पिछले चुनाव में जीते पार्षदों के लिए चुनौती
पिछले चुनाव में जीते पार्षदों के लिए चुनौतीसांकेतिक चित्र

Bhopal : पिछले चुनाव में जीते पार्षदों के लिए चुनौती, दूसरे वार्डों की तलाश में जुटे

भोपाल, मध्यप्रदेश : नगर निगम चुनाव आरक्षण के साथ ही पार्षद के उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है। यानि किस वार्ड में क्या स्थिति रहेगी, उस हिसाब से ही दावेदारी होगी।

भोपाल, मध्यप्रदेश। नगर निगम चुनाव आरक्षण के साथ ही पार्षद के उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है। यानि किस वार्ड में क्या स्थिति रहेगी, उस हिसाब से ही दावेदारी होगी। पिछले चुनाव में जीते कई पार्षदों को अब दूसरे वार्ड तलाशना पड़ेंगे। पिछले कार्यकाल में एमआईसी मेंबर रहे 5 पार्षदों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। स्थिति यह है कि अब वह अपनी पत्नियों को भी अपने वार्ड से नहीं लड़ा सकते। जबकि 4 एमआईसी मेंबरों के लिए यह आरक्षण लकी साबित हुआ। दोबारा उसी वार्ड से मैदान में आ सकते हैं।

गौरतलब है कि बुधवार को नगर निगम चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने आरक्षण कर स्थिति साफ कर दी। चुनाव को लेकर अचार संहिता जब भी लागू हो, लेकिन अभी से चुनावी गणित शुरू हो गया है। दोनों ही दल कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद के दावेदार वार्डों में सक्रिए हो गए हैं। आरक्षण होते ही सोशल मीडिया पर नेताओं ने अपने-अपने वार्डों की दावेदारी रखी। देर रात तक बधाईयों का सिलसिला चलता रहा।

आरक्षण से मिली मायूसी :

  • सुरजीत सिंह चौहान पिछले कार्यकाल में अध्यक्ष थे और वार्ड 51 से पार्षद थे। अब यह वार्ड अनारक्षित महिला हो गया है।

  • कृष्ण मोहन सोनी पहले वार्ड 2 से पार्षद थे। वर्तमान में यह वार्ड अनारक्षित महिला हो गया।

  • मो. सगीर बीते कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष थे। वर्ष 1999 से लगातार पार्षद रहे और पिछले चुनाव में वार्ड 43 से पार्षद थे। अब यह वार्ड अनारक्षित महिला हो गया है।

  • एमआईसी मेंबर और सीनियर पार्षद महेश मकवाना वार्ड 10 से पार्षद थे। यह वार्ड अब एससी महिला हो गया।

  • एमआईसी मेंबर सुरेन्द्र बाडिका वार्ड 64 से पार्षद थे। अब यह वार्ड अनारक्षित महिला हो गया।

  • एमआईसी मेंबर भूरालाल माली वार्ड 82 से पार्षद थे। अब यह वार्ड भी अनारक्षित महिला हो गया।

  • एमआईसी मेंबर दिनेश यादव वार्ड 35 से पार्षद थे। यह वार्ड ओबीसी महिला हो गया।

  • एमआईसी मेंबर मनोज चौबे वार्ड 37 से पार्षद थे। यह वार्ड ओबीसी महिला हो गया।

  • वार्ड 56 से पार्षद रहे केवल मिश्रा एमआईसी मेंबर भी थे। उनका वार्ड अनारक्षित हो गया। दोबारा इसी वार्ड से लड़ेंगे।

  • वार्ड 33 से पार्षद रहे शंकर मकोरिया एमआईसी मेंबर थे। अब यह वार्ड अनारक्षित हो गया है। यानि कोई भी इस वार्ड से चुनाव लड़ सकता है।

  • वार्ड 44 से पार्षद रहीं मंजूश्री बारकिया एमआईसी मेंबर थीं। उनका वार्ड अनारक्षित हो गया।

  • वार्ड 72 से पार्षद रहीं आशा जैन भी एमआईसी मेंबर थीं। उनका वार्ड ओबीसी हो गया।

  • वार्ड 46 से पार्षद रहे योगेन्द्र सिंह चौहान गुड्डू का वार्ड सामान्य हो गया। दोबारा चुनाव लड़ेंगे।

यह थे परिषद के चर्चित चेहरे, अब पत्नियों के भरोसे होगी राजनीति :

  • वार्ड 7 से पार्षद रहे मनोज राठौर का वार्ड सामान्य महिला हो गया।

  • वार्ड 8 से पार्षद रहे मो. सऊद का वार्ड भी ओबीसी महिला हो गया है। ऐसी स्थिति में मो. सऊद को दूसरा वार्ड तलाशना पड़ेगा, या वार्ड 7 से पत्नि को चुनाव में उतारेंगे।

  • वार्ड 9 से कांग्रेस नेता शाहिद अली की पत्नि शबाना अली पार्षद थीं। अब यह वार्ड ओबीसी महिला हो गया।

  • वार्ड 14 से अब्दुल शफीक खान पार्षद थे। उनका वार्ड अब सामान्य महिला हो गया।

  • वार्ड 23 से दो बार पार्षद रहे रफीक कुरैशी का वार्ड सामान्य महिला हो गया। राजनीति बरकरार रखने के लिए पत्नि को चुनाव में उतार सकते हैं।

  • वार्ड 29 से पार्षद रहीं संतोष कसाना का वार्ड ओबीसी हो गया है।

  • वार्ड 30 से पार्षद रहीं सीमा सक्सेना का वार्ड सामान्य हो गया। अब यहां से उनके पति प्रवीण सक्सेना चुनाव लड़ सकते हैं।

  • वार्ड 31 से पार्षद रहे अमित शर्मा का वार्ड ओबीसी महिला हो गया। ऐसी स्थिति में उन्हें दूसरे वार्ड जाना पड़ेगा।

  • वार्ड 32 से पार्षद रहे जगदीश यादव का वार्ड सामान्य महिला हो गया। ऐसे में वह अपनी पत्नि को चुनाव लड़वा सकते हैं।

  • वार्ड 34 से पार्षद रहीं मीना यादव का वार्ड सामान्य हो गया। लंबे समय से उनके पति यशवंत यादव इस वार्ड से चुनाव लड़ने के मूड में हैं।

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