RE

इंदौर, मध्य प्रदेश। त्योहारी सीजन और कोरोना काल में आम लोगों के लिए दाल, सब्जी, तेल से लेकर अन्य सामान खरीदना मुहाल हो गया है। दशहरे पर घर-परिवार में बनने वाला भजिया भी महंगाई के चलते लोगों की कमर तोड़ रहा है। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही हर वस्तु महंगी होती जा रही है। त्योहारी सीजन में सब्जी के दामों में वृद्धि त्योहारों के मजे को किरकिरा कर रही है।

पहले कोरोना वायरस संक्रमण से लोग परेशान हैं अब दूसरी तरफ महंगाई चुपके से लोगों की कमर तोड़ने में लगी है। थाली से सब्जियां गायब हो रही हैं, रसोई में तड़का लगाना मुश्किल हो रहा है।

कॉलोनी के हिसाब से तय होते हैं सब्जियों के रेट :

बरसात के मौसम में हरी सब्जियों की महंगाई तो हर साल रहती है लेकिन इस साल आलू का दाम भी लगातार आसमान छू रहा है। आलू का भाव 28 से 45 रुपए किलो पहुंच गया है। प्याज, टमाटर, हरि सब्जियों से लेकर अन्य खाद्य सामग्री के दाम में भी लगातार इजाफा हो रहा है। बीते तीन महीने में तमाम हरी सब्जियों की कीमतें दोगुनी-तिगुनी तक बढ़ गई जिससे आम लोगों के लिए सब्जी खाना मुश्किल हो गया है। इस वक्त सब्जियों की कीमतों ने रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। आलू-टमाटर से लेकर प्याज और अन्य हरी सब्जियों की कीमतें इस वक्त आसमान छू रही है। हालांकि थोक मंडियों में सब्जियों का भाव कुछ हद तक कम है, लेकिन कॉलोनी तक पहुंचने के बाद कीमतों में दोगुने से 'यादा का अंतर हो जाता है। कॉलोनी के हिसाब से सब्जियों के रेट तय होते हैं। पॉश कॉलोनी में सब्जियां काफी महंगी है वहीं छोटी कॉलोनियों, मोहल्लों में सब्जियां थोड़ी कम महंगी हैं।

बारिश का असर पड़ा आलू-प्याज पर :

प्रदेश के कई हिस्सों में अक्टूबर महीने में भारी बारिश की वजह से प्याज की फसल को नुकसान भी हुआ है, जिसके बाद सप्लाई कुछ कम हो गई है। कारोबारियों के अनुसार अभी सब्जियों, खाद्य तेल और दालों की कीमतें कम होने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। इसकी वजह अनलॉक-5 लागू होने के बाद एकदम से मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर आना है। त्योहारी सीजन में मांग और बढऩे से कीमत में ओर तेजी आने की पूरी संभावना है। मंडी में प्याज 25 से 40 रुपए, आलू 28 से 45 रुपए और टमाटर 35 से 40 रुपए के बीच उपलब्ध है। हाल के दिनों में आलू, प्याज और टमाटर की कीमत तेजी से बढ़ी और यह तेजी त्योहारी सीजन तक जारी रह सकती है। हालांकि यहां से बहुत बड़ा उछाल आने की उम्मीद नहीं है। मंडी से खुदरा बाजार में आते-आते इनके दाम में दोगुना तक अंतर देखने को मिल रहा है।

खाद्य तेल में हुई 39 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी :

बाजार के दिग्गजों की माने तो खाद्य तेल में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। वहीं अन्य कुछ तेलों में तो 20 से 39 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी देखी गई। मूंगफली तेल गत वर्ष से 39 फीसदी , सोया तेल 30 फीसदी , कपास्या तेल 27फीसदी और पॉम तेल 25 फीसदी महंगे हुए हैं। देश-विदेश के बाजारों में खाद्य तेलों के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले काफी महंगे हो चुके हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भाव में फिलहाल मंदी के आसार कमजोर हैं। कारोबारियों के अनुसार विगत एक वर्ष पूर्व के भाव से तुलना की जाए तो इस समय मूंगफली तेल 39 फीसदी, सोया तेल 30 फीसदी व पाम तेल 25 फीसदी महंगा है। शहर में मूंगफली तेल 150 से 160 रुपए, सरसो तेल 120 से 125 रुपए, सूरजमुखी 140 से 145 रुपए सोया तेल 105 से 110 रुपए है। यानि कोई भी तेल 100 रुपए किलो से कम नहीं है।

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