CM ने सड़कों का किया ई-लोकार्पण, प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की कही बात

भोपाल, मध्यप्रदेश : प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने MP के चुनाव अप्रभावित 33 ज़िलों में 1,359 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित 4,120 किमी लंबी 12,960 ग्रामीण सड़कों का ई-लोकार्पण किया।
CM ने सड़कों का किया ई-लोकार्पण, प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की कही बात
CM ने सड़कों का किया ई-लोकार्पणSocial Media

भोपाल, मध्यप्रदेश। कोरोना संकट के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यानि 8 अक्टूबर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनायी गयी 4 हजार 120 किलो मीटर लंबी 12 हजार 960 ग्रामीण सड़कों का वर्चुअल कार्यक्रम में लोकार्पण किया है। बता दें कि ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत यह सड़कें 1359 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने 13 हजार ग्रामीण सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण किया

मध्यप्रदेश में नवनिर्मित 4,120 किमी लंबी 12,960 ग्रामीण सड़कों का ई-लोकार्पण कार्यक्रम। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के चुनाव अप्रभावित 33 ज़िलों में 1,359 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित 4,120 किमी लंबी 12,960 ग्रामीण सड़कों का ई-लोकार्पण किया। वहीं ट्वीट कर कहा कि मेरे प्रिय ग्रामवासियों, आपको वचन देता हूँ, अगले तीन सालों में कोई भी गरीब नागरिक कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सभी को पक्का मकान मिलेगा।

आगे मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा-

कोरोना काल में भी हमने निर्माण कार्य जारी रखा और इतनी सड़कें निर्मित की। इन सभी सड़कों को मैं आप सभी ग्रामवासियों को समर्पित करता हूँ। जो गांव अभी छूट गए हैं, उन्हें भी सड़क की सौगात दी जाएगी। शिवराज ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री बना तो कोरोना का प्रकोप था। हमारी कर्मठता के चलते आज इसका संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है। हमें सावधानी बरतनी है। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक मास्क ही वैक्सीन है। सावधानी में ही सुरक्षा है। मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना के माध्यम से हम खेतों तक सड़कों को पहुंचायेंगे, ताकि किसान अपने खेतों से उपज बेचने के लिए आसानी से बाजार तक पहुंचा सके। ऐसे प्रयासों से किसानों की आय दोगुनी होगी।

शिवराज ने प्रवासी मज़दूरो को रोजगार देने की कही बात :

वही शिवराज ने प्रवासी मज़दूर जो वापस आ रहे थे, उन्हें मनरेगा के अंतर्गत रोजगार दिया। स्किल्ड लेबर्स के लिए रोजगार सेतु बनाया। करीब 37 लाख गरीबों को पात्रता पर्ची बाँट कर उन्हें राशन उपलब्ध कराया। आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने कोरोना काल में गरीबों को नि:शुल्क अनाज प्रदाय की व्यवस्था करायी। चुनौती के इस समय हमारी सरकार ने भी गरीबों को एक रुपये किलो गेहूं, चावल और नमक देना प्रारम्भ कर दिया है। कोरोना काल में गेहूँ का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। हमने भी तैयारी की और 129 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उपार्जित कर पंजाब को पीछे छोड़ा और किसानों के खातों में रु. 25,000 करोड़ डाले।

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