मास्क का उपयोग नहीं करने पर जुर्माना लगाएं : शिवराज सिंह

श्री चौहान ने बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा विभिन्न मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदेश के कलेक्टर्स से कोविड-19 की स्थिति की जानकारी प्राप्त की और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मास्क का उपयोग नहीं करने पर जुर्माना लगाएं : शिवराज सिंह
समीक्षा बैठक लेते मुख्यमंत्रीSocial Media

भोपाल, मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्व में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का संक्रमण देखने को मिल रहा है। भारतीय राज्यों में भी संक्रमण बढ़ रहा है। लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं बल्कि अधिक से अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है।

श्री चौहान ने बुधवार को यहां मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा विभिन्न मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदेश के कलेक्टर्स से कोविड-19 की स्थिति की जानकारी प्राप्त की और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भोपाल सहित जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर के कलेक्टरों से किए गए प्रबंध की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर में संक्रमित रोगियों के आइसोलेशन की समुचित व्यवस्था हो। प्रभारी अधिकारी जिलों के संपर्क में रहें। सभी सावधानियों का पालन करवाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहले की तरह इस बार भी सबके साथ मिलकर इस संक्रमण का मुकाबला करेंगे, लड़ेंगे और जीतेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग किया जाए। मॉस्क का उपयोग न करने पर जुर्माना लगाया जाए। अभी अनेक राज्यों में नाइट कफ्र्यू के अलावा अन्य प्रतिबंध नहीं है। मध्यप्रदेश में भी कोई नए सख्त प्रतिबंध नहीं होंगे, लेकिन विभिन्न अवसरों पर उपस्थिति की संख्या सीमित करने का निर्णय हुआ है।

प्रतिदिन हो 60 हजार कोरोना टेस्ट :

श्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन कम से कम 60 हजार कोरोना टेस्ट राज्य में हों। अस्पतालों में आवश्यकतानुसार बेड की व्यवस्था हो। कोविड केयर सेंटर्स में भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में एक से सवा लाख बिस्तरों की क्षमता निर्मित रहे। केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप उपचार और अन्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। संक्रमण से घबराए नहीं पूरी सावधानियां रखते हुए आमजन को जागरूक किया जाए।

भोपाल और इंदौर के स्टेडियम में आइसोलेशन के प्रबंध करें :

सीएम ने कहा कि पूर्व की कोरोना लहरों के समय भोपाल में लाल परेड ग्राउंड के पास मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आइसोलेशन के लिए जो व्यवस्था की गई थीं। उसकी तैयारी अभी भी रखी जाए। संक्रमण का प्रभाव कम होने के बावजूद यह व्यवस्था एहतियातन कर ली जाए। इसी तरह इंदौर में भी स्टेडियम में रोगियों को आइसोलेट रखने के प्रबंध सुनिश्चित हों।

कलेक्टरों ने दी जानकारी :

जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि प्रतिदिन करीब पांच हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। अभी 73 प्रकरण सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने जबलपुर में बिस्तर क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ग्वालियर ने बताया कि मंगलवारर को 58 प्रकरण सामने आए हैं। छह हजार बेड उपलब्ध हैं। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी की जा रही है।कलेक्टर इंदौर ने बताया कि संक्रमण को देखते हुए चिकित्सकों से उपचार में औषधियों के निर्धारण के संबंध में भी चर्चा हुई है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय में कोविड केयर सेंटर प्रारंभ किया गया है। नेहरू स्टेडियम में भी करीब एक हजार बिस्तर क्षमता का केन्द्र शुरू करने की तैयारी है।

एसीएस ने दिया प्रजेंटेशन :

श्री चौहान के समक्ष अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने प्रेजेंटेशन दिया। बताया गया कि मध्यप्रदेश में 594 कोरोना केसेस हैं। देश में 42 हजार और विश्व में 18 लाख केस आए हैं। प्रदेश के कुल प्रकरणों में लगभग आधे प्रकरण इंदौर में है। कुल रोगियों में से अस्पताल में लगभग 8 प्रतिशत रोगी आइसोलेटेड किए गए हैं। शेष संक्रमित घर पर ही आइसोलेट हैं।

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