भोपाल : प्रदेश के कुल बजट का 7.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होगा
प्रदेश के कुल बजट का 7.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होगाSocial Media

भोपाल : प्रदेश के कुल बजट का 7.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होगा

भोपाल, मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को साकार रूप देने के लिए प्रदेश में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया गया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्म-निर्भर भारत के मंत्र को साकार रूप देने के लिए प्रदेश में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया गया है। इसमें स्वास्थ्य प्रमुख घटक है। प्रदेश के कुल बजट का 7.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च होगा। प्रदेश में डॉक्टरों की कमी न रहे इसके लिए नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सहित विशेषज्ञ सुविधाओं का लाभ जन-जन को उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का हरसंभव उपयोग किया जा रहा है। टेली मेडिसिन सुविधा और मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर सुमन वरदान सिद्ध होंगे।

जबलपुर को प्रथम और और भोपाल के जेपी अस्पताल को मिला द्वितीय पुरस्कार :

श्री चौहान ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कायाकल्प अवार्ड वर्ष 2020-21 प्रदान किये। स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छ वातावरण विकसित करने के लिए वर्ष 2015 से कायाकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। पचास लाख रुपए का प्रथम अवार्ड सेठ गोविन्द दास जिला चिकित्सालय जबलपुर को, 20 लाख रुपए का द्वितीय अवार्ड जेपी अस्पताल भोपाल को, 10 लाख रुपए का तृतीय अवार्ड जिला चिकित्सालय विदिशा, निरंतर उत्कृष्टता पुरस्कार जिला चिकित्सालय सिवनी और फास्टेस्ट इम्प्रूविंग पुरस्कार जिला चिकित्सालय नीमच को प्रदान किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर प्रथम पुरस्कार इछावर जिला सीहोर, द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से रामनगर जिला सतना तथा पाटन जिला जबलपुर और निरंतर उत्कृष्टता पुरस्कार रानी दुर्गावती सिविल अस्पताल जबलपुर को प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री ने प्रतिस्पर्धा के भाव के परिणाम स्वरूप जिला चिकित्सालयों में बेहतर होती सेवाओं और स्वच्छता की सराहना की।

श्री चौहान शनिवार को यहां मिंटो हाल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कन्या पूजन के साथ आरंभ हुए इस कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, सचिव और आयुक्त स्वास्थ्य संजय गोयल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक छवि भारद्वाज उपस्थित थीं।

विक्टोरिया नहीं, सेठ गोविंद दास जिला चिकित्सालय होगा नाम :

मुख्यमंत्री ने जबलपुर के सेठ गोविन्द दास विक्टोरिया चिकित्सालय का नाम सेठ गोविन्द दास जिला चिकित्सालय करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमें गुलामी के प्रतीकों को विदा करना जरूरी है। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कटंगी जिला जबलपुर में आरंभ हुई टेली मेडिसिन सुविधा से लाभ पा रहे मरीज अनुपम जैन से बात की। श्री जैन ने कहा कि इस सुविधा से अब बार-बार जबलपुर जाने की जरूरत नहीं होगी।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा है लगातार विस्तार : डॉ. चौधरी

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार जारी है। प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक नि:शुल्क वितरित की जाने वाली दवाओं और मेडिकल जाँचों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना चुनौतिपूर्ण रहा है। टेली मेडिसिन जैसी तकनीक की मदद से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी विशेषज्ञ सेवाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

सभी जिला चिकित्सालयों में टेली मेडिसिन सुविधा :

टेली मेडिसन सुविधा के अंर्तगत हब पर विशेषज्ञ रहते हैं, जो स्पोक स्तर पर टेली कंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श देते हैं। वर्तमान में प्रदेश के 51 जिला चिकित्सालयों में हब की स्थापना की गई है, जो 4200 उप स्वास्थ्य केंद्रों को टेली कंसल्टेशन दे रहे हैं। कार्यक्रम में 550 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा आरंभ की गई। शिशु रोग, स्त्री रोग तथा मेडिसिन विशेषज्ञ हब केंद्रों से चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पैथालॉजी और अन्य जांचों की सुविधा भी होगी। राज्य शासन द्वारा प्रति कंसल्टेशन 215 रुपए का भार वहन किया जाएगा।

सभी जिला अस्पतालों में होगी सुमन हेल्थ डेस्क :

हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच और प्रबंधन प्रदान किए जाने की मानिटिरिंग के लिए राज्य स्तर पर एकीकृत कमांड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। राज्य स्तर पर 15 सीटर काल सेंटर 2437 कार्यरत रहेगा। सभी 51 जिला चिकित्सालय और 13 मेडिकल कॉलेज में सुमन हेल्थ डेस्क होंगे।

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