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समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आए
समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आए|Deepika Pal - RE
मध्य प्रदेश

प्रदेश में CAA लागू हो: समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आए

भोपाल, मध्यप्रदेश : CAA को लेकर प्रदेश में व्याप्त विरोध प्रदर्शन के बाद अब कानून को लेकर भाजपा द्वारा जनता के बीच जागरुकता अभियान लगातार है जारी।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। मध्यप्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदेश की जनता द्वारा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है, इसी के बीच अब जनता में इस कानून के बारे में जागरुकता जगाने और कानून को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए भाजपा द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें भाजपा के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं के द्वारा घर-घर जाकर लोगों को कानून के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके चलते ही बीते दिन हजारों की संख्या में सभी वर्गों के लोग समेत दिग्गज नेता कानून के समर्थन में सड़कों पर आए और कानून को लागू करने की मांग की।

पैदल चलकर निकाला समर्थन मार्च :

इस संबंध में भाजपा और प्रत्येक वर्ग के लोगों द्वारा यह समर्थन मार्च भारत माता चौराहे से रौशनपुरा तक पैदल चलकर निकाला गया। इस मार्च में हजारों की संख्या में लोगों के अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, बीजेपी विधायक कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल थे। बता दें कि, यह समर्थन मार्च जागरुक नागरिक मंच की ओर से बुलाया गया था। जिसमें लोग कानून को प्रदेश में लागू कराने की मांग के साथ हाथों में तिरंगा लेकर 1 किलोमीटर पैदल चले।

सांसद प्रज्ञा ने विपक्ष और वामपंथियों को ठहराया जिम्मेदार :

इस संबंध में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जनता के बीच जागरूकता फैलाते हुए सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी सोसायटी के लोगों को कानून की जानकारी दी। साथ ही कहा कि, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भले ही घोषणा की हो कि, प्रदेश में CAA को लागू होने नहीं दिया जाएगा, लेकिन भाजपा का मानना है कि, इस कानून को प्रदेश में लागू होना चाहिए जिसके लिए भाजपा द्वारा जनजागरुकता अभियान के तहत लोगों में जागरुक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि, इस कानून को लेकर कांग्रेस और वामपंथियों ने लोगों के मन में शंकाए पैदा की हैं, देश में हिंसा पैदा करने का कारण और जिम्मेदार विपक्ष है। इस कानून का विरोध करना संवैधानिक अपराध है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कानून लागू न करने की, की घोषणा :

बता दें कि, इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में कानून को लागू न करने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं, मुख्यमंत्री ने कहा था कि, कानून पर फैसला कांग्रेस के आला नेताओं के निर्देश पर लिए जाएगा। साथ ही कहा कांग्रेस की जो गाइडलाइन होगी उसका ही पालन किया जाएगा । इस कानून के विरोध में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ विरोध मार्च भी निकाला गया था।

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