Bhopal : राजधानी में 80 हजार बच्चे लापता, डायरेक्टर ने मैदानी अमले को किया तलब
राजधानी में 80 हजार बच्चे लापताRaj Express

Bhopal : राजधानी में 80 हजार बच्चे लापता, डायरेक्टर ने मैदानी अमले को किया तलब

कोरोना की लहर कम होते ही समूचे प्रदेश के साथ-साथ राजधानी में उन बच्चों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे। जो कभी कक्षाओं में पढ़ते थे, लेकिन अब शाला त्यागी हो चुके हैं।

हाइलाइट्स :

  • जमकर लताड़ा बीआरसीसी को, दो को हटाने के लिए तक कह दिया।

  • शैक्षणिक व्यवस्था बनाने में अन्य जिलों से काफी पिछड़ा है भोपाल जिला।

भोपाल, मध्यप्रदेश। शिक्षा विभाग के रिकार्ड में दर्ज 80 हजार बच्चे राजधानी से लापता हो गए हैं। पिछले करीब 2 माह पहले इन बच्चों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए थे। भोपाल में सबसे ज्यादा हालत खराब है। यहां पर इन बच्चों की खोज नहीं हो पाई है तो राज्य शिक्षा केन्द्र डायरेक्टर की जमकर नाराजगी सामने आई।

कोरोना की लहर कम होते ही समूचे प्रदेश के साथ-साथ राजधानी में उन बच्चों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे। जो कभी कक्षाओं में पढ़ते थे, लेकिन अब शाला त्यागी हो चुके हैं। एनआईसी के आधार पर समग्र आईडी ले चुके इन बच्चों की बकायदा शिक्षकों को सूची भी उपलब्ध कराई गई थी। इसी के माध्यम से सर्वे किया जाना था। क्योंकि सूची के आधार पर ही बच्चे विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। इन बच्चों की खोज करने का जिम्मा भोपाल के चारों बीआरसीसी कार्यालय को दिया गया था। इस कार्य में प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत शिक्षकों को बच्चों की खोज करना थी। जुलाई से काम प्रारंभ हुआ था और अब अगस्त के बाद सितंबर निकलने को है। अभी तक राजधानी की शालाओं में दर्ज 80 हजार बच्चों की खोज नहीं हो पाई है। इन हालातों में राज शिक्षा केंद्र की चिंता बढ़ गई है। इस लापरवाही से घबराए राज्य शिक्षा केंद्र ने पूरे मैदानी अमले को तलब कर लिया है। शुक्रवार को राज्य शिक्षा केंद्र में भोपाल के चारों कार्यालयों के बीआरसीसी, एपीसी और बीएसी के अलावा 80 जनशिक्षकों को केंद्र में बुलाया गया। केन्द्र डायरेक्टर ने स्वयं इस कार्य की समीक्षा की। इनसे पूछा गया कि आखिर यह बच्चे लापता क्यों है। अगर सर्वे किया गया है तो फिर यह बच्चे संबंधित पदों पर क्यों नहीं मिले हैं। हर बीआरसीसी से यही सवाल किया गया। सबसे अधिक खराब स्थिति फंदा नया और पुराना शहर एवं बैरसिया की देखने को मिली है। यहां पर अभी 50 फीसदी सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाया है। बीआरसीसी भी अनेक प्रकार की समस्याएं बताते रहे। कोरोना का जहां हवाला दिया गया वहीं यह शिकायत भी दर्ज करवाई की उन्हें जो सूची उपलब्ध कराई गई थी उसके अनुसार बच्चे संबंधित पते पर मिल ही नहीं रहे हैं तो वह आखिर कैसे ढूंढ कर लाए।

बीआरसीसी पर जमकर फटकार :

बैठक में केन्द्र डायरेक्टर धनराजू एस ने बीआरसीसी पर जमकर नाराजगी जाहिर की। खासकर शहर में यह काम शून्य स्थिति में है। जानकारी है कि इस लापरवाही को लेकर उन्होंने फंदा नया और पुराना शहर बीआरसीसी अलावा स्टेशन एरिया के के दो जनशिक्षकों को हटाने तक के लिए बैठक में मौखिक निर्देश दे दिए, लेकिन देर शाम तक इसके आदेश जारी नहीं हुए थे। हालांकि इस संबंध में दूरभाष पर चर्चा करते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर यह सामान्य बैठक थी। व्यवस्था बनाने के लिए ऐसी बैठकें होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी ओर से कोई बयान नहीं देते हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.
Top Hindi News Bhopal,Trending, Latest viral news,Breaking News - Raj Express
www.rajexpress.co