महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर सीएम ने किया कोटिश: नमन
डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर सीएम ने किया कोटिश: नमनDeepika Pal- RE

महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर सीएम ने किया कोटिश: नमन

भोपाल, मध्यप्रदेश: देश के महान वैज्ञानिक और अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने नमन किया है।

भोपाल, मध्यप्रदेश। वैश्विक महामारी कोरोना के संकटकाल के साथ ही साल 2020 समाप्त हो रहा है जिस बीच ही देश समेत प्रदेश में कई मुद्दें सामने आए वहीं दूसरी तरफ कई बदलाव भी हुए है। इससे अलग देश की महान विभूतियों को नमन करने की प्रक्रिया में आज यानि की 30 दिसंबर को देश के महान वैज्ञानिक और अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने नमन किया है।

सीएम शिवराज ने महान वैज्ञानिक को स्मरण कर कही बात

इस संबंध में, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई को नमन और स्मरण किया है। जहां कहा कि, भारत में अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक, डॉ. विक्रम साराभाई की पुण्यतिथि पर कोटिश: नमन। जो इंसान भारी कोलाहल में भी संगीत को सुन सकता है, वह महान उपलब्धि को प्राप्त कर सकता है वह महान व्यक्तित्व विक्रम साराभाई है। जहां विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए आपको सदैव याद किया जायेगा।

महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई को लेकर खास बात

इस संबंध में, देश में अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के व्यक्तित्व और उनके विषय में जानकारी देते हुए बताते चलें कि, वैज्ञानिक साराभाई ISRO की प्रणाली के संस्थापक रहे है तो वही यह दुनिया में विदित है कि, वह विक्रम साराभाई ही थे जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान दिलाया। तो वहीं इसके अलावा उन्होंने अन्य क्षेत्रों जैसे वस्त्र, भेषज, आणविक ऊर्जा, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य अनेक क्षेत्रों में भी बराबर का योगदान किया। उनकी जीवनी को लेकर बताते चलें कि, 12 अगस्त 1919 में गुजरात के अहमदाबाद में वैज्ञानिक साराभाई का जन्म हुआ था जिनका पूरा नाम विक्रम अंबालाल साराभाई था। इन्होंने 86 वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे एवं 40 संस्थान खोले। तिरुवनन्तपुरम (केरल) के कोवलम में 30 दिसम्बर 1971 को डॉ॰ साराभाई का देहान्त हो गया। आपको बताते चलें कि, इस महान वैज्ञानिक के सम्मान में तिरुवनंतपुरम में स्थापित थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लाँचिंग स्टेशन (टीईआरएलएस) और सम्बद्ध अंतरिक्ष संस्थाओं का नाम बदल कर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र रख दिया गया था।

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